बेमेतरा 17 अक्टूबर 2026 - छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड के भिंभौरी वितरण केंद्र में 15-16 वर्षों से सेवाएं दे रहे एफओसी (फ्यूज ऑफ कॉल) कर्मचारी धनंजय निषाद को बिना पूर्व सूचना या लिखित नोटिस के काम से हटाए जाने का मामला सामने आया है।
मनमानी और मानसिक प्रताड़ना का आरोप
पीड़ित कर्मचारी ने कनिष्ठ अभियंता चारुलता पर मनमानी और मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए विभागीय अधिकारियों से न्याय और सेवा बहाली की मांग की है।
अधिकारी के कहे अनुसार कार्य करने के बाद भी हटाया
धनंजय निषाद के अनुसार, उन्होंने लंबे समय तक ईमानदारी से काम किया और उनके सेवाकाल में कोई गंभीर शिकायत नहीं रही। हाल ही में हुई जांच के दौरान ट्रांसफार्मर बदलने के मामले में पंचनामा तैयार किया गया था। कर्मचारी का दावा है कि उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों के अनुरूप ही ट्रांसफार्मर बदलने का कार्य किया था। इसके बावजूद उन्हें काम से हटा दिया गया।
उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक जिम्मेदारी तय करने की मांग की है।
परिवार की आजीविका का प्रमुख साधन
धनंजय निषाद का कहना है कि यह नौकरी उनके परिवार की आजीविका का प्रमुख साधन थी। अचानक काम से हटाए जाने के कारण परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। उनका आरोप है कि बिना नोटिस और अपना पक्ष रखने का अवसर दिए काम से हटाया जाना उनके साथ अन्याय है।
सेवा बहाली की मांग
पीड़ित कर्मचारी ने विद्युत विभाग के उच्चाधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और उन्हें भिंभौरी वितरण केंद्र में एफओसी कर्मचारी के रूप में दोबारा काम पर रखने की मांग की है। अब देखना होगा कि विभाग इस शिकायत पर क्या कदम उठाता है।
कर्मी को हटाए जाने का कारण उनको पता हैं, उन्हें हटाए जाने की सूचना दी गई है। - जेई भिंभौरी चारुलता
0 टिप्पणियाँ