गुरुवार, 19 फ़रवरी 2026

बेमेतरा जिले के बहुचर्चित बिरनपुर (साजा) हिंसा मामले में जिला न्यायालय ने फैसला सुनाते हुए 17 आरोपियों को किया दोषमुक्त

पुलिस जांच के बाद मांग पर मामला गया था सीबीआई को, जिस पर उनके द्वारा भी की गई जांच 
प्रमोद गुप्ता/बेमेतरा 18 फरवरी 2026 - छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले के बहुचर्चित बिरनपुर (साजा) हिंसा मामले में जिला न्यायालय ने फैसला सुनाते हुए 17 आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया है। जिला न्यायालय ने जिन आरोपियों को दोषमुक्त किया गया है, उनमें चेचानमेटा बिरनपुर थाना निवासी डकेश्वर सिन्हा उर्फ हरिओम पिता गौतम सिन्हा (28 साल), ग्राम खैरी थाना साजा जिला बेमेतरा निवासी मनीष वर्मा पिता नंदकुमार वर्मा (23 साल), कोरवाय थाना साजा जिला बेमेतरा निवासी समारू नेताम पिता जेठूराम नेताम (43 साल), पदमी थाना व जिला बेमेतरा निवासी पूरन पटेल पिता खेमकुमार पटेल (19 साल), पदमी थाना व जिला बेमेतरा निवासी राजकुमार निषाद पिता संजय निषाद (19 साल), पदमी थाना व जिला बेमेतरा निवासी भोला निषाद पिता श्रवण निषाद (23 साल), पेंण्डरवानी थाना गण्डई जिला खैरागढ़-छुईखदान-गंडई निवासी दूधनाथ साहू पिता कमल साहू (27 साल), पेण्डरवानी थाना गण्डई जिला खैरागढ़-छुईखदान-गंडई निवासी अरुण रजक पिता मनहरण रजक (18 साल), कोरवाय थाना साजा जिला बेमेतरा निवासी चंदन साहू पिता देवकुमार साहू (20 साल), कोरवाय थाना साजा जिला बेमेतरा निवासी होमेन्द्र नेताम पिता नीलकंठ नेताम (25 साल), कोगियाखुर्द थाना परपोड़ी जिला बेमेतरा निवासी टाकेन्द्र साहू पिता परसराम साहू (22 साल), कोगियाखुर्द थाना परपोडी जिला बेमेतरा निवासी राम निषाद पिता हिरेश निषाद (19 साल), मासुलगोदी थाना परपोड़ी जिला बेमेतरा निवासी संजय कुमार साहू पिता नेमराम साहू (25 साल), कोरवाय थाना साजा जिला बेमेतरा निवासी चिंताराम साहू पिता स्व. बिरझुराम साहू (68साल), निवासी कोगियाखुर्द थाना परपोडी जिला बेमेतरा निवासी लोकेश साहू पिता चतुरराम साहू (23 साल), कोगियाखुर्द थाना परपोड़ी जिला बेमेतरा निवासी वरूण साहू पिता रामकुमार साहू (18 साल 3 माह) और मासुलगोदी थाना परपोडी जिला बेमेतरा निवासी राजेश साहू पिता बल्लु साहू (23 साल) शामिल हैं। 
    ज्ञात हो कि बिरनपुर मामले में साजा थाना में कुल 173 लोगों के विरूद्ध दर्ज धारा 302, 147, 148, 149, 153 (3) भादवि तथा 201, 109, 34 भादवि के अपराध में अपर सत्र न्यायाधीश साक्षी दिक्षित की न्यायालय में विचारण किया गया है। 64 अभियोजन साक्षियों का कथन के बाद आज संदेह का लाभ देकर न्यायालय से सभी 17 लोगों को छोड़ दिया गया है। 
क्या था बिरनपुर हिंसा मामला ? 
बिरनपुर हिंसा मामला दो बच्चों की मामूली लड़ाई से शुरू हुआ था, जो देखते-देखते हिंदू-मुस्लिम समुदायों के बीच हिंसक झड़प में बदल गया। 8 अप्रैल 2023 को साजा विधायक ईश्वर साहू के 22 वर्षीय पुत्र भुनेश्वर साहू की लाठी-डंडों से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। 
     घटना के बाद तनाव इतना बढ़ा कि 10 अप्रैल को विश्व हिंदू परिषद ने छत्तीसगढ़ बंद का आह्वान किया। गांव में आगजनी हुई और मुस्लिम समुदाय के रहीम (55) व उनके पुत्र ईदुल मोहम्मद (35) की भी जान चली गई। प्रशासन ने धारा 144 लागू किया, जो करीब दो सप्ताह तक जारी रहा। पुलिस ने शुरुआत में 12 लोगों को आरोपी बनाया था, लेकिन CBI ने अपनी जांच में 6 नए आरोपियों का उल्लेख किया है। 

सीबीआई की जांच में कई खुलासे 
बिरनपुर हिंसा मामले में सीबीआई की जांच में कई बड़े खुलासे हुए थे। चार्जशीट में बताया गया कि भीड़ केवल भुनेश्वर साहू पर ही जानलेवा हमला नहीं किया था, बल्कि घटना को रोकने पहुंची पुलिस पर भी पत्थरबाजी की थी, जिसमें सब-इंस्पेक्टर बिनुराम ठाकुर भी बेहोश हो गए थे। 

बेमेतरा जिले के बहुचर्चित बिरनपुर (साजा) हिंसा मामले में जिला न्यायालय ने फैसला सुनाते हुए 17 आरोपियों को किया दोषमुक्त

पुलिस जांच के बाद मांग पर मामला गया था सीबीआई को, जिस पर उनके द्वारा भी की गई जांच  प्रमोद गुप्ता/बेमेतरा 18 फरवरी 2026 - छत्त...