मनरेगा श्रमिकों के लिए ई-केवाईसी अनिवार्य
प्रमोद गुप्ता/बेमेतरा 18 फरवरी 2026 - जिला बेमेतरा में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) अंतर्गत पंजीकृत सभी श्रमिकों का ई-केवाईसी (आधार सत्यापन) अनिवार्य रूप से किया जा रहा है। इसी क्रम में 20 फरवरी 2026 को जिले की सभी ग्राम पंचायत भवनों में प्रातः 7 बजे से विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे। जिला प्रशासन ने इसे विशेष अभियान के रूप में संचालित करने का निर्णय लिया है, ताकि शत-प्रतिशत श्रमिकों का ई-केवाईसी सुनिश्चित किया जा सके।
मनरेगा कार्यों में वास्तविक श्रमिकों की उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा डिजिटल माध्यम से पारदर्शी भुगतान व्यवस्था लागू करने के उद्देश्य से ई-केवाईसी आवश्यक किया गया है। ई-केवाईसी पूर्ण होने पर श्रमिकों की उपस्थिति ऑनलाइन दर्ज की जा सकेगी, जिससे कार्यों के क्रियान्वयन में पारदर्शिता बढ़ेगी और उन्हें समय पर भुगतान प्राप्त होगा।
ई-केवाईसी के प्रमुख लाभ
पारदर्शिता में वृद्धि : श्रमिकों की उपस्थिति डिजिटल रूप से दर्ज होगी, जिससे भुगतान प्रक्रिया पारदर्शी बनेगी।
भ्रष्टाचार में कमी : डिजिटल सत्यापन के माध्यम से फर्जी प्रविष्टियों पर रोक लगेगी।
बेहतर निगरानी : श्रमिकों की जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध होने से योजना के क्रियान्वयन की प्रभावी मॉनिटरिंग संभव होगी।
समय पर भुगतान : सत्यापित श्रमिकों को रोजगार एवं मजदूरी का लाभ शीघ्र और सुगमता से मिलेगा।
ई-केवाईसी नहीं कराने पर संभावित समस्याएं
#भविष्य में मनरेगा अंतर्गत रोजगार प्राप्त करने में कठिनाई हो सकती है।
#जॉब कार्ड निष्क्रिय हो सकता है।
#मनरेगा के तहत मिलने वाले सामुदायिक एवं व्यक्तिगत लाभों से वंचित होना पड़ सकता है।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान में भी ई-केवाईसी की प्रक्रिया जारी है, किंतु 20 फरवरी को विशेष अभियान चलाकर शेष श्रमिकों का सत्यापन पूर्ण किया जाएगा। सभी पंजीकृत श्रमिकों से अपील की गई है कि वे अपने आधार कार्ड एवं आवश्यक दस्तावेज के साथ निर्धारित तिथि को अपने ग्राम पंचायत भवन में उपस्थित होकर ई-केवाईसी अनिवार्य रूप से पूर्ण कराएं। ऐसे श्रमिक जो वर्तमान में गांव से बाहर रह रहे हैं अथवा अन्यत्र कार्यरत हैं, उनसे भी आग्रह है कि वे समय निकालकर इस अभियान में सहभागी बनें, ताकि भविष्य में मनरेगा के अंतर्गत रोजगार एवं अन्य लाभों से वंचित न होना पड़े।
संपर्क - ई-केवाईसी से संबंधित जानकारी एवं सहायता के लिए श्रमिक अपने ग्राम पंचायत के सरपंच, सचिव अथवा रोजगार सहायक से तत्काल संपर्क कर सकते हैं।
जिला प्रशासन ने इसे श्रमिक हित में एक महत्वपूर्ण पहल बताते हुए सभी पात्र हितग्राहियों से सक्रिय सहभागिता की अपील की है, ताकि मनरेगा योजना का लाभ पारदर्शी एवं सुचारू रूप से सभी तक पहुंच सके।