शांति का संदेश - मंदिर चौक दुर्गोत्सव समिति मारो में तिरंगे के रंगों में सजा दुर्गा पूजा पंडाल

समर्पण - मारो में इस वर्ष का उत्सव माँ दुर्गा की आराधना के साथ मानवता, संवेदना और राष्ट्रीय एकता को समर्पित 

दुर्गोत्सव समिति के 44 वां वर्ष पर उत्सव को समिति ने किया नक्सल हिंसा में बलिदानी वीर जवानों और प्रभावित नागरिकों को समर्पित 
बेमेतरा 09 अक्टूबर 2026 - राधा कृष्ण मंदिर चौक मारो के मंदिर चौक दुर्गोत्सव समिति द्वारा आयोजित दुर्गा पूजा के 44 वें वर्ष में इस बार तिरंगे के रंगों पर आधारित भव्य पंडाल का निर्माण किया गया है। समिति के सदस्य राम चौबे से मिली जानकारी के अनुसार इस वर्ष पंडाल की थीम छत्तीसगढ़ में दशकों तक चली नक्सल हिंसा के दर्द, संघर्ष और उस हिंसा से प्रभावित परिवारों की स्मृतियों को समर्पित है। तिरंगे के रंगों के माध्यम से समिति शांति, एकता, राष्ट्रप्रेम और बेहतर भविष्य की आशा का संदेश देना चाहती है। 

नक्सल हिंसा में अपनों की दुखद यादें 
छत्तीसगढ़ ने चार दशकों से भी अधिक समय तक नक्सल हिंसा की पीड़ा झेली है। इस दौरान अनेक वीर जवानों ने देश की सुरक्षा और शांति के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। अनेक परिवारों ने अपने बेटे, पिता, भाई और अपनों को खोया, तो कई आम नागरिकों का जीवन हिंसा, भय और अनिश्चितता से प्रभावित हुआ। इन घटनाओं के पीछे केवल आँकड़े नहीं, बल्कि अनगिनत परिवारों की अधूरी कहानियाँ, बिछुड़े हुए अपने और जीवनभर साथ रहने वाली यादें हैं। 

उत्सव के साथ वीर जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित व दर्द का स्मरण 
दुर्गोत्सव समिति के अनुसार, इस पंडाल का उद्देश्य केवल उत्सव मनाना नहीं, बल्कि उन सभी वीर जवानों को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करना है, जिन्होंने देश की शांति और सुरक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। साथ ही, उन आम नागरिकों के दर्द को भी स्मरण करना है, जिन्होंने नक्सल हिंसा के कारण अपने प्रियजनों और जीवन की सहज खुशियों को खोया। समिति उन सभी परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करती है, जिनके जीवन पर इस हिंसा की गहरी छाप पड़ी है। 

साहस, शांति, आशा, समृद्धि के भारत का संदेश 
दुर्गोत्सव समिति के सदस्यों ने पंडाल को तिरंगे के केसरिया, सफेद और हरे रंगों में सजाया गया है। ये रंग साहस, शांति, आशा और समृद्धि की भावना के साथ एक ऐसे भारत का संदेश देते हैं, जहाँ हर नागरिक सुरक्षित महसूस करे, किसी परिवार को हिंसा के कारण अपनों से बिछड़ने का दुख न सहना पड़े और आने वाली पीढ़ियाँ भयमुक्त वातावरण में अपना भविष्य संवार सकें। 

माँ से प्रार्थना - पीड़ित परिवारों को मिले संबल  
समिति का संवेदनशील संदेश है कि शांति की कीमत को वही परिवार सबसे गहराई से समझते हैं, जिन्होंने हिंसा में अपने किसी प्रियजन को खोया है। माँ दुर्गा के चरणों में यही प्रार्थना है कि देश की रक्षा में बलिदान देने वाले सभी वीर जवानों को सदैव सम्मान के साथ याद किया जाए, पीड़ित परिवारों को संबल मिले और समाज में ऐसी परिस्थितियाँ कभी न लौटें, जिनमें किसी माँ की गोद सूनी हो, किसी बच्चे के सिर से पिता का साया उठे या किसी परिवार की खुशियाँ हिंसा की भेंट चढ़ जाएँ। 

माँ दुर्गा की आराधना के साथ मानवता, संवेदना और राष्ट्रीय एकता को समर्पित 
मंदिर चौक दुर्गोत्सव समिति मारो का यह आयोजन माँ दुर्गा की आराधना के साथ मानवता, संवेदना और राष्ट्रीय एकता को समर्पित है। समिति का विश्वास है कि सच्चा उत्सव वही है, जिसमें हम अपनी खुशियों के बीच उन लोगों को भी याद रखें, जिन्होंने दूसरों की सुरक्षा और देश की शांति के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। 

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