दोपहर 12 से 4 बजे तक घर से बाहर न निकलने, जिला अस्पताल में लू-वार्ड तैयार - सिविल सर्जन सह अधीक्षक डॉ लोकेश साहू

भीषण गर्मी एवं लू को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवाइजरी   

सिविल सर्जन सह अधीक्षक डॉ लोकेश साहू ने लू के लक्षण, कारण, बचाव, ईलाज व व्यवस्था की दी जानकारी 
बेमेतरा 22 मई 2026 - वर्तमान में चल रही भीषण गर्मी एवं ग्रीष्म लहर को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग जिला चिकित्सालय बेमेतरा ने जनहित में एडवाइजरी जारी की है। 
   सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक डॉ. लोकेश साहू ने बताया कि छत्तीसगढ़ में नवतपा से पहले ही सूरज आग उगल रहा है। गुरुवार-शुक्रवार को बेमेतरा में भीषण गर्मी का कहर देखने को मिला। पारा 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया और रात तक गर्म हवाएं चलती रहीं। दोपहर में सूरज की तपन और गर्म हवाओं के चलते कूलर भी ठंडी हवा नहीं दे पा रहे थे। 

मौसम विभाग ने जारी किया ऑरेंज अलर्ट 
मौसम विभाग ने शुक्रवार को बेमेतरा सहित बिलासपुर, रायगढ़, सारंगढ़-बिलाईगढ़, सक्ती, मुंगेली, जांजगीर-चांपा, बलौदा बाजार, रायपुर, धमतरी, दुर्ग, कबीरधाम, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, राजनांदगांव जिलों में एक-दो पॉकेट में ग्रीष्म लहर चलने को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। आज बेमेतरा में अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है। कोरबा, गरियाबंद, महासमुंद, बालोद, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिलों में भी हीटवेव की संभावना जताई गई है। 

सिविल सर्जन की अपील : दोपहर 12 से 4 बजे तक घर से न निकलें   
डॉ. लोकेश साहू ने कहा कि अनावश्यक रूप से धूप में ना निकलें, विशेषकर दोपहर 12 बजे से 4 बजे के बीच। बाहर निकलना जरूरी हो तो हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें व पूरे शरीर को ढंककर रखें। छाता, टोपी, गमछा या धूप के चश्मे का उपयोग करें। 

लू से बचाव हेतु आवश्यक सावधानियां 
1. पानी और तरल पदार्थ का सेवन : प्यास न लगने पर भी समय-समय पर पानी पीते रहें। ओआरएस, नींबू पानी, छाछ, नारियल पानी का सेवन करें। चाय, कॉफी एवं शराब से बचें। 
2. खान-पान : हल्का एवं ताजा भोजन करें। ताजे फल एवं सुपाच्य भोजन लें। बासी, तला-भुना एवं मसालेदार भोजन से बचें। 
3. बच्चों, बुजुर्गों व गर्भवती महिलाओं का विशेष ध्यान रखें : बच्चों या पशुओं को बंद वाहन में अकेला न छोड़ें। बुजुर्गों एवं गर्भवती महिलाओं का विशेष ध्यान रखें। 
4. बाहर काम करने वाले श्रमिक : समय-समय पर छाया में विश्राम करें और नियमित अंतराल पर पानी पीते रहें। 

लू लगने के लक्षण 
तेज बुखार, चक्कर आना या बेहोशी, अत्यधिक कमजोरी, उलझन या घबराहट, तेज धड़कन, सांस लेने में कठिनाई। 

हीट स्ट्रोक की स्थिति में क्या करें 
मरीज को तुरंत ठंडी एवं छायादार जगह पर ले जाएं। शरीर पर ठंडे पानी की पट्टी करें। होश में होने पर पानी या ओआरएस दें और तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या जिला चिकित्सालय बेमेतरा पहुंचाएं। 

  सिविल सर्जन डॉ. साहू ने बताया कि जिला चिकित्सालय बेमेतरा में लू से संबंधित आपातकालीन सेवाओं हेतु विशेष लू-वार्ड तैयार किया गया है। ओआरएस, आईवी फ्लूड एवं आवश्यक दवाओं का पर्याप्त भंडारण है। सभी नागरिकों से अनुरोध है कि स्वयं सुरक्षित रहें एवं दूसरों को भी जागरूक करें।