नशापान से पारिवारिक और सामाजिक जीवन होता हैं बुरी तरह प्रभावित - डीआईजी बेमेतरा
प्रमोद गुप्ता/बेमेतरा 17 फरवरी 2026 - जिले को नशामुक्त बनाने के उद्देश्य से जिला कार्यालय के सभाकक्ष में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाईं और पुलिस अधीक्षक रामकृष्ण साहू ने की। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों को समन्वय के साथ ठोस रणनीति बनाकर नशीली दवाओं के अवैध व्यापार पर प्रभावी अंकुश लगाने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाईं ने कहा कि नशापान एक सामाजिक अभिशाप है, जो समाज के ताने-बाने को भीतर से कमजोर कर देता है। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी नशे की गिरफ्त में आकर अपना भविष्य बर्बाद कर रही है, जिससे पारिवारिक कलह, अपराध और सामाजिक अशांति जैसी समस्याएं जन्म लेती हैं। उन्होंने सभी अधिकारियों और समाज के नागरिकों से इस कुरीति को समाप्त करने के लिए सामूहिक जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया।
पुलिस अधीक्षक रामकृष्ण साहू ने कहा कि नशापान समाज में अनेक बुराइयों को बढ़ावा देता है। इससे पारिवारिक और सामाजिक जीवन बुरी तरह प्रभावित होता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नशे के अवैध कारोबार से जुड़े तस्करों और नेटवर्क के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी तथा किसी भी स्थिति में दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
नशे के हॉटस्पॉट की होगी पहचान
बैठक में निर्देश दिए गए कि जिले के उन क्षेत्रों की पहचान की जाए, जहां नशीले पदार्थों की बिक्री या खपत अधिक है। इन हॉटस्पॉट क्षेत्रों में विशेष निगरानी, छापामार कार्रवाई और सतत अभियान चलाया जाएगा। युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराने के लिए स्कूलों, कॉलेजों और सार्वजनिक स्थानों पर व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। शिक्षा विभाग के सहयोग से विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
तस्करों पर सख्त कार्रवाई, पीड़ितों के उपचार की व्यवस्था
नशे के अवैध व्यवसाय से जुड़े व्यक्तियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी तथा उनके नेटवर्क को तोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। साथ ही, नशे की लत के शिकार व्यक्तियों को मुख्यधारा में वापस लाने हेतु नशामुक्ति केंद्रों के माध्यम से उपचार और परामर्श की समुचित व्यवस्था की जाएगी। बैठक में पुलिस, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं आबकारी विभाग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर संयुक्त रूप से अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। प्रशासनिक प्रयासों के साथ सामाजिक संगठनों की सहभागिता से नशामुक्ति अभियान को जनआंदोलन का रूप देने पर भी जोर दिया गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि जिले को नशामुक्त बनाने के लिए यह अभियान सतत रूप से संचालित किया जाएगा और समाज के हर वर्ग की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।