प्रोफेसर पर छात्राओं से कथित आपत्तिजनक संदेश भेजने का आरोप
प्राचार्य पर शिकायत के बाद कार्रवाई नहीं करने का आरोप
बेमेतरा 28 सितंबर 2026 - शासकीय पीजी महाविद्यालय बेमेतरा के राजनीति विज्ञान विभाग में पदस्थ एक प्रोफेसर पर छात्राओं को व्हाट्सएप के माध्यम से कथित तौर पर अश्लील एवं आपत्तिजनक संदेश भेजने के गंभीर आरोप सामने आए हैं। मामले को लेकर महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं में नाराजगी है। विद्यार्थियों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी पाए जाने पर संबंधित प्रोफेसर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
पहले कॉलेज प्रबंधन से की थी शिकायत
जानकारी के अनुसार, राजनीति विज्ञान विभाग में पदस्थ प्रोफेसर ज्योति प्रभात राणा पर कुछ छात्राओं के साथ व्हाट्सएप के माध्यम से कथित रूप से आपत्तिजनक एवं अश्लील संदेश भेजे जाने के आरोप लगाए गए हैं। विद्यार्थियों का कहना है कि उन्होंने मामले की जानकारी महाविद्यालय की प्राचार्य वीणा त्रिपाठी को देते हुए शिकायत भी प्रस्तुत की थी।
छात्र-छात्राओं का आरोप है कि शिकायत के बावजूद मामले में अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई। विद्यार्थियों ने महाविद्यालय प्रबंधन पर मामले को गंभीरता से नहीं लेने तथा संबंधित प्रोफेसर को संरक्षण देने का भी आरोप लगाया है।
कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रशासन से लगाई गुहार
महाविद्यालय स्तर पर कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए छात्र-छात्राएं कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां उन्होंने जिला प्रशासन के समक्ष अपनी शिकायत रखते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की। विद्यार्थियों ने कहा कि यदि जांच में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित प्रोफेसर के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि महाविद्यालय में छात्राओं की सुरक्षा और गरिमा सुनिश्चित हो सके।
ज्ञापन के बाद प्रोफेसर के इस्तीफे की भी चर्चा
वहीं, ज्ञापन सौंपे जाने के बाद संबंधित प्रोफेसर द्वारा महाविद्यालय से इस्तीफा देकर चले जाने की जानकारी भी सामने आई है। यह जानकारी कॉलेज प्रबंधन की ओर से प्राप्त होने की बात कही जा रही है। हालांकि, इस्तीफे के संबंध में आधिकारिक दस्तावेज अथवा विस्तृत जानकारी सार्वजनिक रूप से सामने आना अभी बाकी है।
जांच के बाद ही सामने आएगी वास्तविकता
मामला सामने आने के बाद महाविद्यालय परिसर में भी इसकी चर्चा तेज हो गई है। अब सभी की नजर जिला प्रशासन और संबंधित विभाग की आगामी कार्रवाई पर है। विद्यार्थियों की शिकायत के आधार पर यदि प्रशासनिक जांच होती है तो जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
महत्वपूर्ण : संबंधित प्रोफेसर पर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है। प्रशासनिक जांच के निष्कर्ष और संबंधित पक्ष का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है।
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