वन महोत्सव पर कृषि कालेज बेमेतरा में हुआ व्यापक वृक्षारोपण

एनएसएस के तत्वावधान में विद्यार्थियों ने लिया पर्यावरण संरक्षण का संकल्प 
बेमेतरा 07 जुलाई 2026 - वन महोत्सव सप्ताह के अंतर्गत पर्यावरण संरक्षण एवं हरित वातावरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से रेवेन्द्र सिंह वर्मा कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र ढोलिया (बेमेतरा) में मंगलवार को राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के तत्वावधान में वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. अनूप कुमार सिंह के मार्गदर्शन में किया गया, जिसमें महाविद्यालय परिसर में विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण कर उनके संरक्षण का संकल्प लिया गया। 
  इस अवसर पर अधिष्ठाता डॉ. अनूप कुमार सिंह ने कहा कि पेड़-पौधे मानव जीवन के आधार हैं। वृक्ष न केवल हमें जीवनदायिनी ऑक्सीजन प्रदान करते हैं, बल्कि जल संरक्षण, मृदा संरक्षण, जैव विविधता के संरक्षण तथा पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन जैसी वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को अधिक से अधिक वृक्ष लगाने और उनका संरक्षण करने का संकल्प लेना चाहिए। 
        उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि केवल पौधारोपण करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल और संरक्षण करना भी प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन में कम से कम एक पौधे का रोपण कर उसका संरक्षण सुनिश्चित करे, तो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ा सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। 
     कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों, छात्र-छात्राओं, प्राध्यापकों एवं कर्मचारियों ने महाविद्यालय परिसर में पौधारोपण करते हुए पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। सभी प्रतिभागियों ने वृक्षों की नियमित देखभाल करने तथा अधिक से अधिक लोगों को पौधारोपण के लिए प्रेरित करने का संकल्प भी लिया। 
     इस अवसर पर डॉ. यूके ध्रुव, डॉ. असित कुमार, कुंती बंजारे, डॉ. भारती बघेल, डॉ. हेमलता निराला, डॉ. प्रीति पैंकरा, डॉ. साक्षी बजाज, श्रीमती प्रतिभा सिंह, डॉ. सरिता शर्मा, डॉ. महानंद, डॉ. रामेश्वर, संजीव गुर्जर सहित महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापक, अधिकारी, कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। 
    महाविद्यालय प्रशासन ने बताया कि वन महोत्सव के अंतर्गत भविष्य में भी पर्यावरण संरक्षण एवं जन जागरूकता से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि विद्यार्थियों में प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता विकसित हो और हरित एवं स्वच्छ वातावरण के निर्माण में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित हो सके। 

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