बेमेतरा 20 अक्टूबर 2026 - विजयदशमी पर्व का हर्षोल्लास आयोजन नगर पंचायत साजा के स्व. लाल ज्ञानेंद्र सिंह नवीन बाजार में सम्पन्न हुआ। जहां नगर पंचायत द्वारा आतिशबाजी और रावण पुतले का निर्माण कर राम लीला के पात्रों के चुटकुले व धार्मिक संवादों से मंच पर रावण वध होने के पश्चात रावण पुतले का दहन किया गया।
पुरातन व पुरखों द्वारा प्रारंभ परंपरा को नवीन पीढ़ी करा रहीं संपन्न
साजा की डेढ़ से दो दसकों के प्राचीन परंपरा के अनुरुप यहां के पुरखों ठाकुर दास राठी, जीवन लाल राठी, धनराज टावरी, लाल ज्ञानेंद्र सिंह, जैसी राम चांडक, पंडित बुलाकी प्रसाद शर्मा, देव सिंह वर्मा, लतेल वर्मा, हीरा सिंग, दान सिंग वर्मा, जैपाली मंडल, रिखब चंद जैन सहित ग्राम साजा के तात्कालिक सांस्कृतिक अभिरुचि रखने वाले लोगों द्वारा प्रारंभ किए गए दशहरा उत्सव आज अपनी नवीन पीढ़ी के साथ संपन्न कराया जाता है।
शोभा यात्रा, रामलीला मंचन पश्चात रावण दहन
साजा में रावण वध करने के लिए राम लीला के पात्रों सहित नगरवासियों को आमंत्रित करते हुए नगर की धार्मिक श्रद्धा केंद्र श्रीराम मंदिर परिसर से शोभा यात्रा करते हुए ग्राम देवता हनुमान मंदिर, शीतला मंदिर, सहाड़ा देव आदि होते हुए 'रावण भाटा' रावण दहन स्थल पहुंचा। जहां क्षेत्र के दर्शकों की काफी संख्या में उपस्थिति में राम लीला का बेहद आकर्षक ढंग संवाद कर मंचन किया गया। रामलीला मंचन पश्चात रावण का पुतला दहन किया गया। रावण दहन पश्चात भगवान राम की आरती कर सभी को प्रसाद वितरण किया गया।
शोधार्थी एवं संस्कृति कर्मी ने बताया पुरातन परंपरा
जनजाति शोधार्थी एवं लोक संस्कृति कर्मी राम कुमार वर्मा ने बताया कि रावण वध करने के लिए राम लीला के पात्रों सहित नगरवासियों को आमंत्रित करते हुए नगर की धार्मिक श्रद्धा केंद्र श्रीराम मंदिर परिसर से भगवान की 'फुल डोल' सहित स्व. फूल सिंह वर्मा के परिजनों द्वारा निर्मित 'देव निशान' के साथ शोभा यात्रा करते हुए ग्राम देवता हनुमान मंदिर, शीतला मंदिर, सहाड़ा देव आदि होते हुए 'रावण भाटा' जाकर क्षेत्र के दर्शकों की काफी संख्या में उपस्थिति में राम लीला का संवाद बेहद आकर्षक ढंग से कराया जाता है। इसे देख कर आज भी स्व.पंडित कालिका महराज द्वारा रामलीला के संवादों व उनके द्वारा रावण का पाठ किए जाने से लेकर रावण पुतले के लिए स्व. छत्तर सिंह ठाकुर द्वारा मुखौटे निर्माण करने की परंपरा की याद ताजा हो जाती है।
पुरातन परंपरा को निभा रहीं नई युवा पीढ़ी
इस वर्ष रामलीला मंचन में रावण का पाठ शिक्षक नरेश साहू व अंगद का पाठ आत्मा राम साहू ने किया। इस परंपरा को आज भी नगर में पीढ़ी दर पीढ़ी नवयुवकों द्वारा निभाई जा रही है।
पर्याप्त स्थान और व्यवस्था से होता जा रहा रोचक
नए बाजार बनने से पर्याप्त स्थान मिलने तथा आसपास के लोगों की काफी संख्या में उपस्थित रहने से रावण वध का कार्यक्रम और भी ऐतिहासिक व रोचक होते जा रहा है। इसे नगर पंचायत की ओर से स्वच्छता, प्रकाश, सुरक्षा आदि की व्यवस्था सहित आतिशबाजी बहुत अच्छी और दो सौ वर्षो की प्राचीन परंपरा के अनुरुप रोमांचक ढंग कराई जाती है। दूर दराज के लोग आतिशबाजी देखने छोटे-छोटे बाल बच्चों को लेकर आते हैं।
युवा अध्यक्ष और पार्षदों के सानिध्य में शांति पूर्ण आयोजन
इस वर्ष नगर पंचायत के युवा अध्यक्ष हिमांशु वर्मा और उनके सभी पर पार्षदों के साझा संयोजन से बेहद शांति और सद्भावनापूर्ण रावण वध का कार्यक्रम संपन्न हुआ। दर्शकों के स्वस्थ मनोरंजन के लिए पुरानिक साहू बालोद वाले द्वारा संचालित 'लहर गंगा' लोक सांस्कृतिक कार्यक्रम की रोचक प्रस्तुति देर रात तक हुई। इसकी दर्शकों ने खूब सराहना की।
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