खुड़मुड़ा एवं आनंदगाँव में लोक कला महोत्सव में शामिल हुए भाजपा किसान नेता योगेश तिवारी
प्रमोद गुप्ता/बेमेतरा 03 फरवरी 2026 - बेमेतरा विधानसभा क्षेत्र के ग्राम खुड़मुड़ा में आयोजित छत्तीसगढ़ स्तरीय दो दिवसीय लोक कला महोत्सव कार्यक्रम में भाजपा किसान नेता योगेश तिवारी और राहुल टिकहरियां युवा मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष विशेष रूप से शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने लोक कलाकारों का उत्साहवर्धन करते हुए छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक कला, लोक संगीत और सांस्कृतिक परंपराओं की सराहना की। कार्यक्रम में विभिन्न जिलों से आए कलाकारों द्वारा प्रस्तुत लोकनृत्य, लोकगीत, पारंपरिक वाद्य यंत्रों की धुन और सांस्कृतिक झांकियों ने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। मंच से लेकर दर्शक दीर्घा तक पूरे परिसर में छत्तीसगढ़ी संस्कृति की जीवंत झलक देखने को मिली।
इसके पश्चात भाजपा किसान नेता योगेश तिवारी बेमेतरा विधानसभा क्षेत्र के ग्राम आनंदगाँव पहुँचे, जहाँ आयोजित दो दिवसीय लोक कला महोत्सव में भी उन्होंने सहभागिता की। यहाँ भी कलाकारों की सशक्त प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को गरिमामय बना दिया और ग्रामीण संस्कृति की आत्मा को मंच पर जीवंत कर दिया।
इस अवसर पर भाजपा किसान नेता योगेश तिवारी ने अपने संबोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ की लोक कला केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक पहचान और आत्मा है। लोकनृत्य, लोकगीत, पारंपरिक वेशभूषा और वाद्य यंत्र हमारी पीढ़ियों की अमूल्य धरोहर हैं, जिनमें छत्तीसगढ़ की मिट्टी की खुशबू और समाज की संवेदनाएं समाहित हैं। इन परंपराओं को सहेजना और आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि लोक कला महोत्सव जैसे आयोजन ग्रामीण कलाकारों को सम्मान और मंच प्रदान करते हैं, जिससे उनकी प्रतिभा निखरकर सामने आती है। इससे न केवल कलाकारों का आत्मविश्वास बढ़ता है, बल्कि ग्रामीण अंचलों में छिपी प्रतिभाओं को नई पहचान और प्रोत्साहन भी मिलता है। ऐसे कार्यक्रम गांव, समाज और संस्कृति को एक सूत्र में बांधने का कार्य करते हैं।
किसान नेता योगेश तिवारी ने आगे कहा कि आज के आधुनिक और डिजिटल दौर में जब युवा पीढ़ी तेजी से अपनी जड़ों से दूर होती जा रही है, तब लोक कला महोत्सव उन्हें अपनी संस्कृति, भाषा और परंपराओं से जोड़ने का सशक्त माध्यम बनते हैं। लोक कला के संरक्षण से समाज में आपसी भाईचारा, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक चेतना को मजबूती मिलती है।
उन्होंने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ की लोक परंपराएं विश्व स्तर पर पहचान बनाने की क्षमता रखती हैं, आवश्यकता है उन्हें निरंतर संरक्षण, प्रोत्साहन और मंच देने की। जब लोक कलाकार सम्मानित होंगे, तभी हमारी संस्कृति जीवंत रहेगी और छत्तीसगढ़ की पहचान और अधिक मजबूत होगी।
दोनों कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में ग्रामीणजन, कलाकार, जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। आयोजकों एवं स्थानीय ग्रामीणों ने योगेश तिवारी की उपस्थिति को प्रेरणादायक बताते हुए उनके प्रति आभार व्यक्त किया और भविष्य में भी ऐसे आयोजनों में मार्गदर्शन की अपेक्षा जताई।
कार्यक्रम में उपस्थिति
जिसने शामिल हुए ग्रामीण खुड़मुड़ा आनंदगाँव
सरपंच श्रीमती रमा अलख नायक, ईरज वर्मा, विनोद निषाद पूर्व सरपंच, चंदराम बंजारे, सीताराम यादव उपसरपंच, सुरेश कनौजे, महेन्द्र वर्मा, श्रवण निषाद, सरपंच आनंदगाँव चंदन नायक, रामशरण वर्मा, अनिल यादव, हुमनलाल साहू, जितेन्द्र विश्वकर्मा, गुलशन साहू, कैलाश साहू, चंद्रशेखर, छगन लाल, अशोक तिवारी, रमेश साहू, ताकेश्वर सोनी, राकेश गोलू, राजू सेन, संतोष झपटमार, राजू वर्मा, राजेंद्र वर्मा, गुरुप्रसाद यादव, नीतेश वर्मा, किरण साहू, सूरज वर्मा, विधा साहू सहित समस्त ग्रामीणजन।