गुरुवार, 5 फ़रवरी 2026

1.80 करोड़ की लागत से बनी सड़क 6 माह भी नहीं टीकी, हुआ जर्जर

मुख्य मार्ग से टेढ़ी तक 4 किमी सड़क मार्ग निर्माण को हो रहा 9 माह, मगर 6 माह में हुआ बदहाल 

सड़क की स्थिति ने खोली विभाग की कार्यशैली व गुणवत्ता की पोल 

विभाग बना अनजान/मूकदर्शक, रहवासी कर रहे समस्या का सामना 

पीएमजीएसवाय से वर्तमान में हुआ हैं लगभग दो करोड़ रुपए से कार्य 
प्रमोद गुप्ता/बेमेतरा 04 फरवरी 2026 - प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना विभाग की कार्यशैली व गुणवत्ता पूर्ण कार्य का साक्षात प्रमाण दे रहा मेन रोड से टेढ़ी पहुंच मार्ग। जो कि लगभग दो करोड़ रुपए से वर्तमान में सड़क मार्ग का निर्माण हुआ हैं, उक्त सड़क निर्माण कार्य महज 6 माह भी नहीं टीक पाई। आज सड़क मार्ग की हालत अत्यंत जर्जर व दयनीय हो चुकी हैं, जिस पर सुरक्षित व आराम दायक सफर करना एक सपना बन चुका हैं। 
       ज्ञात हो कि साजा ब्लाक के ग्राम खपरी मेन रोड़ से टेढ़ी पहुंच मार्ग के निर्माण हेतु PMGSY विभाग से 180.49 लाख रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई थी। जिसका निर्माण कार्य 31.7.2023 को प्रारंभ कर 15.4.2024 को पूर्ण किया गया। उक्त सड़क निर्माण के बाद महज 6 माह भी नहीं टीक पाई और पूरी तरह जर्जर हो चुकी हैं। निर्माण के बाद आज इस सड़क को महज 9-10 माह होने को हैं, मगर यह सड़क मुश्किल से 6 माह भी नहीं टीक पाई और पूरी तरह उखड़ कर उसकी हालत अत्यंत जर्जर व दयनीय हो चुकी हैं, जिस पर सुरक्षित व आराम दायक सफर करना आम लोगों के लिए एक सपना सा हो चला हैं। 
इसकी जानकारी विभाग के अधिकारियों को हैं या नहीं इसको तो वे ही जाने, मगर उनके द्वारा जानकारी लेना तो दूर झांकना भी जरूरी नहीं समझा जा रहा हैं। जबकि यह सड़क कार्य करने वाले ठेकेदार के गारंटी परेड में हैं। 

सड़क की गारंटी परेड हैं पांच सालों की 
ज्ञात हो कि साजा ब्लाक के ग्राम खपरी में मेन रोड़ से टेढ़ी पहुंच मार्ग की सड़क का निर्माण होने के बाद यह सड़क निर्माण कार्य करने वाले ठेकेदार की गारंटी (देखरेख) में हैं, जिसकी समय अवधी 5 सालों की हैं। मगर निर्माण के बाद ठेकेदार द्वारा उक्त सड़क को देखने की भी जरूरत नहीं समझी जा रही हैं। वहीं विभाग भी इस सड़क को झांकने की जहमत उठा रहा हैं। लिहाजा आम जनता को ही इस समस्या व परेशानी से दो चार व रूबरू होना पड़ रहा हैं। 
सड़क की हालत ने खोली विभाग की पोल 
करोड़ों रुपए की लागत वाली सड़क की इस प्रकार की स्थिति व हालत विभाग की कार्यशैली व गुणवत्ता की पोल खोल कर रख दी हैं। निर्माण के बाद पांच सालों की गारंटी वाली सड़क महज 6 माह में ही जर्जर व खस्ता हाल हो जाना किसी बड़े भ्रष्टाचार की ओर इंगित करता हैं। इसमें कोई दो मत नही कि कार्य में जमकर बंदरबाट किया गया हैं। अब देखना यह होगा कि इस पर उच्च अधिकारी या शासन प्रशासन क्या एक्शन लेते हैं। 

"ऐसा होना तो नहीं चाहिए, मैं पता करवाता हूं। ----- मुकेश सागरकर, ईई, पीएमजीएसवाय बेमेतरा" 

1.80 करोड़ की लागत से बनी सड़क 6 माह भी नहीं टीकी, हुआ जर्जर

मुख्य मार्ग से टेढ़ी तक 4 किमी सड़क मार्ग निर्माण को हो रहा 9 माह, मगर 6 माह में हुआ बदहाल  सड़क की स्थिति ने खोली विभाग की कार्यशैली व गुणवत...