शनिवार, 7 फ़रवरी 2026

प्रधान जिला न्यायाधीश/अध्यक्ष बेमेतरा ने नेशनल लोक अदालत हेतु ली न्यायिक एवं प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक

आगामी नेशनल लोक अदालत का आयोजन 14 मार्च को 
प्रमोद गुप्ता/बेमेतरा 06 फरवरी 2026 - श्रीमती सरोज नंद दास प्रधान जिला न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बेमेतरा के अध्यक्षता में आगामी नेशनल लोक अदालत 14 मार्च 2026 के सफल आयोजन हेतु अधिक से अधिक संख्या में राजस्व प्रकरण के निराकरण के संबंध में पुलिस उप महानिरीक्षक रामकृष्ण साहू बेमेतरा, मोहित सिंह मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, श्रीमती अनिता कोशिमा रावटे सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बेमेतरा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हरीश यादव, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) प्रकाश कुमार भारद्वाज जिला बेमेतरा की उपस्थिति में बैठक लिया गया। अध्यक्ष द्वारा पुलिस विभाग को न्यायालय से पक्षकारों को प्री-सीटिंग हेतु जारी किये जा रहे नोटिस की तामिली पर विशेष ध्यान दिये जाने एवं राजस्व न्यायालयों में लंबित राजीनामा योग्य अधिक से अधिक मामले निराकृत किए जाने का निर्देश प्रदान किया गया। नेशनल लोक अदालत में राजीनामा के आधार पर निराकरण के लिए राजीनामा योग्य दाण्डिक प्रकरण, चैंक बाउन्स के मामले, मोटरयान अधिनियम से संबंधित प्रकरण, मोटर दुर्घटना दावा प्रकरण, निष्पादन, बीमा, चेक बाउंस, भरण-पोषण के प्रकरण, परिवार न्यायालय से संबंधित प्रकरण, सिविल वाद, विद्युत, जलकर व सम्पत्ति कर, टेलीफोन, बैंक रिकवरी प्ररकण तथा राजस्व प्रकरणों को नियत किया गया है। अध्यक्ष द्वारा आगामी नेशनल लोक अदालत के सफल आयोजन हेतु व्यापक प्रचार-प्रसार बैनर, पोस्टर, फ्लैक्स लगा कर किये जाने के संबंध में भी चर्चा किया गया। पक्षकारों से आपसी सुलह एवं समझौते से प्रकरणों का निराकरण किये जाने हेतु अधिक से अधिक प्रोत्साहित करने का प्रयास किये जाने के संबंध में चर्चा किया गया। 

रामायण मानव जीवन को परिपूर्ण करने वाला ग्रंथ - पं. बोसेन्द्र पांडेय

मटिया (बारगांव) में श्रीराम कथा के पहले दिन उमड़े श्रद्धालु, समापन कल 
प्रमोद गुप्ता/बेमेतरा 06 फरवरी 2026 - बेमेतरा जिले के बेरला ब्लाक के ग्राम मटिया (बारगांव) में आयोजित तीन दिवसीय श्रीराम कथा रामायण पाठ के पहले दिन गांव के पंडित बोसेन्द्र पांडेय ने राम भगवान के छायाचित्र की पूजा-अर्चना कर क्षेत्र की समृद्धि व खुशहाली की कामना की। उन्होंने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि राम चरित मानस गान के आयोजन से ग्राम में भक्ति का माहौल रहता है।
    रामायण हमारे जीवन को संपूर्ण करता है। रामायण से हमें प्रेरणा मिलती है कि जो घटनाएं प्रभु श्रीराम के साथ उस समय में घटी, वही आज हमारे साथ घटती है। प्रभु श्रीराम ने जिस प्रकार एक आदर्श के रूप में सामना कर मर्यादा पुरुषोत्तम कहलाए, उसी प्रकार हमारे जीवन में आने वाली कठिनाइयों का सामना हमें भी आदर्श के साथ करना चाहिए। हमें रामायण पाठ से भगवान श्रीराम चंद्र के जीवन में जो घटनाएं घटी और उस विषम परिस्थितियों में भगवान श्रीराम ने जो धैर्य का परिचय दिया है उसे हम सभी को आत्मसात करना चाहिए। राजेन्द्र यादव ने कहा कि रामायण पाठ से हमें यह भी ज्ञान होता है कि हमें अपने परिजनों, मित्रों से कैसा व्यवहार करना चाहिए। 
  कथा के दूसरे दिन शनिवार को राधा कृष्ण महिला मानस मंडली धुदा भखारा, वैदेही मानस मंडली गोपाल भैना नवागढ़, नूतन मानस मंडली धौराभाठा दुर्ग, सुर समृद्धि मानस मंडली बेमेतरा, योगेश्वरी मानस मंडली महिला दर्री भखारा, आदर्श मानस मंडली भरचट्टी बेरला, नवनीत मानस मंडी मोतीमपुर राजनंदगांव, सुयश मानस मंडली भेलवा कूदा धमतरी, कृष्ण मानस मंडली आनंदगांव की मंडलियों द्वारा महाप्रभु श्री राम के गाथाओ को सरल शब्दों में विस्तार पूर्वक वर्णन करते है, भक्तों द्वारा उतने ही भाव विभोर होकर प्रभु श्री राम की गाथाओ को सुनते है और अपने आपको तृष्णा से तृप्ति की ओर जाना महसूस करते हैं।

वाद्य यंत्रों के माध्यम से सुरीली प्रस्तुति 
मानस मंडली द्वारा राम चरित्र मानस की बाल पाठ, अरण्य काण्ड के दोहा आदि को प्रस्तुत किया गया। श्रीरामानुरागी बालिका मानस मंडली के कलाकारों द्वारा वाद्य यंत्रों के माध्यम से सुरीली प्रस्तुति दी गई। भगवान श्री राम से जुड़े कथाओं का उल्लेख करते हुए कलाकारों ने बारी-बारी से कार्यक्रम प्रस्तुत किया। कलाकारों द्वारा प्रस्तुत गीतों में ढोल, मंजीरे, खंजरी, तबला सहित अन्य वाद्य यंत्रों के माध्यम से मानस गान किया गया। सांस्कृतिक कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मटिया, कोसपातर सहित आस-पास के ग्रामीण उपस्थित थे। 

जुटे हुए हैं आयोजन के पदाधिकारी 
आयोजन को सफल बनाने में जय बजरंग मानस मंडली मटिया, हरिओम मानस मंडली, जय शंकर मानस मंडली, राधाकृष्ण मानस मंडली, जय महामाया जस झांकी मंडली मटिया, प्रेमलाल साहू, तुकाराम, जोहन साहू, रामकरण, नरसिंह साहू, ज्योति यादव, देवकी साहू, चमेली साहू, छन्नू, माखन, उदे निषाद, धर्मेंद्र पटेल, शिव यादव, शिव साहू, भारत ध्रुव, ईश्वर साहू, धर्मेंद्र साहू, नरसिंह साहू, टेंट संचालक अशोक साहू, गुलशन, साउंड सर्विस कामता साहू का सहयोग रहा। 

विभागीय उड़नदस्ता टीम ने कार्रवाई कर जप्त किया 13 मोटर पंप

ग्रीष्मकालीन धान की अवैध सिंचाई पर प्रशासन सख्त 
प्रमोद गुप्ता/बेमेतरा 06 फरवरी 2026 - ग्रीष्मकालीन धान की अवैध सिंचाई पर प्रभावी नियंत्रण हेतु प्रशासन द्वारा निरंतर निगरानी एवं सघन कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में बीते दिवस विभागीय उड़नदस्ता टीम द्वारा क्षेत्र भ्रमण के दौरान नियमों का उल्लंघन करते हुए ग्रीष्मकालीन धान की सिंचाई करते किसानों को पकड़ा गया। 
   उड़नदस्ता टीम ने कार्रवाई करते हुए ग्राम ताकम से 07, पाथरपूंजी से 02, सिंवार से 01 तथा सलधा से 03 नग मोटर पंप जप्त किए। इस प्रकार कुल 13 नग पंप जप्त कर नियमानुसार जब्ती की कार्यवाही की गई। 
     जांच के दौरान पाया गया कि संबंधित कृषकों द्वारा जल संरक्षण एवं शासन के निर्देशों की अवहेलना करते हुए प्रतिबंधित अवधि में ग्रीष्मकालीन धान की सिंचाई की जा रही थी, जिससे भू-जल स्तर पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका बनी हुई है।  
       प्रशासन द्वारा पूर्व में ही किसानों को ग्रीष्मकालीन धान के स्थान पर वैकल्पिक फसलों की खेती अपनाने एवं जल के विवेकपूर्ण उपयोग हेतु निर्देशित किया गया है। 

सख्त कार्यवाही - विभागीय अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जल संरक्षण अधिनियम एवं संबंधित आदेशों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। 

अपील - साथ ही कृषकों से अपील की गई है कि वे शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए जल का सदुपयोग करें तथा वैकल्पिक, कम पानी वाली फसलों की ओर अग्रसर हों। 

चेतावनी - प्रशासन ने यह भी चेतावनी दी है कि भविष्य में अवैध सिंचाई पाए जाने पर दंडात्मक कार्रवाई के साथ-साथ संबंधित उपकरणों की जब्ती की कार्यवाही और कड़ी की जाएगी। 

किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने कृषि विभाग की महत्वपूर्ण पहल

कृषकगण समय रहते खरीफ फसल हेतु रासायनिक उर्वरकों का अग्रिम उठाव सहकारी समिति से करके अनावश्यक परेशानी से बचे - उप संचालक कृषि मोरध्वज डड़सेना 

खरीफ वर्ष 2026 हेतु रासायनिक उर्वरकों के अग्रिम उठाव की प्रक्रिया प्रारंभ 
प्रमोद गुप्ता/बेमेतरा 06 फरवरी 2026 - खरीफ वर्ष 2026 की खेती को सुचारु एवं समयबद्ध रूप से संपन्न कराने के उद्देश्य से कृषि विभाग द्वारा रासायनिक उर्वरकों के अग्रिम उठाव की कार्यवाही 01 फरवरी 2026 से 31 मई 2026 तक प्रारंभ कर दी गई है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य किसानों को खरीफ मौसम के दौरान उर्वरकों की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करना, संभावित कमी से बचाव करना तथा वितरण व्यवस्था को व्यवस्थित बनाए रखना है। 

खरीफ 2026 के लिए 37800 मीट्रिक टन उर्वरकों का लक्ष्य निर्धारित 
कृषि विभाग द्वारा खरीफ वर्ष 2026 के लिए विभिन्न रासायनिक उर्वरकों का कुल 37800 मीट्रिक टन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। निर्धारित लक्ष्य के अनुसार यूरिया 16600 मीट्रिक टन, डीएपी (DAP) 10000 मीट्रिक टन, एन.पी.के. (NPK) 6000 मीट्रिक टन, एमओपी (MOP) 2200 मीट्रिक टन, एसएसपी (SSP) 3000 मीट्रिक टन। 
  इस अग्रिम योजना के तहत सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों तक उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। 

अग्रिम उठाव पर ब्याज मुक्त सुविधा 
किसानों को राहत प्रदान करते हुए यह भी निर्णय लिया गया है कि 01 फरवरी 2026 से 31 मई 2026 तक अग्रिम रूप से उठाए गए रासायनिक उर्वरकों पर सहकारी समितियों द्वारा कृषकों से किसी प्रकार का ब्याज अधिभारित नहीं किया जाएगा। इससे किसानों को आर्थिक लाभ मिलेगा और वे बिना अतिरिक्त वित्तीय बोझ के आवश्यक उर्वरक समय रहते प्राप्त कर सकेंगे। 

कृषकों से समय रहते उर्वरक उठाव की अपील 
उप संचालक कृषि मोरध्वज डड़सेना द्वारा जिले के समस्त कृषकों से अपील की गई है कि वे खरीफ वर्ष 2026 हेतु आवश्यक रासायनिक उर्वरकों का अग्रिम उठाव अपने नजदीकी सहकारी समिति से समय रहते कर लें। इससे खरीफ मौसम के दौरान उर्वरकों की संभावित कमी, अनावश्यक भीड़, वितरण संबंधी अव्यवस्था एवं विलंब से बचा जा सकेगा। 

बेहतर खेती की दिशा में महत्वपूर्ण कदम 
कृषि विभाग की यह अग्रिम उठाव व्यवस्था किसानों को समय पर खेती की तैयारी करने, फसल उत्पादन में वृद्धि लाने तथा खेती किसानी को अधिक व्यवस्थित और लाभकारी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। समय पर उर्वरक उपलब्ध होने से किसान अपनी खरीफ फसलों की बुवाई एवं पोषण कार्य सुचारु रूप से कर सकेंगे। 

शुक्रवार, 6 फ़रवरी 2026

केंद्रीय जल बोर्ड के विशेषज्ञों ने जल संचयन, पुनर्भरण एवं प्रबंधन पर दिया तकनीकी मार्गदर्शन

भूमि जल संरक्षण को लेकर बेमेतरा में एक दिवसीय जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित 
प्रमोद गुप्ता/बेमेतरा 05 फरवरी 2026 - गिरते हुए भूमि जल स्तर के कारण बेमेतरा जिले को क्रिटिकल श्रेणी में चिह्नांकित किया गया है। इसके चलते जिले में न केवल सिंचाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है, बल्कि पेयजल संकट भी गंभीर रूप लेता जा रहा है। इस चुनौती से निपटने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा निरंतर जन-जागरूकता गतिविधियाँ संचालित की जा रही हैं तथा विभिन्न शासकीय योजनाओं के अंतर्गत जल संरक्षण से संबंधित संरचनाओं का निर्माण किया जा रहा है। 
         निर्मित एवं निर्माणाधीन जल संरक्षण संरचनाओं की उचित स्थल पहचान, तकनीकी गुणवत्ता एवं दीर्घकालिक प्रभावशीलता सुनिश्चित करने की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए केंद्रीय जल बोर्ड उत्तर मध्य छत्तीसगढ़ क्षेत्र रायपुर के क्षेत्रीय निदेशक एवं उनकी विशेषज्ञ टीम द्वारा जिला पंचायत बेमेतरा के सभाकक्ष में भूमि जल भंडारण विषयक एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में जिला स्तरीय समस्त अधिकारी, विकासखंड स्तर से मनरेगा अधिकारी एवं कर्मचारी, तकनीकी अमला सहित संबंधित विभागों के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यशाला का उद्देश्य विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों को जल संरक्षण के महत्व, वैज्ञानिक दृष्टिकोण एवं व्यवहारिक उपायों के प्रति प्रशिक्षित करना था, ताकि योजनाओं का क्रियान्वयन अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सके। 
    प्रशिक्षण सत्र के दौरान जल संचयन, भू-जल पुनर्भरण, वर्षा जल संरक्षण, जल संरचनाओं की डिज़ाइन एवं निर्माण में तकनीकी बारीकियाँ तथा स्थानीय भू-भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप जल प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। विशेषज्ञों द्वारा यह भी बताया गया कि वैज्ञानिक पद्धति से निर्मित संरचनाएँ किस प्रकार लंबे समय तक भू-जल स्तर को स्थिर रखने में सहायक सिद्ध होती हैं। कार्यक्रम में अधिकारियों एवं कर्मचारियों को जल संरक्षण से होने वाले सामाजिक, आर्थिक एवं पर्यावरणीय लाभों की जानकारी दी गई तथा जिले में जल संकट से निपटने के लिए समन्वित प्रयासों पर बल दिया गया। 
     इस अवसर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत बेमेतरा, जल संसाधन विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, प्रदान संस्था तथा जनपद पंचायतों से जनपद सीईओ, कार्यक्रम अधिकारी, तकनीकी सहायक एवं चयनित ग्राम पंचायतों के सरपंच एवं रोजगार सहायक उपस्थित रहे। यह कार्यशाला जिले में स्थायी जल प्रबंधन एवं भू-जल संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगी।    

प्रधान जिला न्यायाधीश/अध्यक्ष बेमेतरा ने नेशनल लोक अदालत हेतु ली न्यायिक एवं प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक

आगामी नेशनल लोक अदालत का आयोजन 14 मार्च को  प्रमोद गुप्ता/बेमेतरा 06 फरवरी 2026 - श्रीमती सरोज नंद दास प्रधान जिला न्यायाधीश/अ...