लोक संस्कृति कर्मी, जनजाति शोधार्थी राम कुमार वर्मा को पुस्तक भेंटकर किया संक्षिप्त संवाद
बेमेतरा 22 अक्टूबर 2026 - शिक्षकों में बहुआयामी प्रतिभा होती है। इसका जीता- जागता उदाहरण साजा विकास खंड के ग्राम तेंदूभाठा में जन्मे और संपूर्ण जीवन काल को छत्तीसगढ़ी लोक संस्कृति, गोंड़ समुदाय के करमा नृत्य को समर्पित, लोक वाद्यों के संग्राहक व वादक, करमा नर्तक कलाकार के रुप में विश्व स्तरीय ख्याति प्राप्त करने पर घनश्याम ठाकुर सेवानिवृत्त प्रधान पाठक को 'करमा सम्राट' के रुप में पूरा छत्तीसगढ़ सहित संपूर्ण भारत में जाना जाता है।
'कबिता कुंदरा' पुस्तक प्रकाशित, जिसका विमोचन डॉ. रमन सिंह ने किया
बचपन से खेल में अभिरुचि होने के साथ ही अपनी गोंड़ी संस्कृति के अनुरुप करमा सम्राट सेवानिवृत्त प्रधान पाठक घनश्याम ठाकुर ने करमा को कला विधा के रुप में चुनने व शिक्षकीय जीवन आरंभ करने के साथ ही छत्तीसगढ़ी, गोंड़ी और हिंदी में निरंतर कविताएं, विशिष्ट जनों की स्ततियां, सम्मान पत्र एवं यशोधन लिखने में सिद्धहस्त हैं। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ी में भाषा में लिखी अपनी कविताओं को 'कबिता कुंदरा' नामक पुस्तक के रुप में इन्होंने प्रकाशित भी कराया गया है। इसका विमोचन विधानसभा अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने अपने निवास में किया।
लोक कर्मी व शोधार्थी को पुस्तक भेंटकर दी संक्षिप्त जानकारी
लोक संस्कृति कर्मी, जनजाति शोधार्थी राम कुमार वर्मा को पुस्तक भेंटकर संवाद करते हुए करमा सम्राट सेवानिवृत्त प्रधान पाठक घनश्याम ठाकुर ने बताया कि कविता कुंदरा पुस्तक में अपने संक्षिप्त परिचय के साथ ही छत्तीसगढ़ी रचनाओं को शामिल करते हुए श्री गणेश की वंदना "प्रथम सुमिरवं दाई दादा के कोरा, जन्म ले आयेंव। बाढ़ेवं पढ़ेव लिखेंव दुनिया में, अउ ये मउका पायेंव।" से लेकर मोर देश के माटी, भारत मैया, नशा के नास, छत्तीसगढ़ के मैया, माटी के बेटा, माटी के मया, तिरंगा, अंधरा राज, सुरता, छत्तीसगढ़ के जन्म सोहर, गजल, बइरी बादर, भूल झन जाबे,अंचरा के पिरिया, मोर छत्तीसगढ़ के माटी, जवाबी करमा चंदा, दहेज पर दुर्गति, परदेशी, मेरा देश है महान, होरी, विराट बिरह हीरादेवी, कायर के करनी, लक्ष्मी, तिरंगा, नवा रतिहा नवा बिहानिया, केंवट के ठनबन, वीर नारायण सोनाखान, चौतरफा, अंधियावन, चंदन माटी, अगोरा, फकीर गीत बारहमासी, लिखाइया के चिन्हारी जैसे मौलिक शीर्षकों में अपनी देशभक्ति, छत्तीसगढ़ी के प्रति प्रेम, अपने गोंड़ समुदाय की लोक संस्कृति की विशेषताओं को उभारने का हर संभव प्रयास किया है।
रचनात्मक प्रयास के लिए दी प्रशंसा व बधाई
करमा सम्राट सेवानिवृत्त प्रधान पाठक घनश्याम ठाकुर के रचनात्मक प्रयास के लिए डॉ. रमन सिंह सहित पूर्व विधायक लाभचंद बाफना, वर्तमान विधायक ईश्वर साहू, नगर पंचायत साजा के युवा अध्यक्ष हिमांशु वर्मा, लोक संस्कृति कर्मी राम कुमार वर्मा, स्थानीय पत्रकारों, साहित्यकारों डॉ. पीसी लाल यादव, डॉ. सियाराम साहू, धर्मेंद्र कुमार वर्मा, कवि व प्राचार्य अलेन कुमार गुप्ता, सेवानिवृत्त प्राचार्य शा.उ.मा. शाला घोटवानी प्रकाश वर्मा, तेज कुमार वर्मा आदि ने हार्दिक प्रसन्नता व्यक्त कर बधाई प्रेषित की है।
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