शुक्रवार, 18 अप्रैल 2025

सरकारी दुकानों में शक्कर पर प्रति किग्रा 3 रु की मारी जा रही डंडी

सरकारी दुकानों में शक्कर पर प्रति किग्रा 3 रु की मारी जा रही डंडी 

3 रु प्रति कार्ड के हिसाब से देखा जाए तो हो रहा हैं प्रति माह लाखों का खेला 
प्रमोद गुप्ता बेमेतरा/साजा - शासकीय उचित मूल्यों के दुकानों में दी जाने वाली शक्कर का सरकारी मूल्य 17 रु प्रति किग्रा है, मगर इन दुकानों के संचालकों द्वारा हितग्राहियों से शक्कर का मूल्य प्रति किग्रा 20 रु लिया जाता हैं। जिससे इन दुकानों के संचालकों द्वारा प्रति किग्रा 3 रु की अतिरिक्त कमाई हितग्राहियों से सीधे तौर पर किया जा रहा हैं। इस 3 रु के खेला को करने के लिए चिल्हर की बात कहीं जाती हैं। इस प्रकार चिल्हर (छुट्टा) का बहाना बना कर प्रत्येक दुकान संचालक अतिरिक्त कमाई कर रहा हैं। 

सभी दुकानों में यही स्थिति - लगभग सभी शासकीय उचित मूल्य की दुकानों में यही स्थिति हैं। जहां पर सभी हितग्राहियों से शक्कर पर 3 रु अतिरिक्त कीमत लेकर 17 की जगह 20 रु लिया जा रहा हैं। 20 रु लेने की बात करने पर यहीं रेट हैं बोला जाता हैं, ज्यादा बात बढ़ाने पर चिल्हर के कारण लेना बोला जाता हैं, और ज्यादा बात बढ़ाने पर लेना है तो लो नहीं लेना है तो जाओ कह कर लंबी लाइन और भीड़ की उलाहना दिया जाता हैं। ज्यादा बात कर पर चिल्हर लेकर आने को बोला जाता हैं। चिल्हर लेकर जाओ तो नाक भौ सिकोड़ा जाता हैं, क्योंकि उनके 3 रु प्रति किग्रा का नुकसान जो होता हैं, साथ ही हितग्राही से रूखा व्यवहार किया जाता हैं। 

कुछ दिन बाद फिर वहीं काम - दुकान संचालकों के द्वारा शक्कर पर 3 रु प्रति किग्रा अतिरिक्त कीमत लिए जाने की जानकारी संबंधित विभाग को होती हैं। शिकायत पर उनके द्वारा दुकान संचालकों को सख्त हिदायत भी दिया जाता हैं, मगर उनके हिदायत का असर कुछ दिन, माह तक रहता हैं और फिर वहीं पुराना ढंग। 

       "शक्कर का रेट 17 रु हैं, 20 रु लेना गलत हैं। दुकान संचालकों द्वारा हितग्राहियों से शक्कर की कीमत ज्यादा ली जा रही हैं तो पता कर बोलता हूं।" 
     -------- अमित तिवारी, खाद्य निरीक्षक

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