रविवार, 15 फ़रवरी 2026

परिवहन में रास्ते में धान डंप मामले पर चार पर एफआईआर, दो वाहन जब्त

शासकीय धान के परिवहन में खेला, चालू रहेंगी या रुकेगी हैं सभी की नजरें 

चोरी की आशंका पर मोहगांव समिति अध्यक्ष एवं प्रबंधक ने रेकी का पकड़ने के साथ किया मामले का पर्दाफाश 

रेकी करने वाले अध्यक्ष व प्रबंधक को किया जाना चाहिए सम्मानित 
प्रमोद गुप्ता/बेमेतरा 14 फरवरी 2026 - जिले में शासकीय धान परिवहन के नाम पर बड़ा खेल सामने आया है। साजा ब्लॉक के सेवा सहकारी समिति मोहगांव से संग्रहण के लिए निकला धान रास्ते में ही निजी गोदाम में उतारते रंगे हाथों पकड़ा गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने ट्रक चालक, वाहन मालिक और शासकीय धान को अपने गोदाम में रखवाने वाले राजपूत कृषि केंद्र के संचालक सहित चार लोगों के खिलाफ देवकर थाना में एफआईआर दर्ज कराई है। धान से भरे दोनों ट्रकों को तत्काल जब्त कर थाने में खड़ा कराया गया है। 
     जानकारी के अनुसार गुरुवार शाम करीब 5 बजे सेवा सहकारी समिति मोहगांव से धान लेकर ट्रक रवाना हुआ। महज 20 किलोमीटर की दूरी तय करने में चार घंटे लगना ही संदेह पैदा करने के लिए काफी था। रात करीब 9 बजे ग्राम परपोडा में राजपूत कृषि केंद्र के सामने ट्रक से धान खाली किया जा रहा था, तभी समिति अध्यक्ष त्रिलोकी साहू और प्रभारी समिति प्रबंधक नितिन साहू ने मौके पर पहुंचकर पूरे खेल का पर्दाफाश कर दिया। भनक लगते ही चालक ट्रक छोड़कर फरार हो गया। 
  घटना की सूचना तत्काल अधिकारियों को दी गई, लेकिन पुलिस करीब दो घंटे बाद मौके पर पहुंची। इस दौरान देर रात तक माहौल गरमाया रहा और ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखा गया। 
       शुक्रवार देर रात तक तहसीलदार बेरला आशुतोष गुप्ता और खाद्य निरीक्षक साजा अमित तिवारी सहित प्रशासनिक अमला कार्रवाई में जुटा रहा। थाना प्रभारी अलील चंद ने बताया कि जिला खाद्य अधिकारी की लिखित शिकायत के आधार पर चार लोगों के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध किया गया है और जांच के बाद कड़ी कार्रवाई की जाएगी। 

रेकी करने वाले अध्यक्ष व प्रबंधक को किया जाना चाहिए सम्मानित 
शासकीय धान के परिवहन में चोरी करने के मामले को रेकी कर पकड़ने एवं पूरे मामले पर से पर्दा उठाकर मामले का पर्दाफाश वाले अध्यक्ष व प्रबंधक का जिला प्रशासन द्वारा सम्मान कर सम्मानित करना चाहिए। जिनके द्वारा रात में जग कर कड़ी मेहनत कर इस मामले का पर्दाफाश किया गया। एक प्रकार से उन्होंने शासकीय अधिकारीयो व कर्मचारियों का कार्य स्वयं किया है, जो इनका कार्य ही नहीं हैं। हा यहां एक बात और हैं कि अगर इस घटना को दूसरे एंगल से देखा जाए तो समिति अध्यक्ष एवं प्रबंधक ने धान चोरी को पकड़ कर अधिकारियों कर्मचारियों उदासीनता व कामचोरी को उजागर कर दिया। साथ ही इस बात को भी नकारा नहीं जा सकता कि इस कार्य में भी कहीं न कहीं शासकीय अमले से तालमेल व मिलीभगत हो। 

बड़ा सवाल हुआ खड़ा, लगी हैं सभी की निगाहें 
सबसे बड़ा सवाल यह है कि शासकीय धान को संग्रहण केंद्र के बजाय निजी व्यापारी के गोदाम में क्यों उतारा जा रहा था? क्या यह सुनियोजित गड़बड़ी थी? क्या इसमें और भी लोग शामिल हैं? इस घटना ने धान खरीदी और परिवहन व्यवस्था की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन भले ही जांच की बात कर रहा हो, लेकिन ग्रामीणों और किसानों के बीच यह चर्चा तेज है कि यदि समय रहते पकड़ा नहीं होता, तो शासकीय धान का बड़ा हिस्सा ठिकाने लगा दिया जाता। फिलहाल जब्त ट्रकों और धान को पुलिस अभिरक्षा में रखा गया है। पूरे मामले की जांच जारी है और अब सबकी नजर प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी है। 

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