स्कूल से महज 20 मीटर दूर ग्लोबल एग्रो केमिकल फैक्ट्री बेरला कला के संचालन पर बवाल

बेरला कला के ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट पहुंच ज्ञापन सौंप की फैक्ट्री बंद करने की मांग  

केमिकल फैक्ट्री संचालन से बेरला कला में दूषित पेयजल, जहरीली दुर्गंध और बच्चों के स्वास्थ्य पर खतरे का आरोप 
बेमेतरा 06 अगस्त 2026 - जिले के भिम्भौरी तहसील अंतर्गत ग्राम बेरला कला के ग्रामीणों ने गांव में संचालित एक ग्लोबल एग्रो केमिकल फैक्ट्री से फैल रहे कथित प्रदूषण को लेकर गुरुवार को जिला कलेक्टर को शिकायत सौंपते हुए तत्काल जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग की है।  

ग्रामीणों ने लगाया आरोप 
ग्राम बेरला कला के ग्रामीणों का आरोप है कि फैक्ट्री से निकलने वाले रासायनिक अपशिष्ट, दूषित जल एवं दुर्गंध के कारण गांव का वातावरण और पेयजल स्रोत प्रभावित हो रहे हैं, जिससे लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। 

फैक्ट्री के अपशिष्ट से पेयजल दुषित, वातावरण में तेज दुर्गंध  
आवेदनकर्ता अरुण कुमार साहू सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने शिकायत में बताया है कि फैक्ट्री से निकलने वाले अपशिष्ट जल के कारण गांव के कुएं, हैंडपंप, बोरवेल एवं अन्य पेयजल स्रोतों की गुणवत्ता प्रभावित हो गई है। साथ ही फैक्ट्री से निकलने वाली तेज दुर्गंध के कारण ग्रामीणों को स्वच्छ वातावरण में रहना मुश्किल हो रहा है। उनका कहना है कि इसका असर बच्चों, बुजुर्गों, पशुओं और कृषि भूमि पर भी पड़ सकता है। 

स्कूल व आंगनबाड़ी से फैक्ट्री महज 20 मीटर की दूर   
ग्रामीणों ने आवेदन में यह भी उल्लेख किया है कि संबंधित फैक्ट्री स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र से मात्र लगभग 20 मीटर की दूरी पर संचालित हो रही है। उनका कहना है कि इतनी कम दूरी पर रासायनिक इकाई होने से स्कूली और आंगनबाड़ी के बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका बनी हुई है। 

जांच करा फैक्ट्री बंद कराने की मांग 
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि फैक्ट्री का तत्काल निरीक्षण कराया जाए, पेयजल स्रोतों का वैज्ञानिक परीक्षण कराया जाए, फैक्ट्री से निकलने वाले अपशिष्ट जल, गैस एवं रासायनिक कचरे की जांच कराई जाए तथा यह भी सत्यापित किया जाए कि इकाई पर्यावरण संबंधी सभी नियमों एवं निर्धारित मानकों का पालन कर रही है या नहीं। यदि जांच में प्रदूषण की पुष्टि होती है तो संबंधित फैक्ट्री के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई करते हुए उसे बंद किया जाए तथा ग्रामीणों के लिए शुद्ध पेयजल की वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

सबूतों के साथ लिखित आवेदन 
ग्रामीणों ने अपनी शिकायत के साथ प्रदूषण से संबंधित फोटो एवं वीडियो तथा समर्थन में ग्रामीणों के हस्ताक्षर भी संलग्न किए हैं। अब इस मामले में जिला प्रशासन की जांच और आगे की कार्रवाई पर ग्रामीणों की नजर बनी हुई है। 

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