बुधवार, 4 जून 2025

विकसीत कृषि संकल्प अभियान में किसानों को दी जा रही वैज्ञानिक तकनीकों की जानकारी

विकसीत कृषि संकल्प अभियान में किसानों को दी जा रही वैज्ञानिक तकनीकों की जानकारी 
प्रमोद गुप्ता/बेमेतरा 3 जून 2025 - प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं माननीय केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के “विकसीत कृषि संकल्प अभियान” की संकल्पना को साकार करने एवं किसान, अनुसंधान और विज्ञान को एक मंच पर लाने के उद्देश्य से बेमेतरा जिले में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। रणवीर शर्मा कलेक्टर बेमेतरा एवं टेकचंद अग्रवाल कार्यक्रम के जिला नोडल अधिकारी एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत बेमेतरा के निर्देशानुसार 3 कृषि वैज्ञानिकों की टीम गठित की गई है। यह टीम 29 मई से प्रतिदिन जिले के 2 क्लस्टर गांवों में जाकर खरीफ 2025 में लगाई जाने वाली फसलों की उन्नत कास्त तकनीकों की जानकारी किसानों को दे रही है। 
         अब तक जिले के बेमेतरा, साजा, बेरला एवं नवागढ़ विकासखंड के 24 क्लस्टर गांवों में कार्यक्रम आयोजित हो चुके हैं। इनमें घोटवानी, बीजा, कुम्ही, सोरला, अंधियारखोर, बरबसपुर, गडुवा, कुरूलू, बारगांव, गुधेली, झालम, झाल, हाडाहुल, खपरीधोबी, हथपान, सोंढ़, गोढ़ीकला, जेवरा-एस, बरगड़, मुसुआडीह, टकसिवा और सिलघट के गांव शामिल हैं। इन कार्यक्रमों में अब तक 74 गांवों के 1100 से अधिक किसान शामिल हो चुके हैं और कृषक वैज्ञानिक परिचर्चा में भाग ले चुके हैं।
          विकसीत कृषि संकल्प अभियान का मुख्य उद्देश्य किसानों को खरीफ फसलों हेतु वैज्ञानिक तकनीकी सुझाव प्रदान करना, नवीनतम कृषि तकनीकों का प्रसार करना, जैविक एवं प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करना, मृदा स्वास्थ्य कार्ड के अनुसार संतुलित उर्वरक उपयोग पर जागरूकता बढ़ाना, उन्नत कृषि यंत्रों जैसे सीड ड्रिल, प्लांटर मशीन, पैडी ट्रांसप्लांटर, ब्रॉड बेड फरो मशीन का उपयोग बढ़ाना, ड्रोन तकनीक का प्रदर्शन, समन्वित कृषि प्रणाली, बीज उपचार, जल संरक्षण, समन्वित कीट प्रबंधन, किसान क्रेडिट कार्ड, फसल चक्र परिवर्तन और लाभदायक फसलों के बारे में जानकारी देना है। साथ ही कृषि एवं संबद्ध विभागों की योजनाओं की जानकारी भी किसानों को दी जा रही है।
         इस अभियान का सफल संचालन कृषि विज्ञान केन्द्र बेमेतरा के वरिष्ठ वैज्ञानिकों एवं टीम लीडर डॉ. जितेन्द्र जोशी, डॉ. लव कुमार और डोमन सिंह टेकाम के मार्गदर्शन में किया जा रहा है। इस टीम में एन.आई.बी.एस.एम.-आई.सी.ए.आर. के वैज्ञानिक डॉ. विनय कुमार, डॉ. ललित खरबीकर, उद्यानिकी महाविद्यालय साजा की वैज्ञानिक सुश्री मनिषा कश्यप, सुश्री पुष्पांजली पंकज तथा कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन और मछली पालन विभाग के अधिकारी भी शामिल हैं। 
       ग्रामों के प्रगतिशील किसान भी इस दौरान अपने अनुभव साझा कर रहे हैं और दूसरों को नवीनतम कृषि तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। ग्राम व क्षेत्र के जन प्रतिनिधिगण भी इस अभियान में सक्रिय सहभागिता निभाते हुए किसानों को जागरूक कर रहे हैं। 
             कृषि विज्ञान केन्द्र बेमेतरा के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख तोषण कुमार ठाकुर ने बताया कि इस अभियान के दौरान कृषि वैज्ञानिकों और विभागीय अधिकारियों द्वारा किसानों से फीडबैक भी लिया जा रहा है। यह फीडबैक पारंपरिक ज्ञान, नवाचारों और अनुभवों पर आधारित होगा, जिसे अनुसंधान संस्थानों में और अधिक अध्ययन कर खेती को जलवायु परिवर्तन के बीच लाभप्रद व टिकाऊ बनाने के लिए उपयोग किया जाएगा। 

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