शनिवार, 21 फ़रवरी 2026

महंगाई भत्ता-राहत भुगतान पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश को लागू कराने हाईकोर्ट जाएंगे पेंशनर्स

पेंशनरों के हित में सुप्रीम कोर्ट के दिए गए आदेश का राज्य सरकार द्वारा लागू नहीं किए जाने पर राज्य एसोसिएशन में रोष, लिया निर्णय 
प्रमोद गुप्ता/बेमेतरा 20 फरवरी 2026 - राज्य शासन द्वारा कर्मचारियों को महंगाई भत्ता एवं पेंशनरों को महंगाई राहत भुगतान रोक कर रखने एवं विलंम्ब से भुगतान करने संबंधी फेडरेशन ऑफ स्टेट गवर्नमेंट एम्प्लाइज पश्चिम बंगाल एवं अन्य के याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने निर्णय दिया है कि 3 महीने के अंदर भुगतान की कार्रवाई की जाए और इसके सुपरविजन के लिए पश्चिम बंगाल हाई कोर्ट के सेवानिवृत्ति मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया है। समिति कर्मचारियों के रोके गए मंहगाई भत्ता एवं पेंशनरों को महंगाई राहत भुगतान के लिए शासन द्वारा की जा रही कार्रवाई पर अपनी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में प्रस्तुत करेगी। 
        छत्तीसगढ़ अधिकारी कर्मचारी पेंशनर्स एसोसिएशन के प्रांतीय केंद्रीय प्रबंध समिति के बैठक कर्मचारी भवन रायपुर में निर्णय लिया है कि सुप्रीम कोर्ट का आदेश पूरे देश के राज्य सरकारों पर भी लागू होता है और संगठनों की मांग पर राज्य शासन द्वारा इस निर्णय का क्रियान्वयन नहीं किया जा रहा है, इसलिए सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश को छत्तीसगढ़ शासन द्वारा लागू करने के लिए बिलासपुर उच्च न्यायालय में याचिका दायर की जाएगी। पेंशनर्स एसोसिएशन के याचिका में राज्य पुनर्गठन अधिनियम के धारा 49(6) का दुरुपयोग करते हुए राज्य शासन द्वारा पेंशनरों को महंगाई राहत भुगतान के पहले मध्य प्रदेश शासन से सहमति लेने की नियम विरुद्ध प्रक्रिया को भी हाईकोर्ट में चुनौती दी जाएगी। इस प्रक्रिया के कारण पेंशनरों को महंगाई राहत भुगतान कई महीनो तक लंबित रखा जाता है और पिछला एरियर्स भुगतान भी नहीं किया जाता है। पेंशनर्स एसोसिएशन की बैठक में जांजगीर में द्वितीय प्रांतीय अधिवेशन कराने, जिसमें संगठन के नियमावली में संशोधन करने का भी निर्णय लिया गया। पेंशनर्स एसोसिएशन के केंद्रीय प्रबंध समिति की बैठक प्रदेश अध्यक्ष पीआर यादव के अध्यक्षता में आयोजित हुई, जिसमें छत्तीसगढ़ पेंशनर्स एसोसिएशन के बेमेतरा जिला से जिलाध्यक्ष आरके वर्मा, पीआर खिँनोटिया, कपिल वर्मा, नूतन शर्मा, अब्दुल गफ्फार खान, थानुराम यादव व अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे। 

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