रेलवे में RAC व्यवस्था की समीक्षा और पारदर्शिता के लिए संगठन ने की मांग

प्रांताध्यक्ष भानु प्रताप यादव ने छत्तीसगढ़ सर्व समाज संगठन ने रेल मंत्री एवं रेलवे बोर्ड को पत्र भेज की मांग 
दुर्ग 04 अक्टूबर 2026 - भारतीय रेलवे की आरक्षण प्रणाली में लागू RAC (Reservation Against Cancellation) व्यवस्था को लेकर यात्रियों की परेशानियों और असुविधाओं को देखते हुए छत्तीसगढ़ सर्व समाज संगठन (अधिकारी-कर्मचारी प्रकोष्ठ) ने इसकी व्यापक समीक्षा एवं व्यवस्था में आवश्यक सुधार की मांग की है। 
      संगठन के प्रांताध्यक्ष भानु प्रताप यादव ने इस संबंध में रेल मंत्री भारत सरकार तथा अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) रेलवे बोर्ड नई दिल्ली को पत्र प्रेषित कर RAC व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, सरल, सुविधाजनक एवं यात्री हितैषी बनाने की मांग की है। 

आरक्षण व्यवस्था का स्पष्ट एवं पारदर्शी होना अत्यंत आवश्यक 
प्रांताध्यक्ष भानु प्रताप यादव ने कहा कि भारतीय रेल देश की जीवनरेखा है और प्रतिदिन लाखों यात्री रेल से सफर करते हैं। ऐसे में आरक्षण व्यवस्था का स्पष्ट एवं पारदर्शी होना अत्यंत आवश्यक है। वर्तमान RAC व्यवस्था के कारण यात्रियों को यात्रा के अंतिम समय तक अपनी सीट एवं पूर्ण बर्थ की स्थिति को लेकर अनिश्चितता बनी रहती है।

बुजुर्गों, महिलाओं और लंबी दूरी के यात्रियों की परेशानी 
संगठन ने पत्र में कहा है कि RAC टिकट में एक ही सीट/बर्थ को दो यात्रियों के बीच साझा किया जाता है। छोटी दूरी की यात्रा में यह व्यवस्था किसी हद तक स्वीकार्य हो सकती है, लेकिन लंबी दूरी की यात्रा में बुजुर्गों, महिलाओं, बच्चों, बीमार एवं शारीरिक रूप से अस्वस्थ यात्रियों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। 

सीट आवंटन प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग 
संगठन ने यह भी मांग की है कि यात्रियों को चार्ट तैयार होने से पहले उपलब्ध सीटों तथा अंतिम समय में रिक्त होने वाली बर्थ की स्थिति की स्पष्ट एवं समयबद्ध जानकारी उपलब्ध कराई जाए। इससे यात्रियों को अपनी यात्रा की वास्तविक स्थिति पहले से समझने में सुविधा होगी और अनिश्चितता कम होगी। 

संगठन की प्रमुख मांगें 
# RAC व्यवस्था की व्यापक समीक्षा की जाए तथा इसे समाप्त करने अथवा इसमें ठोस सुधारात्मक कदम उठाने पर विचार किया जाए। 
# उपलब्ध सीटों एवं चार्ट बनने के बाद रिक्त होने वाली बर्थ की जानकारी यात्रियों को समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराई जाए। 
# सीट आवंटन की प्रक्रिया को सरल एवं सुलभ बनाते हुए यात्रियों को उनकी RAC/कन्फर्म बर्थ की स्थिति की स्पष्ट जानकारी दी जाए। 
# जब तक RAC व्यवस्था में व्यापक सुधार नहीं होता, तब तक लंबी दूरी के RAC यात्रियों के लिए अधिक सुविधाजनक एवं मानवीय यात्रा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। 
# बुजुर्गों, महिलाओं, बच्चों एवं गंभीर रूप से अस्वस्थ यात्रियों के मामलों में प्राथमिकता के आधार पर सुविधाजनक बर्थ आवंटन की व्यवस्था पर विचार किया जाए। 

विषय पर गंभीरता से विचार कर शीघ्र उचित कार्रवाई की उम्मीद 
संगठन के प्रांताध्यक्ष भानु प्रताप यादव ने कहा कि रेलवे प्रशासन को यात्रियों की व्यावहारिक समस्याओं, विशेषकर बुजुर्गों, महिलाओं, बच्चों एवं बीमार यात्रियों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए RAC व्यवस्था में आवश्यक सुधार करना चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि रेल मंत्रालय एवं रेलवे बोर्ड इस जनहित के विषय पर गंभीरता से विचार कर शीघ्र उचित कार्रवाई करेंगे। 

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