छग राज्य की मूलभूत समस्याओं, जन-असंतोष एवं कानून-व्यवस्था पर ध्यानाकर्षण एवं स्मरण पत्र लिख जनहित मुद्दों को जल्द हल करने की मांग की
बेमेतरा 20 जुलाई 2026 - शिवसेना उद्धव बाला साहेब ठाकरे (UBT) पार्टी के छग प्रदेश महासचिव दाऊराम चौहान ने महामहिम राज्यपाल के नाम जिला बेमेतरा कलेक्टर के द्वारा छग राज्य की मूलभूत समस्याओं, जन-असंतोष एवं कानून-व्यवस्था पर ध्यानाकर्षण एवं स्मरण पत्र प्रेषित किया गया। ज्ञापन में कहा कि हम, शिवसेना पार्टी (उद्धव बाला साहेब ठाकरे) छत्तीसगढ़ इकाई के सदस्य, दाऊराम चौहान छग प्रदेश महासचिव शिवसेना जिला बेमेतरा छत्तीसगढ़ के नेतृत्व में आज इस ज्ञापन के माध्यम से छत्तीसगढ़ राज्य की आम जनता को प्रभावित करने वाली गंभीर और मूलभूत समस्याओं की ओर आपका ध्यान आकर्षित करना चाहते हैं।
श्री चौहान ने बताया कि पार्टी के प्रदेश प्रमुख डॉ आनंद मल्होत्रा के आदेशानुसार छत्तीसगढ़ को अस्तित्व में आए ढाई दशक होने को हैं, परंतु आज भी राज्य की बुनियादी व्यवस्थाएं चरमराई हुई हैं। जनहित और राज्य के समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए हम निम्नलिखित प्रमुख 06 बिंदुओं पर आपके हस्तक्षेप की मांग करते हैं -
1. कानून-व्यवस्था एवं बढ़ती आपराधिक गतिविधियां : राज्य में पिछले कुछ समय से कानून-व्यवस्था की स्थिति अत्यंत चिंताजनक हो गई है। राजधानी रायपुर सहित प्रमुख शहरों में खुलेआम चाकूबाजी, हत्याएं और गैंगवार जैसी घटनाएं हो रही हैं। इसके अलावा, गांजा, चरस, अफीम और अन्य नशीले पदार्थों का अवैध कारोबार तेजी से बढ़ा है, जिससे युवा पीढ़ी बर्बाद हो रही है। इस पर प्रशासन की निष्क्रियता और उदासीनता अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। पुलिस प्रशासन को और अधिक मुस्तैद और राजनीतिक दबाव से मुक्त करने की आवश्यकता है।
2. युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ : छत्तीसगढ़ का युवा आज बेरोजगारी की मार झेल रहा है। राज्य में सरकारी भर्तियों की प्रक्रियाएं या तो लंबे समय से लंबित हैं या उनमें घोटालों और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लग रहे हैं। निजी फैक्ट्रियों और उद्योगों में स्थानीय युवाओं को 80% प्राथमिकता देने के नियमों का खुलेआम उल्लंघन हो रहा है, जबकि बाहर से लाए गए लोगों को रोजगार दिया जा रहा है।
3. किसानों की दुर्दशा और खाद की किल्लत : धान का कटोरा कहे जाने वाले छत्तीसगढ़ में किसान आज भी खाद, बीज और बिजली की किल्लत से परेशान हैं। सोसायटियों में किसानों को समय पर खाद नहीं मिल रहा है और यदि मिल भी रहा है तो वह भारी मिलावट वाला और अमानक स्तर का होता है, जिससे उनकी फसलें बर्बाद हो रही हैं।
4. स्वास्थ्य एवं शिक्षा व्यवस्था का निजीकरण : ग्रामीण और आदिवासी अंचलों में स्वास्थ्य सेवाएं वेंटीलेटर पर हैं। जिला अस्पतालों में योग्य डॉक्टरों, चिकित्सा उपकरणों और जीवन रक्षक दवाओं का भारी अभाव है। मजबूर होकर गरीबों को निजी अस्पतालों में लूटना पड़ रहा है। इसी प्रकार, सरकारी स्कूलों की हालत जर्जर है, जबकि निजी स्कूल मनमानी फीस वसूल कर अभिभावकों का शोषण कर रहे हैं।
5. आदिवासी अंचलों में बुनियादी सुविधाओं का अभाव : बस्तर और सरगुजा संभाग के दूरस्थ क्षेत्रों में आज भी शुद्ध पेयजल, पक्की सड़कें और बिजली जैसी मौलिक सुविधाएं नहीं पहुंच पाई हैं। आदिवासी समाज के जल, जंगल और जमीन के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए और बिना ग्राम सभा की सहमति के उनके क्षेत्रों के कथित दोहन को रोका जाना चाहिए।
6. बेटी की तर्ज पर बेटा अभियान : छत्तीसगढ़ में बेटा बचाओ बेटा पढ़ाओ अभियान चलाया जाए और पुरुष आयोग का गठन किया जाए जिससे पुरुषों के हितों की रक्षा हो सके।
शिवसेना (UBT) पार्टी छग प्रदेश महासचिव दाऊराम चौहान ने 06 बिन्दुओ की मांग पर सरकार से कड़े कदम उठाने के लिए पार्टी के द्वारा मांग किया गया है।
श्री चौहान ने आगे कहा महामहिम, हम आपसे विनम्र आग्रह करते हैं कि आप छत्तीसगढ़ सरकार को इन संवेदनशील और जनहित से जुड़े मुद्दों पर तत्काल प्रभाव से कड़े कदम उठाने के निर्देश दें। यदि इन समस्याओं का शीघ्र निराकरण नहीं किया गया, तो शिवसेना (UBT) पार्टी आम जनता के अधिकारों के लिए उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।
हम आशा करते हैं कि छत्तीसगढ़ के संवैधानिक प्रमुख होने के नाते आप राज्य की जनता के हितों की रक्षा करेंगे और न्याय सुनिश्चित करेंगे।
ज्ञापन सौपने वालों में छग प्रदेश महासचिव दाऊराम चौहान, जिला कार्यकारिणी अध्यक्ष रामचरण वर्मा, राजू यादव, महेश साहू, बुधारू बांधे, जोहन विश्वकर्मा व अन्य शिव सैनिक उपस्थित रहे।
0 टिप्पणियाँ