नपं थान खम्हरिया की आधी आबादी की जीवन दायिनी डोटू नाला में धार तक नहीं बह पाई
सिंचाई की गंभीर समस्या - लगभग 250-300 हे. के किसान सिंचाई के लिए तांक रहें मुंह, अब भगवान का ही सहारा
जिला प्रशासन के रिकॉर्ड/दावों की सच्चाई - 305 मिमी वर्षा के बाद भी जलस्रोतों में नहीं आया पानी
बेमेतरा 20 जुलाई 2026 - बेमेतरा जिले में जिला प्रशासन द्वारा इस मानसून में सबसे अधिक बारिश थान खम्हरिया तहसील में दर्ज की गई है। मौसम विभाग के अनुसार 1 जून से 20 जुलाई तक अब तक यहां 305 मिमी वर्षा हो चुकी है। पिछले हफ्ते हुई झमाझम बारिश से खेत लबालब हो गए, लेकिन आश्चर्य की बात यह है कि बेमेतरा जिलें के साजा ब्लाक के थान खम्हरिया नगर सीमा से बहने वाली जीवन दायिनी डोटू नदी अब भी सूखी पड़ी है। नदी में धार तक नहीं बही, इससे नगर पंचायत क्षेत्र की आधी आबादी के रहवासी निस्तारी के लिए परेशान हो रहे है।
रिकॉर्ड व सर्वाधिक बारिश के बाद भी नदी सूखा
जिला प्रशासन के आंकड़ों के अनुसार जिले में इस बार औसत से अधिक बारिश हुई है। उसमें भी थान खम्हरिया तहसील सबसे आगे है। 12 से 17 जुलाई के बीच हुई लगातार बारिश से कई निचले खेतों में पानी भर गया था। लेकिन नगर से सटकर बहने वाली डोटू नाला में बरसात की पानी की एक बूंद भी नजर नहीं आ रही। स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले 20 साल में ऐसा पहली बार हुआ है कि इतनी बारिश के बाद भी नाला नहीं चला। पहले एक अच्छी बारिश में ही नाले में पानी आ जाता था।
क्षेत्र के ऊपरी हिस्से में कम वर्षा का अनुमान
थान खम्हरिया तहसील क्षेत्र के लोगों द्वारा अनुमान लगाया जा रहा है कि नदी की उपरी भाग कबीरधाम जिले के सहसपुर लोहारा विकासखण्ड क्षेत्र मे औसतन कम बारीश होने से ही नदी मे धार तक नहीं बह पायी है। जिस कारण से इस क्षेत्र के लोगों व किसानों को इस समस्या का सामना करना पड़ रहा हैं।
नपं की आधी आबादी का सहारा, गर्मी में होंगी पुनः समस्या
डोटू नाला नगर पंचायत थान खम्हरिया क्षेत्र के सीमावर्ती वार्ड 1 से 8 तक तथा वार्ड क्रमांक 09, 10, 11 तथा 14 के नागरीको के लिए निस्तारी का बङा साधन है। गर्मी में हैंडपंप और बोर से पानी मिल जाता है, लेकिन बरसात में लोग निस्तारी, मवेशियों को पानी पिलाने और कपड़े धोने के लिए इसी नाले पर निर्भर रहते हैं। उक्त नदी से नगर का जलस्रोत बने रहने के लिए 3 एनीकट का निर्माण भी किया गया जो सूखी पड़ी है। अगर इस वर्ष जल भराव नही होता है, तो गर्मी मे नगरवासीयो के लिए मुसीबत खड़ी हो सकती है।
गौरतलब है कि पिछले गुरूवार को हूई झमाझम बारीश ने खरीफ फसल को तो बड़ा फायदा पहूचाया है वही उद्यानिकी खेती को भी लाभ मिला है परंतु विभिन्न जल संरचनाओ नदी, तालाब तथा पोखरो की प्यास नही बूझा पायी है। क्षेत्र मे अब तक 50-55 प्रतिशत बारीश हो चुकी है, ऐसे मे जलस्रोतो मे पर्याप्त जलभराव नही होती है तो नगर व क्षेत्रवासीयो के लिए परेशानी खड़ी हो सकती है।
थान खम्हरिया तहसील क्षेत्र का बड़ा हिस्सा प्रभावित
जिलें के साजा ब्लाक के नगर पंचायत थान खम्हरिया की 10 हजार की आबादी व कबीरधाम जिले के करीब 30 गांवो के साथ ही बेमेतरा जिले के साजा ब्लाक व थान खम्हरिया तहसील क्षेत्र के गुवारा, करमू, तोरन, हाटरांका, पलेनी, चीजगांव, हाडाहुली, गडुवा, बरगा, चूहका, महीदही, साजन, भरमपुरी जैसे दर्जनो गांव के लिए अपासी व निस्तारी का डोटू नाला एक बड़ा जल का साधन है।
गुवारा बांध से 200 हे. कृषि भूमि की सिंचाई होगी प्रभावित
डोटू नाले के गुवारा व्यपवर्तन से नहर नाली के माध्यम से नहर किनारे के करीब 200 हेक्टेयर कृषि के लिए अपासी का बड़ा साधन है, जिसमें सब्जी और धान की फसल ली जाती है। किसान खेमा वर्मा, रामखिलावन साहू, रज्जू पटेल, सनत पाटिल, धनीराम, राजेन्द्र दुबे, मंगलू साहू, दथाराम, खेलन साहू, राजाराम ने बताया कि वर्तमान मे बारिश से खेत में पानी जरूर है, लेकिन अगस्त सितंबर मे सिंचाई के लिए नाले का पानी नहीं मिलने से धान की फसल को प्रभावित कर सकता है।
जलस्रोतों को बचाना, संरक्षित करना आवश्यक
थान खम्हरिया तहसील क्षेत्र में 305 मिमी सर्वाधिक बारिश के बाद भी डोटू नाला का सूखा रहना इस बात का संकेत है कि सिर्फ बारिश होना ही काफी नहीं है। जलस्रोतों को बचाना, अतिक्रमण हटाना और जलागम क्षेत्र को संरक्षित करना आवश्यक है। अगर समय रहते डोटू नाला को पुनर्जीवित नहीं किया गया, तो आने वाले समय में थान खम्हरिया नगर की आधी आबादी सहित क्षेत्रवासीयो को पेयजल और निस्तारी के लिए भटकना पड़ेगा।
जिला प्रशासन का दावा सही या गलत, जिले से हटाया गया बोर खनन पर प्रतिबंध
बेमेतरा जिला कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाई ने जिले मे अच्छी बारीश होने के कारण ही पेयजल परीरक्षण अधिनियम 1986 के तहत लागू बोर खनन प्रतिबंध को 15 जुलाई से हटा दिया है। प्रशासन के अनूसार विभिन्न जल संरचनाओ मे भी पर्याप्त जलभराव हो चुका है। जिले के थान खम्हरिया तहसील मे सबसे अधिक वर्षा पोर्टल अनुसार वर्तमान सीजन मे 305 मीमी रिकार्ड वर्षा दर्ज किया गया है। बावजूद इसके नदी व तालाब जैसे जलस्रोतो मे जलभराव नही होना आश्चर्य का विषय बन गया है। वहीं जिला प्रशासन के दावों की सच्चाई पर सवालिया निशान लग गया हैं कि किया गया दावा कहा तक और कितना सही हैं।
जिले में अब तक 250.2 मिमी. औसत वर्षा दर्ज
जिला प्रशासन द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार चालू बारिश सीजन के दौरान बेमेतरा जिले में 01 जून 2026 से 20 जुलाई 2026 प्रतिवेदित दिनांक तक की स्थिति में सवेरे 08 बजे तक जिले में 250.2 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज की गई है। जिले में अब तक सर्वाधिक वर्षा तहसील थान खम्हरिया में 305 मि.मी. तथा न्यूनतम 191 मि.मी. वर्षा नवागढ़ तहसील में दर्ज की गई है। संयुक्त जिला कार्यालय के भू-अभिलेख शाखा से प्राप्त जानकारी के अनुसार बेमेतरा तहसील मे 198.4 मि.मी. वर्षा, देवकर तहसील में 244.5 मि.मी. वर्षा, बेरला तहसील में 246.9 मि.मी. व भिंभौरी तहसील में 237.9 मि.मी., साजा तहसील में 284.6 मि.मी.वर्षा, दाढ़ी तहसील मे 278.5 मि.मी. वर्षा एवं नांदघाट तहसील में 264.8 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज की गई है।
इस संबंध में राजस्व विभाग के थान खम्हरिया तहसीलदार व जल संसाधन विभाग के एसडीओ से संपर्क करने पर उनके द्वारा फोन रिसीव नहीं किया गया, जिससे उनका पक्ष नहीं मिल सका।
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