विशेषज्ञों ने दी युवाओं को नवाचार और स्वरोजगार की जानकारी
बेमेतरा 09 अक्टूबर 2026 - युवाओं और नवाचारियों को प्रोत्साहित करने तथा जमीनी समस्याओं के प्रभावी समाधान खोजने के उद्देश्य से शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था बेरला में 'सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज 2026' पर एक विशेष जागरूकता एवं मार्गदर्शन कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
"सोच नई, समाधान सही" अभियान
"सोच नई, समाधान सही" के ध्येय वाक्य के साथ संचालित इस अभियान में विभिन्न विभागों के विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को नवाचार, सरकारी योजनाओं और स्टार्टअप अवसरों पर महत्वपूर्ण मार्गदर्शन दिया।
विशेषज्ञों ने दी महत्वपूर्ण जानकारी -
रूपरेखा और पंजीकरण प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी
सहायक संचालक शैलेंद्र सिंह ने 'सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज 2026' की रूपरेखा और पंजीकरण प्रक्रिया के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने जानकारी दी कि इस चैलेंज में कुल 25 करोड़ का पुरस्कार पूल है, जिसमें 50 विजेताओं को 10-10 लाख रुपये का पुरस्कार मिलेगा। उन्होंने सभी से अंतिम तिथि 17 अक्टूबर 2026 से पूर्व आधिकारिक वेबसाइट sevainnovationchallenge.in पर आवेदन करने का आह्वान किया।
नीतिगत सहयोग की विस्तृत जानकारी
सहायक संचालक तुषार त्रिपाठी ने छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक नीति 2024-30 के प्रमुख प्रावधानों, स्टार्टअप्स को मिलने वाली सुविधाओं, अनुदान और नवाचार को बढ़ावा देने वाले नीतिगत सहयोग के बारे में विस्तार से समझाया।
PMEGP और PMFME योजना की जानकारी
सहायक प्रबंधक पारसमणि वर्मा ने शासन द्वारा संचालित प्रमुख स्वरोजगार एवं उद्यम योजनाओं विशेष रूप से PMEGP और PMFME योजना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कैसे युवा इन योजनाओं के माध्यम से वित्तीय सहायता और सब्सिडी प्राप्त कर अपने आइडिया को सफल व्यवसाय में बदल सकते हैं।
चैलेंज की प्रमुख विशेषताएं -
10 चिन्हित क्षेत्र - कृषि, कानून एवं व्यवस्था, महिला एवं बाल विकास, नगरीय विकास, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा, रक्षा, सतत विकास, इंफ्रास्ट्रक्चर एवं मोबिलिटी, उभरती तकनीक तथा शिक्षा एवं रोजगार।
पात्रता - छात्र, शोधार्थी, स्टार्टअप्स, MSMEs और जमीनी स्तर के इनोवेटर्स अकेले या टीम बनाकर भाग ले सकते हैं, कंपनी रजिस्ट्रेशन अनिवार्य नहीं।
अवसर - चयनित समाधानों को सरकारी विभागों में लागू करने का अवसर तथा उद्योग जगत के दिग्गजों से सीधा मार्गदर्शन मिलेगा।
शंकाओं का समाधान
कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों की शंकाओं का समाधान किया गया और अधिक से अधिक संख्या में नवाचारी प्रस्ताव प्रस्तुत करने का आह्वान किया गया।
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