बेमेतरा 18 अक्टूबर 2026 - ग्रामीण अंचल की खेल प्रतिभाओं ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि यदि सही मार्गदर्शन, पक्का इरादा और अनुशासन हो, तो संसाधनों की कमी कभी भी सफलता के आड़े नहीं आ सकती राजधानी रायपुर में हाल ही में सम्पन्न हुई 26 वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा हॉकी प्रतियोगिता (अंडर-14 वर्ष बालक/बालिका वर्ग) में बेमेतरा जिले के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बारगांव और देवरी के खिलाड़ियों ने अपने जादुई खेल से एक नया इतिहास रच दिया है। दुर्ग संभाग की टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए इन होनहार खिलाड़ियों ने 4 स्वर्ण पदक (गोल्ड मेडल) अपने नाम कर न सिर्फ अपने स्कूल का, बल्कि पूरे बेमेतरा जिले और अंचल का नाम छत्तीसगढ़ के खेल मानचित्र पर गर्व से ऊंचा कर दिया है।
पूरे टूर्नामेंट में अजेय रही टीम, विपक्षियों को नहीं मिला टिकने का मौका
प्रतियोगिता के दौरान बालक और बालिका दोनों ही वर्गों में दुर्ग संभाग की टीम का एकतरफा दबदबा रहा। बारगांव के प्रतिभावान खिलाड़ियों प्रकाश प्रजापति, भूषण साहू, गूंजा साहू और अनन्या निषाद ने मैदान पर उतरकर अपने उत्कृष्ट खेल और बेहतरीन तालमेल का प्रदर्शन किया लीग मैचों से लेकर खिताबी (फाइनल) मुकाबलों तक, टीम का प्रदर्शन बेहद आक्रामक और अभेद्य रहा, पूरे टूर्नामेंट में अजेय रहते हुए इन खिलाड़ियों ने फाइनल मैच में शानदार जीत दर्ज कर सोने के तमगों पर कब्जा जमाया मैदान पर बच्चों की स्टिक से निकला हर एक पास और गोल विपक्षी टीमों की उम्मीदों को पछाड़ता चला गया।
कोच तुलसी साहू ने कड़े प्रशिक्षण से तराशा
ग्रामीण पृष्ठभूमि और सीमित सुविधाओं के बीच से निकलकर इन स्कूली बच्चों को राज्य स्तर के इस बड़े मुकाम तक पहुंचाने में उनकी हॉकी कोच और व्यायाम शिक्षिका तुलसी साहू का सबसे बड़ा और मार्गदर्शक योगदान रहा खिलाड़ियों के भीतर छिपी प्राकृतिक प्रतिभा को पहचाना और उसे सही दिशा दी। उनके कड़े, आधुनिक और अनुशासित खेल प्रशिक्षण की बदौलत ही आज ये खिलाड़ी राज्य स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाने में कामयाब रहे हैं। सुबह-शाम मैदान पर बहाया गया पसीना आज पदक के रूप में बच्चों के गले में चमक रहा है।
बच्चों ने विपरीत परिस्थितियों में भी इतिहास रचा
विद्यालय के प्राचार्य श्याम सिंह ने इस अवसर पर कहा कि हमारे विद्यालय के इन ग्रामीण बच्चों ने यह साबित कर दिया है कि प्रतिभा किसी सुख-सुविधा या बड़े संसाधनों की मोहताज नहीं होती। विपरीत परिस्थितियों और सीमित खेल मैदान के बावजूद बच्चों ने जो पसीना बहाया आज उसी का परिणाम है कि उन्होंने राज्य स्तर पर स्वर्ण पदक जीतकर स्कूल और पूरे जिले का नाम रौशन किया है। हमें अपने खिलाड़ियों और मार्गदर्शक व्यायाम शिक्षिका कोच तुलसी साहू पर गर्व है।
बच्चों की कड़ी मेहनत और अनुशासन रंग लाया
व्यायाम शिक्षिका और कोच तुलसी साहू ने टीम की इस स्वर्णिम सफलता पर गर्व महसूस करते हुए कहा कि यह जीत इन बच्चों की दिन-रात की कड़ी मेहनत, अटूट लगन और कड़े अनुशासन का प्रतिफल है। ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, बस उन्हें सही दिशा और थोड़े से विश्वास की जरूरत होती है। हमारे पास भले ही बड़े शहरों जैसे आलीशान संसाधन या एस्ट्रोटर्फ मैदान नहीं थे, लेकिन बच्चों के इरादे लोहे जैसे मजबूत थे। सुबह और शाम के सत्रों में बच्चों ने मैदान पर जो पसीना बहाया, उसी की बदौलत आज वे राज्य स्तर पर अजेय रहे हैं। एक शिक्षिका और कोच के रूप में मेरे लिए इससे बड़े गर्व का क्षण नहीं हो सकता। हमारा सफर यहीं नहीं रुकता साथ ही विद्यालय के समस्त स्टाफ ने खिलाड़ियों की इस उपब्धि पर बधाई एवं शुभकामनाएं दी।
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