ग्रामवासियों के सहयोग से इस वर्ष होगा भव्य आयोजन
सांग-बाना सिमगा व जस झांकी सुंगेरा की होंगी प्रस्तुति
बेमेतरा 18 जुलाई 2026 - मां शीतला जुड़वास का कार्यक्रम 20 जुलाई सोमवार को बेमेतरा जिलें के बेरला ब्लाक के ग्राम कोसपातर (बारगांव) में आयोजन रखा गया है। शीतला समिति के प्रमुख समीर वर्मा ने बताया कि इस दौरान सांग-बाना परिवार सिमगा व जस झांकी परिवार सुंगेरा का आयोजन किया जाएगा।
मां शीतला जुड़वास का कार्यक्रम प्रतिवर्ष रखा जाता है, पर यह आयोजन ग्रामवासियों के सहयोग से पहली बार किया जा रहा है।
भाजपा सरदा मंडल अध्यक्ष देवेंद्र वर्मा एवं पूर्व उपसरपंच तखत साहू ने बताया कि पर्व में गांव के सभी वर्गों के लोग आयोजन में सम्मिलित होंगे। समिति के प्रमुख समीर वर्मा ने बताया कि सुबह 8 बजे पं. बोसेन्द्र पाण्डेय द्वारा विधि विधान से जुड़वास के लिए हवन पूजन किया जाएगा। दोपहर 10 बजे सेवागीत, भजन की प्रस्तुति दी जाएगी। तत्पश्चात सुबह 11 बजे 40 सदस्यीय टीम द्वारा सांग-बाना परिवार सिमगा व जस झांकी परिवार सुंगेरा का आयोजन किया जाएगा।
मां शीतला के जुड़वास का महत्व
गांव के प्रमुख विजय पारख ने बताया कि मां शीतला के जुड़वास के दौरान 'बाना सांग' का तात्पर्य आषाढ़ मास में शीतला माता को लगाए जाने वाले विशेष भोग और नैवेद्य (बासी खाना या 'बाना') से है। यह मुख्य रूप से छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति का हिस्सा है। इस परंपरा की मुख्य बातें आषाढ़ मास के दौरान शीतला माता को शीतलता प्रदान करने और संक्रामक रोगों से बचाव के लिए 'जुड़वास' (ठंडा भोग लगाना) मनाया जाता है।
वहीं बाना सांग का अर्थ है 'बाना' यानी भोग, जिसमें माता को चावल, दही, बड़ी, और विभिन्न प्रकार के स्थानीय पकवानों का प्रसाद चढ़ाया जाता है। यह हमेशा बासी भोजन के रूप में अर्पित किया जाता है। वहीं श्रद्धालु मन्नतें पूरी होने पर माता शीतला के मंदिरों में विशेष 'कुंडारे' लगाते हैं और बाना का प्रसाद चढ़ाते हैं। यह विशेष पूजा मुख्य रूप से आषाढ़ महीने के रविवार और सोमवार को की जाती है।
0 टिप्पणियाँ