आईटीआई बेरला में तकनीकी नवाचार और वैज्ञानिक उपलब्धियों का उत्सव संपन्न

राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस पर दी योजनाओं व विषय आधारित जानकारी 
बेमेतरा 14 मई 2026 - औ‌द्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (ITI) बेरला में 'मेरा युवा भारत' (MY Bharat) और जिला युवा अधिकारी क्षितिज एवं आशीष कार्यालय दुर्ग के तत्वावधान में "राष्ट्रीय प्रौ‌द्योगिकी दिवस" का गरिमामय आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं के बीच वैज्ञानिक चेतना जागृत करना और भारत की तकनीकी शक्ति का प्रदर्शन करना था। 

ऐतिहासिक महत्व और प्रेरणा 
कार्यक्रम का शुभारंभ भारत की परमाणु शक्ति और ऐतिहासिक पोखरण-II परीक्षणों (ऑपरेशन शक्ति) को याद करते हुए किया गया, जो 11 मई 1998 को संपन्न हुए थे। 
      इस अवसर पर बताया गया कि कैसे भारत आज रक्षा, अंतरिक्ष और जैव प्रौ‌द्योगिकी के क्षेत्र में विश्व स्तर पर अग्रणी राष्ट्र के रूप में उभर रहा है। 

मुख्य विषय : समावेशी विकास के लिए जिम्मेदार नवाचार 
वर्ष 2026 के निर्धारित विषय "समावेशी विकास के लिए जिम्मेदार नवाचार" के अंतर्गत विभिन्न सत्र आयोजित किए गए। कार्यक्रम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), अंतरिक्ष विज्ञान और डिजिटल उपकरणों के नैतिक उपयोग के माध्यम से ग्रामीण और शहरी विकास के अंतर को पाटने पर विशेष जोर दिया गया। 

अतिथियों की उपस्थिति और विचार 
कार्यक्रम में संस्थान के वरिष्ठ अधिकारियों और विशेषज्ञों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और छात्रों का मार्गदर्शन किया। इस दौरान एसके साहू (प्रशिक्षण अधीक्षक) ने कहा कि समावेशी विकास के लिए जिम्मेदार नवाचार की दिशा में संस्थान का यह एक सराहनीय प्रयास है। बीपी देवांगन (प्रशिक्षण अधिकारी) ने बताया कि ऐसे आयोजनों से युवाओं में तकनीकी कौशल और वैज्ञानिक चेतना का संचार होता है। मनीष वर्मा (प्रशिक्षण अधिकारी) ने छात्रों को पोखरण परीक्षणों की सफलता से प्रेरणा लेकर आत्मनिर्भर भारत की दिशा में कार्य करने के लिए प्रोत्साहित किया। 
प्रेम सागर नायक (प्रशिक्षण अधिकारी) ने स्वदेशी तकनीक और स्थानीय नवाचार को बढ़ावा देने पर जोर दिया, जबकि चंद्रभूषण यादव (प्रशिक्षण अधिकारी) ने एआई और डिजिटल उपकरणों के नैतिक उपयोग को भविष्य की प्रगति का आधार बताया। रेवेंद्र वर्मा (प्रशिक्षण अधिकारी) और सौरभ अग्रवाल (प्रशिक्षण अधिकारी) ने भी छात्रों के नवाचारों की प्रशंसा की और उन्हें भविष्य के स्टार्ट-अप इकोसिस्टम से जुड़ने हेतु प्रेरित किया। 
     इसके अतिरिक्त, अतिथि व्याख्याता के रूप में प्रेम परितोष, नीलम कुमार वर्मा और थामेश देशमुख ने विज्ञान प्रदर्शनी में छात्रों द्वारा प्रस्तुत मॉडलों की सराहना करते हुए इसे तकनीकी प्रगति और समावेशी विकास का सफल संगम बताया। 

विभिन्न प्रतियोगिताएं और उत्साह 
आयोजन के दौरान लगभग 150 छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम की मुख्य गतिविधियों में विज्ञान प्रदर्शनी, सेमीनार, भाषण प्रतियोगिता और क्विज प्रतियोगिता शामिल थी, जिसमें "आत्मनिर्भर भारत" और "आधुनिक नवाचार" जैसे विषयों पर विचार साझा किए गए।