लाखों की पुलिया का निर्माण अधूरा, सालों से पड़ी हैं अपूर्ण स्थिति में

गौ अभ्यारण्य झालम में पुलिया निर्माण में धांधली पर अधिकारियों की मौन सहमति 

अनदेखी - स्थल पर सूचना बोर्ड नहीं, जानकारी छुपा कर किया जा रहा कार्य 

विभाग - कृषि विपणन (मंडी) बोर्ड अंतर्गत निर्माण, जिलें में ना ऑफिस ना अधिकारी 
बेमेतरा 21 सितंबर 2026 - जिले के ग्राम झालम में शासन-प्रशासन की महत्वाकांक्षी गौ अभ्यारण्य परियोजना के तहत चल रहे निर्माण कार्यों में मनमानी और गंभीर अनियमितताओं के मामले सामने आए हैं। गौ अभ्यारण्य से महज 100 मीटर की दूरी पर लाखों रुपये की लागत से बनाई जा रही स्लैब पुलिया पिछले एक साल से निर्माणधीन है, लेकिन इसकी सुस्त रफ्तार और गुणवत्ता पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। 

स्थल पर नहीं हैं सूचना बोर्ड 
इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट के तहत बनने वाली इस पुलिया के निर्माण स्थल पर कोई भी निर्माण सूचक बोर्ड नहीं लगाया गया हैं, जोकि एक सबसे बड़ी चूक/गलती है। बोर्ड न होने के कारण कार्य की लागत, समय सीमा, ठेकेदार का नाम और निर्माण संबंधी जानकारी सहित अन्य जरूरी जानकारियां पूरी तरह से छिपा दी गई हैं, जिससे प्रोजेक्ट में पारदर्शिता का अभाव साफ झलकता है। 
तय समय सीमा पार, घटिया सामग्री उपयोग 
गौ अभ्यारण्य झालम में पुलिया निर्माण में प्रशासन की तय समय सीमा बीतने की आशंका के बीच निर्माण कार्य में घटिया सामग्रियों के इस्तेमाल और भारी लापरवाही की शिकायतें मिल रही हैं, जिससे ग्रामीणों और स्थानीय लोगों में आक्रोश है। 

सांठगांठ व संरक्षण 
खास बात यह है कि इस पूरे मामले में ठेकेदार और विभाग (छत्तीसगढ़ राज्य कृषि विपणन (मंडी) बोर्ड दुर्ग संभाग) के अधिकारियों की कथित सांठगांठ खुलकर सामने आ रही है। मनमाने तरीके से चल रहे इस निर्माण कार्य को लेकर जब मंडी बोर्ड के सब इंजीनियर परवेज बेग, एसडीओ अजय प्रताप सिंह और कार्यपालन यंत्री केके कंवर से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उनसे संपर्क नहीं हो पाया। उन्होंने किसी भी सवाल का जवाब देना मुनासिब नहीं समझा और चुप्पी साध ली। जिम्मेदार अधिकारियों का इस तरह मुंह मोड़ना भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है। 
जिलें में नहीं हैं विभाग का कार्यालय 
ज्ञात हो कि बेमेतरा जिलें में छत्तीसगढ़ राज्य कृषि विपणन (मंडी) बोर्ड का कार्यालय नहीं हैं। इस विभाग का कार्यालय संभाग स्तर पर दुर्ग में हैं, जहां से पूरे दुर्ग संभाग का संचालन किया जाता हैं। वहीं इस विभाग के एक शाखा उपज मंडी का संचालन बेमेतरा से होता हैं, जहां पर उपज मंडी संबंधित कार्यों को किया जाता हैं। 

जांच व कार्यवाही की मांग 
स्थानीय नागरिकों ने शासन और उच्च अधिकारियों से मांग की है कि इस 45 लाख रुपये के पुलिया निर्माण की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए, ताकि घटिया सामग्री का इस्तेमाल करने वालों और उदासीन अधिकारियों पर सख्त कार्यवाही हो सके। 

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