लोहिया पेपर मिल हादसा : दिवाल ढहने से मजदूर की मौत

18 घंटे तक गहमागहमी, 20 लाख मुआवजे पर बनी सहमति  

परिजनों के पक्ष में भीम रेजीमेंट, क्रांति सेना और जोहार पार्टी ने दिया समर्थन 
बेमेतरा 21 अगस्त 2026 - जिले के विकासखंड बेरला के ग्राम नेवनारा स्थित लोहिया पेपर मिल में गुरुवार रात हुए हादसे में मजदूर की मौत के बाद नगर में करीब 18 घंटे तक गहमागहमी की स्थिति बनी रही। हादसे में सहसपुर लोहारा क्षेत्र निवासी 50 वर्षीय मोहरदास बंजारे की दीवार के मलबे में दबने से मौत हो गई। 

भीम रेजीमेंट, क्रांति सेना और जोहार पार्टी डटे 
घटना के बाद मृतक के परिजनों को मुआवजा और फैक्टरी प्रबंधन पर कार्रवाई की मांग को लेकर भीम रेजीमेंट छत्तीसगढ़, छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना और जोहार पार्टी से जुड़े सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने मोर्चा खोल दिया। 

भीड़ के एकत्रित होने पर प्रशासन हुआ मुस्तैद 
हादसे के बाद मृतक के शव को बेरला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया, जहां अगले दिन सुबह से ही बड़ी संख्या में परिजन और विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता जुटने लगे। स्थिति को देखते हुए पुलिस प्रशासन की टीम भी मौके पर मुस्तैद रही। 

मुआवजा व नौकरी की मांग 
प्रदर्शनकारियों की ओर से मृतक के परिवार को 50 लाख मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग रखी गई। 

करीब 15 घंटे की गहमागहमी के बाद बनी सहमति 
मामले को लेकर परिजनों और फैक्टरी प्रबंधन के बीच कई दौर की बातचीत हुई। करीब 15 घंटे तक चली गहमागहमी के बाद शासन-प्रशासन की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच सहमति बनी। समझौते के तहत मृतक के परिजनों को 20 लाख का चेक तथा अंतिम संस्कार के लिए 51 हजार नगद दिए गए। इसके बाद ही स्थिति शांत हुई और बेरला में सामान्य स्थिति बहाल हो सकी। समझौते के बाद पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की। शव का पंचनामा तैयार कर मर्ग कायम किया गया तथा पोस्टमार्टम के लिए शव को मर्च्युरी भेजा गया। 

गड्ढा खोदने के दौरान धंसी दीवार 
प्राप्त जानकारी के अनुसार घटना गुरुवार रात करीब 9 बजे की है। कंडरका पुलिस चौकी अंतर्गत ग्राम नेवनारा स्थित लोहिया पेपर मिल में गड्ढा खोदने के दौरान अचानक दीवार धंस गई। इसकी चपेट में आने से मजदूर मोहरदास बंजारे दब गए और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद उन्हें तत्काल बेरला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। 

एक पखवाड़े में दूसरा औद्योगिक हादसा 
बेरला क्षेत्र में मजदूर की मौत का यह मामला इसलिए भी गंभीर माना जा रहा है क्योंकि करीब पखवाड़े भर पहले भिम्भौरी तहसील क्षेत्र के ग्राम पिरदा स्थित एक निजी फैक्टरी में भी हादसे में एक मजदूर की मौत हुई थी। उस मामले के तूल पकड़ने से पहले ही फैक्टरी प्रबंधन द्वारा मृतक के परिजनों को मुआवजा दिए जाने की बात सामने आई थी। लगातार सामने आ रहे ऐसे हादसों ने औद्योगिक इकाइयों में मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। 

अंतत: दोनों पक्षों के बीच हुआ समझौता 
बेरला एसडीओपी रुचि वर्मा ने बताया कि हादसे के बाद पुलिस टीम तत्काल अलर्ट मोड पर थी। परिजनों और फैक्टरी प्रबंधन के बीच कई स्तरों पर प्रयास किए गए, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच समझौता हुआ। कंडरका चौकी के पुलिस उप निरीक्षक डिग्री लाल सोना ने बताया कि घटना रात करीब 9 बजे की है। दीवार धंसने से दबकर मजदूर की मौत हुई। दिनभर की गहमागहमी के बाद दोनों पक्षों में सहमति बन गई है। 

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ