जातिगत भेदभाव की नहीं मिली शिकायत, विधिक सहायता क्लीनिक और हेल्प डेस्क को और सुदृढ़ करने के निर्देश
बेमेतरा 28 सितंबर 2026 - छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के निर्देश पर आज जिला जेल बेमेतरा में बोर्ड ऑफ विजिटर्स द्वारा व्यापक निरीक्षण किया गया।
गठित बोर्ड ने किया निरीक्षण
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अध्यक्ष श्रीमती सरोज नंद दास की अध्यक्षता में गठित बोर्ड ने एसओपी 2016 एवं कंडिका 225 के तहत जेल लीगल एड क्लीनिक के कामकाज को मजबूत करने और बंदियों को समय पर प्रभावी विधिक सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह निरीक्षण किया।
निरीक्षण में रहे शामिल
इस दौरान पुलिस अधीक्षक बेमेतरा, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्रीमती स्वर्णलता ओम यादव, एडीएम बेमेतरा, कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग, जिला शिक्षा अधिकारी, जिला कृषि अधिकारी एवं जिला उद्योग अधिकारी उपस्थित रहे।
निरीक्षण के प्रमुख बिंदु :
भेदभाव मुक्त व्यवस्था
निरीक्षण में जेल के समस्त रजिस्टरों में जाति कॉलम या जातिगत संदर्भ का कोई उल्लेख नहीं पाया गया। सभी बैरकों में जाकर बंदियों से पृथक-पृथक चर्चा की गई, जिसमें बंदियों ने स्पष्ट रूप से बताया कि जेल में किसी प्रकार का जातिगत भेदभाव नहीं है।
मनोरंजन व सुधार के साधन
बंदियों के मानसिक स्वास्थ्य एवं सकारात्मक व्यस्तता के लिए 2 बैरकों में टी.वी. की व्यवस्था है, जिसमें योग, भजन, आध्यात्मिक कार्यक्रम एवं समाचार दिखाए जाते हैं। साथ ही तबला, ढोलक, झांझ, मंजिरा जैसे वाद्ययंत्र और लूडो, शतरंज जैसी खेल सामग्री भी उपलब्ध कराई गई है।
भोजन, पानी और स्वास्थ्य
जेल में पेयजल हेतु 3 ट्यूबवेल तथा अंदर-बाहर ओवरहेड टंकियां उपलब्ध हैं। भोजन की गुणवत्ता बनाए रखने हेतु जेल मेनुअल के अनुसार प्रतिदिन गुणवत्तापूर्ण भोजन देने के लिए जेल अधीक्षक को निर्देशित किया गया। स्वास्थ्य सुविधा के तहत डॉ. कुंदनलाल स्वर्णकार पीजीएमओ के रूप में प्रत्येक मंगलवार को बंदियों का स्वास्थ्य परीक्षण करते हैं, जबकि एक फार्मासिस्ट प्रतिदिन उपस्थित रहता है।
जायजा ले दिए दिशा-निर्देश - बोर्ड ने जेल लीगल एड क्लीनिक, मुलाकाती क्षेत्र में स्थापित हेल्प डेस्क, वी.सी. कक्ष, मुलाकात कक्ष, वस्त्र वितरण एवं शौचालय व्यवस्था का भी जायजा लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
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