बेरला ब्लाक के सैकड़ो किसानों ने बिना सूचना के बिजली काटे जाने से खड़ी फसल को होने वाले नुकसान को लेकर मिले पूर्व विधायक से
किसानों के बोरवेल कनेक्शन काटने को लेकर 19 फरवरी को कांग्रेस करेगी जिला कलेक्ट्रेट का घेराव एवं धरना प्रदर्शन
प्रमोद गुप्ता/बेमेतरा 17 फरवरी 2026 - जिला कांग्रेस कमेटी बेमेतरा अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक आशीष छाबड़ा से आज बेमेतरा विधानसभा के अंतर्गत बेरला विकासखंड के ग्राम देवरी, बीजाभाट, अमोरा, बावनलाख, सरदा, अतरघढी, जौग एवं आन्दू से आए हुए सैकड़ो किसानों ने अपने खेतों में लगे हुए बोरवेल की बिना किसी सूचना के बिजली काटे जाने से खड़ी फसल को होने वाले नुकसान को लेकर अपनी व्यथा बताने पूर्व विधायक के कार्यालय पहुंचे थे। किसानों ने पूर्व विधायक के समक्ष इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की तथा अपनी पीड़ा पूर्व विधायक को बताई कि सिंचाई व्यवस्था बाधित होने से किस तरह उनकी आजीविका पर सीधा असर पड़ने वाला है। किसानों के द्वारा जिला कांग्रेस कमेटी से इस मामले में सहयोग तथा उनकी आवाज उठाने की मांग सहित जन आंदोलन करने की मांग की गई, जिस पर जिला कांग्रेस कमेटी बेमेतरा अध्यक्ष एवं बेमेतरा के पूर्व विधायक ने दिनांक 19 फरवरी को दोपहर 12 बजे जिला कलेक्ट्रेट बेमेतरा के सामने धरना प्रदर्शन एवं जिला कलेक्ट्रेट का घेराव करने की बात कही है।
किसानों को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक ने कहा कि भाजपा सरकार शुरू से किसान विरोधी सरकार रही है, जब से बीजेपी छत्तीसगढ़ प्रदेश में सत्ता में काबिज हुई है, तब से आज तक सिर्फ किसानों को परेशान करने का काम विष्णु देव साय की सरकार ने किया है। जिस तरह प्रदेश में सरकार ने धान खरीदी की है और हजारों किसान आज भी अपना धान लिए बैठे हैं, जिनके धान सोसाइटी में नहीं बिक सके। अगर प्रशासन को दूसरी फसल के रूप में धान की फसल को प्रतिबंधित करना ही है तो पूर्व में ही किसानों को चेतावनी दे दी जानी चाहिए थी कि अगर किसी किसान ने धान की फसल लगाए तो उसे बिजली की सुविधा नहीं दी जाएगी, उसके बिजली काट ली जाएगी, किंतु प्रशासन के द्वारा इस तरह से किसी भी प्रकार का कोई अल्टीमेटम किसानों को नहीं दिया गया। आज जब किसानों की फसल तैयार हो चुकी है, उन्हें पानी की सख्त जरूरत है, ऐसी स्थिति में हरकत में आए बिजली विभाग ने किसानों के साथ पीठ में छुरा घोपने वाला काम किया है। किसान बुरी तरह से परेशान है, किसानों ने इस फसल के दम पर ही लाखों रुपए के कृषि लोन लिए हुए हैं, साहूकारों से लोन लेकर बैठे हुए हैं, अब अगर फसल चौपट हो जाती है, तो इसकी जिम्मेवारी कौन लेगा, समय रहते अगर बिजली विभाग चौकन्ना रहता और किसानों को समझा देते की दूसरी फसल के रूप में धान की फसल ली गई जाएगी तो उन्हें विद्युत विच्छेद का सामना करना पड़ेगा, ऐसी स्थिति में किसान दूसरी फसल के रूप में धान की बुवाई करते ही नहीं। आज जब किसानों को बिजली की सख्त आवश्यकता है, प्रशासन अपनी कुंभकरण नींद से जगा है और किसानों की खड़ी फसल को तबाह करने में जुट गया है। किसानों की व्यथा छत्तीसगढ़ के आम गरीब पिछड़ा एवं दलित वर्ग की समस्या है और कांग्रेस पार्टी हमेशा से ही किसान हितैसी पार्टी रही है। हम आए हुए किसानों को अकेला नहीं छोड़ सकते, किसानों के हित में जो भी करना होगा वह किया जाएगा। प्रशासन को हम अल्टीमेटम दे रहे हैं कि दो दिवस के अंदर अगर किसानों के विद्युत विच्छेद कनेक्शन को नहीं जोड़ा गया, तो जिला कांग्रेस कमेटी बेमेतरा जिला कलेक्ट्रेट बेमेतरा का घेराव व धरना प्रदर्शन करेगी, जिसकी जिम्मेवारी जिला प्रशासन बेमेतरा की होगी।