जिला न्यायालय बेमेतरा में वर्ष 2025 का अंतिम नेशनल लोक अदालत का सफलता पूर्वक हुआ आयोजन

जिला न्यायालय बेमेतरा में वर्ष 2025 का अंतिम नेशनल लोक अदालत का सफलता पूर्वक हुआ आयोजन 

3 करोड़ 5 लाख 66 हजार रूपये अवार्ड राशि का हुआ वितरण 
प्रमोद गुप्ता/बेमेतरा 13 दिसम्बर 2025 - जिला न्यायालय बेमेतरा में 13 दिसम्बर 2025 शनिवार को वर्ष की अंतिम नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिसमें श्रीमती सरोज नंद दास प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा दीप प्रज्जवलन कर लोक अदालत का शुभारंभ कर कार्यक्रम में उपस्थित न्यायाधीशगण, अधिवक्तागण व न्यायिक कर्मचारीगण को अधिक से अधिक प्रकरणों का निराकरण करने हेतु प्रोत्साहित कर शुभकामनाएं दी गई। 
अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बेमेतरा द्वारा लोक अदालत की विशेषता बताते हुए कहा कि पक्षकारों के मन में पुराने समय से चल रही वैमनस्यता को दूर करने के लिए लोक अदालत बहुत अच्छा माध्यम है। यह एक राष्ट्र के प्रति सेवा है, जिसमें हमें बढ़ बढ़कर अपनी सहभागिता देनी चाहिए तथा न्यायालय में लंबित मामलों के अधिक से अधिक निराकरण कर सौहाद्रपूर्ण वातावरण का निर्माण कर राष्ट्र के विकास में सहयोग प्रदान करना चाहिए। 
      प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायलय श्रीमती नीलिमा सिंह बघेल द्वारा अपने उद्बोधन में पक्षकारों, अधिवक्ताओं को सक्रिय भागीदारी निभाते हुए लोक अदालत को सफल बनाने हेतु कहा गया। लोक अदालत में जिला न्यायालय प्रांगण में जिले के कोने-कोने से पक्षकार अपने प्रकरणों के निराकरण के लिए उपस्थित हुये, जिनकी सुविधा के लिए विधिक सहायता डेस्क, स्वचलित चिकित्सकीय वेन, स्वास्थ्य डेस्क, यातायात जागरूकता डेस्क व समस्त बैंक, विद्युत विभाग, फाइनेंस कंपनी द्वारा संचालित डेस्क लगाई गयी। 
     नेशनल लोक अदालत हेतु जिला न्यायालय में 8 खण्डपीठ और तहसील ताजा न्यायालय में 1 खण्डपीठ, इस प्रकार जिला में कुल 9 न्यायालयीन खण्डपीठ का गठन कर दो-दो सुलहकर्ता सदस्यों की नियुक्ति की गई। उक्त नेशनल लोक अदालत के सफल आयोजन वो अनुक्रम में समस्त न्यायालीन कर्मचारी, पैरालीगल, वालेंटियर्स, जिला प्रशासन, जिला एवं जनपद पंचायत, नगर पालिका, विद्युत विभाग, जिले की समस्त बैंको सहित अन्य समस्त विभागों का भरपूर सहयोग प्राप्त हुआ है। 

3 करोड़ 5 लाख 66 हजार रूपये अवार्ड राशि का हुआ वितरण 
जिले 9934 प्री-लिटिगेशन व लंबित प्रकरणों को निराकरण हेतु रखा गया था, जिसमें से राजस्व प्रकरण, विद्युत विवाद, बैंक प्रकरण व बीएसएनएल प्रकरणों का निराकरण कर कुल 6843086 रूपये की वसूली की गई। न्यायालय में लंबित 25 अपराधिक प्रकरण, 28 सिविल प्रकरण, 15 पारिवारिक प्रकरण, 12 एनआई एक्ट धारा 138 प्रकरण, 20 मोटर दुर्घटना दावा व 2731 अन्य प्रकरण का निराकरण कर कुल 23723601 रूपये का अवार्ड पारित कर जिलें में रिकॉर्ड अनुसार 30566687 रूपये की समझौता राशि वसूली गई। 

न्याय वृक्ष प्रेरणादायक सुविचार एवं द्वार तोरन के माध्यम से प्राधिकरण की योजनाओं के प्रति जनमानस को किया गया जागरूक 
नेशनल लोक अदालत में नालसा एवं सालसा योजनाओं एवं अभियानों की व्यापक प्रचार-प्रसार करने हेतु जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बेमेतरा द्वारा योजनाओं/अभियानों एवं कानूनी के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में न्याय वृक्ष एवं द्वार तोरन बनाकर प्रदर्शनी के माध्यम से नेशनल लोक अदालत में आये पक्षकारों को नालसा एवं सालसा द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी दिया तथा न्याय सबके लिए संदेश देते हुये बाल विवाह एवं बलात्कार पीड़िता के गर्भ का चिकित्सीय समापन, मोटरयान अधिनियम, हिट एन रन, साइबर काईम, निःशुल्क विधिक सहायता एवं सलाह व अन्य विधिक विषयों से संबंधित पाम्पलेट का वितरण किया गया तथा प्रेरणादायक सुविचारों को छोटे-छोटे तख्तियों के माध्यम से समस्त न्यायालय परिसर में लगाकर पक्षकारों को आपसी रंजीश, नफरत व वैमनस्यता को दूरकर समझौता करने, बाल विवाह रोकने में सहयोग प्रदान करने एवं सड़क सुरक्षा हेतु प्रोत्साहित किया। नेशनल लोक अदालत में उपस्थित पक्षकारों को विधिक रूप से जागरूक करने हेतु लघु फिल्मों का प्रसारण एवं महिलाओं के विरूद्ध अपराध व साइबर काईम विषय पर किया गया। जिला न्यायालय परिसर में आमजन को विधिक रूप से जागरूक करने हेतु प्रोजेक्टर के माध्यम से घरेलू हिंसा, लैंगिक अपराधों से संबंधित, महिलाओं से छेड़छाड़ व साईबर क्राईम, मोटर दुध टिना सहित विभिन्न विषयों पर लघु फिल्म दिखायी गयी, जहां पक्षकारों के लिए बैठक व पेय जल की व्यवस्था की गई। साथ ही प्राधिकरण की गतिविधियों की झलकियां भी दिखाई गई। 

पक्षकारों को प्रोत्साहन स्वरूप किया गया पौधों का वितरण 
नेशनल लोक अदालत में आये पक्षकारों को निःशुल्क पौधा वितरण डेस्क से फलदार, छायादार पौधों का वितरण कर प्रोत्साहित किया गया। साथ ही पक्षकारों के लिए सेल्फी जोन भी रखा गया। समझौता करने वाले पक्षकरों को न्यायालय के पीठासीन अधिकारी द्वारा तुलसी का पौधा भेंट कर प्रोत्साहित किया। 

यातायात जागरूता एवं बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत् जागरूकता शिविर का आयोजन - नेशनल लोक अदालत में आये पक्षकारों को सड़क सुरक्षा, मोटर यान अधिनियम व बाल विवाह के प्रति जागरूक करने हेतु पुलिस विभाग के सहयोग से यातायात जागरूकता शिविर एवं बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत् शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें दूर-दराज से आये पक्षकारों को यातायात के संबंध में दिशा निर्देश देते हुए बाल विवाह मुक्त भारत के तहत् बाल विवाह से होने वाले दुष्परिणामों के बारे में जानकारी प्रदान की गई।

मोटर दुर्घटना दावा प्रकरण, निष्पादन  एमएसीटी के प्रकरण, आर्बिटल प्रकरण एवं सिविल अपील में अवार्ड पारित किया गया। श्रीमती सरोज नंद दास प्रधान जिला न्यायाधीश के द्वारा न्यायालय में अपीलार्थी द्रौपती बाई, तृतीय व्यवहार न्यायाधीश जिला बेमेतरा द्वारा पारित निर्णय से क्षुब्ध होकर सरस्वती बाई उर्फ चन्द्रकुमारी व तीन अन्य के विरूद्ध नगर पालिका द्वारा दिये गये पट्टे पर दिये गये मछली मार्केट स्थित दुकान क्रमांक 01. भद्रकाली मंदिर के पिछे बाजार पारा वार्ड नं. 18 स्थित मकान एवं अन्य विवादित भूमि के संबंध में प्रस्तुत अपील में अपीलार्थी एवं उत्तरवादीगण के द्वारा वादग्रस्त सम्पत्ति को आधी आधी बांटते हुये राजीनामा कर प्रकरण को समाप्त किया गया। 
      खण्डपीठ क्रमांक 03 पीठासीन अधिकारी देवेन्द्र कुमार के समक्ष ग्राम दूरा सेमरिया के निर्णीतऋणीगण राजेन्द्र राय के द्वारा श्रीराम ट्रांसपोर्ट फायनेंस कंपनी लिमिटेड से लोन लिया गया था एवं निर्णीतऋणीगण के द्वारा राशि अदायगी नहीं किये जाने पर उसके द्वारा न्यायालय के सक्ष कुल 744356 दो आर्बिटेशन प्रकरण प्रस्तुत किया गया था, जिसमें निर्णीतऋणीगण की आर्थिक दशा को देखते हुए आज्ञाप्तिधारी ने दोनों प्रकरणों में केवल 100000 में राजीनामा किया गया है। 
        इसी तरह इण्डसइण्ड कंपनी लिमिटेड के द्वारा निर्णीतऋणीके विरुद्ध 723315 रूपये के आर्बिटल प्रकरण में उनकी आर्थिक स्थिति को देखते हुए केवल 116000 रूपये की रिकवरी कर राजीनामा किया गया है एवं इंटेग्रो कंपनी लिमिटेड के द्वारा निर्णीतऋणी के विरुद्ध 917976 रूपये के आर्बिटल प्रकरण में उनकी आर्थिक स्थिति को देखते हुए केवल उनसे 50000 की रिकवरी कर राजीनामा किया गया है।  

परिवारिक एवं अन्य मामलों के झगड़ों में न्यायाधीश ने समझाईश देकर कराया राजीनामा 
नेशनल लोक अदालत में पति, जेठ, जेठानी, सास व ससुर गाली गलौज देते हुए मारपीट कर शारीरिक, मानसिक एवं आर्थिक रूप से परेशान करने का प्रकरण पेश हुआ था, जिसे न्यायिक मजिस्ट्रेट मो. जहांगीर तिगाला द्वारा रिश्तो की अहमियत को बतातें हुए समझाईश दिये जाने पर दोनों पति एवं पत्नि का विवाद बिना किसी डर, दबाव एवं भय के स्वतंत्र सहमति के आधार पर आपसी राजीनामा किया गया। 
   वही दूसरे प्रकरण बेटा बहू को डीजे में परधा रहे थे, जिसमें चाचा भतीजा नाचते नाचते आपस में धक्का मुक्का एवं हाथ में पहने हुए चूड़ा से मारपीट कर एक दूसरे को जान से मारने की धमकी देकर मारपीट करने का मामला पेश किया गया था। जहां पीठासीन अधिकारी द्वारा दोनों पक्षो के मध्य आपसी सहमति से राजीनामा कराया गया। 

दो पक्षों के बीच हुए विवाद में हुए राजीनामा 
पीठसीन अधीकारी सुश्री श्रुति साहू के न्यायालय में दो पक्षों के बीच हुए विवाद के विरुद्ध धारा-294, 323 सहपठित धारा-34 एवं 506 भाग-2 भारतीय दण्ड संहिता के अंतर्गत मामला पेश किया गया था। उक्त प्रकरण में दोनों पक्षों द्वारा बिना किसी डर, दबाव व प्रलोभन के स्वेच्छयापूर्वक अभियुक्तगण के साथ राजीनामा किया गया है। प्रकरण वर्ष 2024 से लबित प्रकरण है, जिसमें नेशनल लोक अदालत आज दिनांक 13.12.2025 को आहतगण एवं अभियुक्तगण के मध्य सफलतापूर्वक राजीनामा की कार्यवाही पूर्ण हुई है। 

दो पक्षों के बीच पुरानी रंजीश में हुए विवाद का मामला पीठासीन अधिकारी के समझाईश से हुआ राजीनामा 
प्रकरण के प्रार्थीगण/आहतगण एवं अभियुक्तगण एक ही मोहल्ले के निवासी एवं स्वजातीय थे, दोनों के बच्चें आपस में लड़ाई होने से उनके माता-पिता पुरानी रंजीश की बात को लेकर प्रार्थीगण/आहतगण एवं अभियुक्तगण के मध्य डंडे से मारपीट होने से दोनों पक्ष के विरुद्ध काउंटर प्रकरण दर्ज हो गया था। न्यायालय द्वारा प्रार्थीगण/आहतगण एवं अभियुक्तगण को उनके हितों के संबंध में पीठासीन अधिकारी सुश्री सार्विका चतुर्वेदी द्वारा समझाईश दिया गया, जिसे दोनों पक्षों के द्वारा जानकारी होने के उपरांत प्रकरण के तत्काल निराकरण किये जाने हेतु आपस में मधुर संबंध स्थापित कर, बिना किसी डर दबाव के राजीनामा पर सहमति होना व्यक्त कर अपने प्रकरण का निराकरण किया गया। 
      वही दूसरे व्यवहार प्रकरण में वादी के द्वारा प्रतिवादीगणों के विरूद्ध ग्राम गाढ़ानोर तह पटवारी हल्का नं. 12 जिला बेमेतरा में स्थित भूमि खसरा नं. 423 रकबा 0.19 है. को प्रतिवादीगण द्वारा दिनांक 08.06.2021 को विक्रय करने का सौदा पांच लाख रुपये में किया गया था। जिसमें वादी के द्वारा प्रतिवादीगण को दिनांक 08.06.2021 को चार लाख रूपये नगद एवं शेष बचत राशि एक लाख रूपये पंजीकृत बयनामा कराते समय दिये जाने का वचन देकर वादग्रस्त भूमि का विक्रय किया था। इसके अतिरिक्त वादी एवं प्रतिवादीगण के मध्य एक अन्य मामला भी लंबित था, उक्त दोनों मामलों में उभपक्ष के द्वारा 850000 रूपये में समझौता कर परस्पर सहमति से स्वेच्छा से बिना किसी दबाव, प्रलोभन या दुरभिसंधि के अपने मामलें का निराकरण करवाया। 

परिवार न्यायालय में 13 मामलों को हुआ निराकरण तथा 06 परिवार हुए एक 
नेशनल लोक अदालत दिनांक 13.12.2025 को राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित की गयी, जिसमें जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वाधान में आयोजित बेमेतरा कुटुम्ब न्यायालय में आज कुल 13 प्रकरणों का निपटारा हुआ, जिनमें न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय श्रीमती नीलिमा सिंह बहोल द्वारा विशेष प्रयास कर 09 दंपत्तियों को एक साथ सुलह-समझौता कर घर भेजा गया। 
    एक प्रकरण में दम्पत्ति के 7 एवं 5 वर्ष के दो छोटे बच्चे हैं, जो कि इस ठंड में भी माता-पिता के साथ न्यायालय आये थे, इनका विवाह वर्ष 2017 में हुआ था एवं विवाह के पश्चात्त से पति-पत्नी के आपसी लड़ाई के कारण पत्नि पिछले कई वर्ष से अपने मायके में रह रही थी। न्यायालय द्वारा बच्चों से बात करने पर उन्होंने माता-पिता दोनों के साथ रहने की इच्छा बतायी। न्यायालय द्वारा उक्त दम्पत्ति को बच्चों के भविष्य का हवाला देते हुए समझाईश दी गई एवं पति को, इस बारे में समझाया गया कि प्रेमपूर्वक अपने परिवार के साथ रहे। न्यायालय के समझाईश के बाद उन दम्पत्तियों द्वारा अपना विवाद समाप्त कर न्यायालय से साथ ही अपने घर गये। 
     एक अन्य प्रकरण में पति ने अपने पत्नि को साथ रहने के लिए धारा 6 का आवेदन कुटुम्ब न्यायालय के समक्ष लगाया था। इस प्रकरण में उभयपक्ष का प्रेम विवाह आर्य समाज मंदिर रायपुर में हुआ था, लेकिन विवाह के दो दिन बाद ही पत्नी के मायके वाले इसे अपने साथ जबरदस्ती ले गये थे और उसके पश्चात से पत्नि मायके में रह रही थी। इस प्रकरण में पति एवं पत्नि के साथ उनके परिवार वालों की भी काउंसलिंग की जा रही थी, जिसके पश्चात आज आयोजित नेशनल लोक अदालत में पति पत्नि के बीच का विवाद समाप्त हो गया और दोनों परिवार राजीखुशी न्यायालय से घर रवाना हुए। 
      इसी प्रकार एक अन्य प्रकरण में उभयपक्ष का विवाह पांच वर्ष पूर्व हुआ था, जिसके पश्चात दोनों का एक पुत्र हुआ एवं पत्नि वर्तमान में भी गर्भवती थी, इस दम्पति के बीच विवाद इतना अधिक बढ़ गया था कि पति पत्नि एक साथ रहने को राजी नहीं थे, किन्तु दम्पत्ति की लम्बी काउंसलिंग एवं समझाईश के बाद आज लोक अदालत में पति अपनी गर्भवती पत्नि एवं बच्चे को साथ लेकर गया। एक प्रकरण में उभयपक्ष का विवाह 2018 में हुआ था, जिसमें सास-ससुर लड़ाई होने के कारण पत्नि मायके में रह रही थी और कुटुम्ब न्यायालय में भरण-पोषण का मामला दर्ज किया था। इस प्रकरण में भी न्यायालय की समझाईश के बाद दोनों पक्ष एक हो गये एवं उनके मध्य विवाद समाप्त हो गया।
    इस प्रकार कुटुम्ब न्यायालय बेमेतरा में आज नेशनल लोक अदालत पर कुल 13 प्रकरणों का निपटरा हुआ, जिसमें श्रीमती नीलिमा सिंह बघेल न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय बेमेतरा के द्वारा उनके मध्य की कड़वाहट को समाप्त किया गया तथा सभी दम्पत्तियों को आज दिनांक 13.12.2025 को सबकी समस्या का निराकरण कर उन्हें खुशी-खुशी न्यायालय से विदा किया गया। विदा के समय उन्हें नारियल, तुलसी का पौधा एवं सप्तपदी के सात वचन भेंट किया गया। परिवार न्यायालय के इस भावुक पल के साक्षी अधिवक्तागण व न्यायालय के स्टाफ बने। 

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