बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक का पर्व है विजयादशमी - बारगांव सोसायटी अध्यक्ष नरेंद्र वर्मा

मटिया (बारगांव) में धूमधाम से मनाया दशहरा पर्व, धूं धूं कर जला रावण

राम-लक्ष्मण-सीता व हनुमान सेना की निकाली झांकी 
बेमेतरा 20 अक्टूबर 2026 - बुराई पर अच्छाई और असत्य पर सत्य सच्चाई का प्रतीक दशहरा पर्व जिलें के बेरला ब्लाक के ग्राम मटिया (बारगांव) में बड़े हर्षोल्लास से मनाया गया। मंगलवार देर शाम मटिया स्कूल के पास स्थित मैदान में 50 फीट ऊंचे रावण का पुतला जलाया गया। उड़ता हनुमान मुख्य आकर्षण का केंद्र रहा। इस दौरान अतिशबाजी की गई, जिससे आसमान जगमगा उठा। सैकडों लोगों ने आतिशबाजी का नजारा देखा।  
उत्सव में शामिल हुए अतिथिगण 
आयोजन में मुख्य अतिथि सेवा सहकारी समिति बारगांव के अध्यक्ष नरेंद्र वर्मा, बेरला जनपद उपाध्यक्ष शुभम वर्मा, सरद मंडल अध्यक्ष देवेंद्र वर्मा, कांग्रेस नेता तखत राम साहू प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। 

    सेवा सहकारी समिति बारगांव के अध्यक्ष नरेंद्र वर्मा ने दशहरा पर्व समिति के संयोजक राजेंद्र वर्मा सहित उनकी टीम को बधाई दी, जिनके अथक प्रयास की बदौलत लगातार 54 वें वर्ष दशहरा पर्व का भव्य आयोजन किया। अध्यक्ष नरेंद्र वर्मा ने कहा विजयादशमी का यह पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक का पर्व है। इस पर्व से यह प्रेरणा मिलती है, बुराई चाहे जितनी ताकतवार क्यों न हो, अंत में जीत अच्छाई की ही होती है। इसलिए कभी भी बुराई के रास्ते में नहीं जाना चाहिए। 
  जिला कांग्रेस कमेटी बेमेतरा उपाध्यक्ष विजय पारख ने कहा कि विजयादशमी पर हमें यही प्रेरणा लेनी है कि हमें अपने अंदर व सामने की बुराइयों का मिलकर खात्मा करना है। 
       भाजपा सरदा मंडल अध्यक्ष देवेंद्र वर्मा ने गांव वासियों को दशहरा की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बुराई पर अच्छाई की जीत को विजयादशमीं के रूप में मनाते हैं। इस दिन मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम ने अहंकारी रावण का वध किया था। 
     बेरला जनपद उपाध्यक्ष शुभम वर्मा ने कहा कि "विजयादशमी का त्योहार भारतीय संस्कृति में वीरता, असत्य पर सत्य और अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक है"। 
      कांग्रेस नेता तखत साहू ने कहा कि विजय दशमीं का पर्व हमें अपने अंदर के रावण रूपी अहंकार को मारने की सीख देती है। 
राम-लक्ष्मण-सीता व हनुमान सेना की निकाली झांकी 
झांकियों के माध्यम से असत्य पर सत्य व बुराई पर अच्छाई की जीत को दर्शाया गया। जिसमें राम-लक्ष्मण-सीता, हनुमान सेना सहित रावण इत्यादि की झांकियां निकाली गई। भगवान श्रीराम, भाई लक्ष्मण, माता सीता और हनुमान की जीवंत झांकी लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा। 

आतिशबाजी से गूंज उठा पूरा मैदान 
रामलीला नाट्यमंचन के बाद भगवान श्रीराम द्वारा रावण के पुतले को जलाया गया, पूरा मैदान आतिशबाजी से गूंज उठा। वहीं रावण दहन के बाद गांव में घर-घर में भगवान श्रीराम की पूजा-अर्चना की गई। 

इनका रहा सहयोग 
संयोजक राजेन्द्र वर्मा के संचालन में हुए कार्यक्रम में राजेन्द्र यादव, तुकाराम साहू, तेजराम विश्वकर्मा, जोहन साहू, रामकुमार निषाद, रामनाथ यादव, गुड्डू यादव, धर्मेंद्र पटेल, सतीश यादव, देवेंद्र वर्मा, सनत चौधरी, कमलेश पटेल, राम रावत, शंकर सेन, बोसेन्द्र पांडेय, लव साहू, छन्नू निषाद, माखन निषाद, उदे निषाद, धनीराम, बसावन साहू, साधु साहू, बल्ला निषाद, टोपसिंह साहू, धर्मेंद्र साहू, टूम्मन पाटिल, नरसिंह साहू, त्रिलोक साहू, ईश्वर साहू, प्रेमलाल साहू, गुड्डू साहू, मनीराम निर्मलकर, अशोक साहू, कामता साहू, हीराराम वर्मा, जितेंद्र वर्मा, बंशी रावत का सहयोग रहा। 

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