हाफ ईयरली परीक्षा के परिणामों का हुआ सूक्ष्म मूल्यांकन, 100% बोर्ड रिज़ल्ट के लिए उच्चाधिकारियों ने दिया महा-मंत्र
बेमेतरा 04 अक्टूबर 2026 - छत्तीसगढ़ के प्रतिष्ठित डीएवी मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूलों में शैक्षणिक सत्र 2026-27 की आगामी बोर्ड परीक्षाओं में शत-प्रतिशत और गुणवत्तापूर्ण परिणाम सुनिश्चित करने के उद्देश्य से डीएवी पब्लिक स्कूल हुडको (भिलाई) में एक दिवसीय उच्च स्तरीय महा-समीक्षा बैठक का भव्य आयोजन किया गया। 'मिशन एक्सीलेंस 2027' और 'मिशन जीरो फेल्योर' के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए इस महत्वपूर्ण बैठक में हाल ही में संपन्न हुई अर्धवार्षिक (हाफ ईयरली) परीक्षा के नतीजों की गहन समीक्षा की गई और परिणाम सुधार के लिए आगामी रणनीति का मार्ग प्रशस्त किया गया।
12 जोन के प्रभारियों सहित 17 नोडल प्राचार्यों ने की सक्रिय सहभागिता
इस ऐतिहासिक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ डीएवी संस्थानों के प्रमुख व कुशल क्षेत्रीय अधिकारी प्रशांत कुमार ने की। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ पूर्व उपसंचालक आशुतोष चावरे विशेष रूप से उपस्थित रहे। बैठक में छत्तीसगढ़ डीएवी के 12 ज़ोन से आए प्रभारियों सहित कुल 17 नोडल प्राचार्यों ने सक्रिय सहभागिता निभाते हुए अपने-अपने क्षेत्रों की शैक्षणिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की।
अर्धवार्षिक परीक्षा के नतीजों पर मंथन और मार्गदर्शक संदेश
बैठक में कक्षा 10 वीं और 12 वीं के अर्धवार्षिक परीक्षा के नतीजों का सूक्ष्म विश्लेषण किया गया। मुख्य अतिथि आशुतोष चावरे ने प्राचार्यों को मोटिवेट करते हुए अपने संदेश में कहा "अर्धवार्षिक परीक्षा के परिणाम हमारे लिए आत्मनिरीक्षण का अवसर हैं। कमियों को पहचानकर उन्हें ताकत में बदलना ही हमारा लक्ष्य है। यदि हम पूरी ऊर्जा और टीम भावना से कार्य करें, तो सत्र 2026-27 में 100% परीक्षा परिणाम का लक्ष्य बेहद आसान हो जाएगा और छत्तीसगढ़ में डीएवी अपने नाम के अनुरूप उत्कृष्टता का प्रतीक बन जाएगा।" उन्होंने निर्देश दिया कि प्रत्येक स्कूल पाठ्यक्रम पूर्ण करने के साथ-साथ हर एक बच्चे की व्यक्तिगत प्रगति पर विशेष ध्यान दे।
परिणाम सुधार और आगामी कार्ययोजना के मुख्य बिंदु :
लक्ष्य चार्ट और निरंतर निगरानी : प्रत्येक विद्यालय के क्लासरूम में विद्यार्थियों का लक्ष्य प्रतिशत अनिवार्य रूप से प्रदर्शित किया जाएगा। साथ ही, बच्चों को उनके घरों के अध्ययन स्थल पर भी अपना व्यक्तिगत लक्ष्य लिखने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
कमजोर छात्रों को 'गोद' लेंगे शिक्षक : अर्धवार्षिक परीक्षा के आधार पर बेहद कमजोर (33% से 45% अंक वाले) छात्रों को चिह्नित कर शिक्षक उन्हें गोद लेंगे। कठिन विषयों के लिए स्कूल स्तर पर तुरंत विशेष उपचारात्मक (Remedial) कक्षाएं शुरू करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।
होम टाइम-टेबल और औचक निरीक्षण : शिक्षक, छात्र और अभिभावक मिलकर घर पर न्यूनतम 3 घंटे की पढ़ाई का टाइम-टेबल तैयार करेंगे। शिक्षक बिना बताए अचानक बच्चों के घर जाकर यह जांच करेंगे कि बच्चे निर्धारित समय पर पढ़ रहे हैं या नहीं।
अध्ययन की वैज्ञानिक पद्धति : प्रत्येक अध्याय की समाप्ति पर चैप्टर-वाइज टेस्ट, प्रश्न-उत्तर अभ्यास और सीबीएसई ब्लूप्रिंट आधारित असाइनमेंट दिए जाएंगे। बच्चों के 4-5 के छोटे समूह बनाकर विषयवार सेमिनार व चर्चाएं आयोजित की जाएंगी।
अक्टूबर तक कोर्स पूरा करने का लक्ष्य : सभी विषय शिक्षकों को अक्टूबर तक 100% पाठ्यक्रम पूर्ण करने तथा बोर्ड पैटर्न पर आधारित 3-3 सेट मॉडल प्रश्न पत्र ब्लूप्रिंट के आधार पर तैयार कर बच्चों से सघन अभ्यास कराने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही बार-बार टेस्ट लेने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन दिए।
एक आंदोलन की हुई शुरुआत : प्रशांत कुमार
क्षेत्रीय अधिकारी प्रशांत कुमार ने प्राचार्यों में ऊर्जा भरते हुए कहा कि यह केवल एक समीक्षा बैठक नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की शिक्षा व्यवस्था में एक बड़े आंदोलन की शुरुआत है। जब शिक्षक, छात्र और अभिभावक तीनों मिलकर एक ही दिशा में 'स्मार्ट वर्क' करेंगे, तो परिणाम ऐतिहासिक होंगे।डी ए वी पब्लिक स्कूल हुडको के शिक्षक संतोष पाणिग्राही ने प्रोजेक्टर के माध्यम से रिजल्ट की समीक्षा बैठक में विशेष सहयोग प्रदान किए।
17 नोडल प्राचार्यों ने एक स्वर में संकल्प
बैठक के समापन पर सहायक क्षेत्रीय अधिकारियों में आदरणीय डॉ. बीपी साहू, एसके पांडेय, राकेश कुट्टन एवं श्रीमती राज रेखा शुक्ला प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। बैठक में उपस्थित सभी 17 नोडल प्राचार्यों ने एक स्वर में संकल्प लिया कि वे सामूहिक प्रयास और कड़ी मेहनत से इस वर्ष अपने सभी 72 मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूलों में शत-प्रतिशत परिणाम देकर छत्तीसगढ़ राज्य का नाम पूरे देश में रोशन करेंगे।
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