एग्रीस्टैक के नाम पर किसानों को किया जा रहा परेशान, धान नहीं खरीदने की हैं सरकार की मंशा
बेमेतरा 21 सितंबर 2026 - जिला कांग्रेस कमेटी बेमेतरा अध्यक्ष एवं बेमेतरा के पूर्व विधायक आशीष छाबड़ा ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार पूर्व में भी किसानों के धान खरीदना नहीं चाहती थी और वर्तमान में भी किसानों के धान नहीं खरीदना चाहती। यही कारण है कि लगातार किसानो का डिजिटल डेटाबेस इकट्ठा करने के नाम पर एग्रीस्टैक पोर्टल पर पहले पंजीयन करने के लिए किसानों को दबाव दिया गया।
दोबारा एग्रीस्टैक की बाध्यता करके किसान को परेशान
पूर्व विधायक व जिलाध्यक्ष आशीष छाबड़ा ने कहा कि पूर्व में जो किसान पंजीयन कर चुके हैं जिनके भूमि के खसरे में किसी प्रकार का परिवर्तन नहीं हुआ है उन्हें भी दोबारा एग्रीस्टैक पंजीयन करने की बाध्यता करके किसान को सरकार परेशान करने का काम कर ही रही है।
सरकार की धान नहीं खरीदने की मनसा को दर्शाता हैं
श्री छाबड़ा ने कहा कि वही इस वर्ष चाहे वह पूर्व के एग्रीस्टैक पंजीकृत किसान हो अथवा नए किसान उन्हें अपने सह खातेदारों के नाम पर भी नया एग्रीस्टैक पंजीयन करने की बाध्यता करना न केवल किसानों को परेशान करने का काम है, बल्कि यह सरकार की मनसा को दर्शाता है कि वह धान खरीदी करना नहीं चाहते।
एग्रीस्टैक के नाम पर घरों का विभाजन
आज सरकार एग्रीस्टैक में सह खातेदार पंजीयन के नाम पर घरों में विभाजन करने का कार्य कर रही है। अबतलक किसान परिवार के सदस्यों को कभी कोई आपत्ति नहीं हुई कि उनके हिस्से का धान उनका लंबरदार (परिवार का मुखिया) के नाम पर बेचा जा रहा है और धान बेचने से होने वाली आय परिवार की सामूहिक आय के रूप में मानी जाती रही है, तो ऐसा कौन सी विपदा आन पड़ी है जिसमें सरकार को सह खातेदारों के नाम पर भी पंजीयन करना पड़ रहा है। जबकि सह खातेदारों का हक और हिस्सा किसान ऋण पुस्तिका में दर्ज है। सरकार चाहे तो किसान के खसरा क्रमांक से ही भूमि के कितने खातेदार है का नाम जान सकती है। एग्रीस्टैक में सह खातेदार का पंजीयन करके भाजपा सरकार किसानों के घरों में अब फूट डालने का काम कर रही है।
देश को विभाजित कर लूटने की विचार धारा
भारतीय जनता पार्टी की विचार धारा ही देश को विभाजित करके रखने की है, जिससे देश को लूटा जा सके। इन्हें किसानों के दर्द से कोई लेना-देना नहीं है।
किसान जान चुका है कि भाजपा हैं किसान विरोधी
जब से भाजपा की सरकार बनी है, धान खरीदी के पूर्व ही इनका रोना धोना प्रारंभ हो जाता है और तरह-तरह के धान खरीदी में रोडे अटकने का कार्य धान खरीदी के पूर्व किया जाएगा जो अब तक सभी किसानों के अनुभव में आया है। किसान आज जान चुका है कि भाजपा किसान विरोधी है।
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