बुधवार, 4 जून 2025

जिले में जल संरक्षण बना जन आंदोलन - विश्व पर्यावरण दिवस पर चल रहें व्यापक स्वच्छता अभियान

जिले में जल संरक्षण बना जन आंदोलन - विश्व पर्यावरण दिवस पर चल रहें व्यापक स्वच्छता अभियान 

तालाबों से हैंडपंप तक साफ-सफाई का संकल्प - प्रशासन और जनता ने मिलकर किया श्रमदान 
प्रमोद गुप्ता/बेमेतरा 3 जून 2025 - जल संरक्षण को लेकर जन-जागरूकता बढ़ाने एवं प्राकृतिक संसाधनों के सतत् उपयोग को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से बेमेतरा जिला प्रशासन द्वारा एक सराहनीय पहल की गई। इस कार्यक्रम में जनसमुदाय, स्वच्छता समूहों के सदस्य, अधिकारी और कर्मचारीगण सक्रिय रूप से शामिल हुए।       
      कलेक्टर रणबीर शर्मा एवं सीईओ जिला पंचायत टेकचंद अग्रवाल के नेतृत्व में विश्व पर्यावरण दिवस 2025 एवं जल संरक्षण अभियान के अंतर्गत जिले की समस्त ग्राम पंचायतों में जल संरचनाओं के आसपास व्यापक स्वच्छता अभियान चलाया गया। इस अभियान के अंतर्गत ग्राम पंचायतों में स्थित तालाबों, हैंडपंपों, नालियों एवं सोकपिट्स के आसपास श्रमदान के माध्यम से सफाई की गई। यह अभियान केवल स्वच्छता तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि इसके माध्यम से लोगों को जल स्रोतों की महत्ता, स्वच्छता के प्रभाव एवं जल संरक्षण की आवश्यकता के प्रति भी जागरूक किया गया।
         इस अभियान में बड़ी संख्या में ग्रामीण जन, स्वच्छता समूह, स्वयंसेवी संगठन, जनप्रतिनिधि, शाला छात्र एवं प्रशासनिक अधिकारी-कर्मचारी सक्रिय रूप से सम्मिलित हुए। सभी ने सामूहिक श्रमदान करते हुए यह संदेश दिया कि जल स्रोतों की स्वच्छता केवल शासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। कलेक्टर रणबीर शर्मा ने इस अवसर पर कहा कि जल संरक्षण आज की सबसे बड़ी जरूरत है। यह अभियान केवल एक दिवस की गतिविधि नहीं बल्कि एक सतत प्रयास का हिस्सा है। स्वच्छ और सुरक्षित जल सुनिश्चित करने के लिए हमें सामूहिक रूप से मिलकर कार्य करना होगा।
        सीईओ जिला पंचायत टेकचंद अग्रवाल ने कहा कि “स्थानीय जल स्रोतों को स्वच्छ एवं उपयोग योग्य बनाए रखने हेतु ग्राम स्तर पर ऐसे अभियान समय समय पर आयोजित किए जाते रहेंगे। इससे ग्रामीणों में जिम्मेदारी की भावना विकसित होगी और जल संरक्षण को जन आंदोलन का रूप मिलेगा। जिला प्रशासन की इस पहल से यह स्पष्ट होता है कि जिले में जल संरक्षण को लेकर योजनाबद्ध और सक्रिय प्रयास किए जा रहे हैं। यह अभियान एक सशक्त उदाहरण है कि प्रशासन और जनता मिलकर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में ठोस कदम उठा सकते हैं। जल स्रोतों की सफाई के माध्यम से न केवल स्वच्छता को बढ़ावा मिला, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों के लिए जल संसाधनों को संरक्षित रखने की दिशा में एक प्रभावी पहल सिद्ध हुई है। 

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