सड़क दुर्घटना पीड़ितों को “गोल्डन आवर” में मिले कैशलेस उपचार, सभी विभाग समन्वय के साथ करें कार्य : कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाई

दुर्घटना पीड़ितों की सहायता करना मानवीय दायित्व, प्रत्येक नागरिक आगे आए : डीआईजी रामकृष्ण साहू 

प्रधानमंत्री राहत (PM-RAHAT) योजना के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित 
बेमेतरा 25 जून 2026 - सड़क दुर्घटनाओं में घायल व्यक्तियों को त्वरित एवं कैशलेस उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित प्रधानमंत्री राहत (PM-RAHAT) योजना के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु आज जिला कार्यालय बेमेतरा के दृष्टि सभा कक्ष में एक दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। 
     कार्यशाला में कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाईं एवं डीआईजी रामकृष्ण साहू ने पुलिस, स्वास्थ्य एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों-कर्मचारियों को योजना के प्रावधानों, प्रक्रियाओं तथा उनकी जिम्मेदारियों के संबंध में विस्तार से जानकारी प्रदान की। 
     कार्यशाला का आयोजन राज्य शासन एवं भारत सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप जिले में योजना के प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया गया। इस दौरान सड़क दुर्घटना पीड़ितों को दुर्घटना के बाद के महत्वपूर्ण “गोल्डन आवर” में तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया। 

घायल व्यक्ति तक राहत पहुंचाने में देरी न हो : कलेक्टर 
कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाई ने कहा कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति के लिए दुर्घटना के बाद का पहला घंटा अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। यदि इस दौरान समय पर उपचार उपलब्ध हो जाए तो अनेक गंभीर मामलों में जीवन बचाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी संवेदनशीलता, तत्परता और मानवीय दृष्टिकोण के साथ करें। दुर्घटना की सूचना मिलते ही तत्काल राहत एवं उपचार की प्रक्रिया प्रारंभ होनी चाहिए, जिससे पीड़ित को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। 
 कलेक्टर सुश्री ममगाई ने कहा कि प्रधानमंत्री राहत योजना का उद्देश्य केवल उपचार उपलब्ध कराना नहीं है, बल्कि दुर्घटना पीड़ितों और उनके परिवारों को आर्थिक एवं मानसिक संकट से भी राहत प्रदान करना है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग, पुलिस विभाग एवं अन्य संबंधित एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर योजना के प्रभावी संचालन के निर्देश दिए। 

अस्पतालों में स्थापित होंगे PM-RAHAT हेल्प डेस्क 
बैठक में योजना के क्रियान्वयन से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की गई। निर्देश दिए गए कि जिले के शासकीय एवं निजी अस्पतालों में सड़क दुर्घटना पीड़ितों के प्रकरणों की तत्काल प्रविष्टि एवं सहायता के लिए PM-RAHAT हेल्प डेस्क स्थापित किए जाएं। हेल्प डेस्क के माध्यम से दुर्घटना पीड़ितों की जानकारी तत्काल पोर्टल में दर्ज कर कैशलेस उपचार की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। साथ ही स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों तथा 108 एम्बुलेंस सेवा से जुड़े कार्मिकों को योजना के संबंध में आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान करने के निर्देश दिए गए, ताकि किसी भी दुर्घटना की स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। 
eDAR पोर्टल में समय पर प्रविष्टि सुनिश्चित करें : डीआईजी 
डीआईजी रामकृष्ण साहू ने कहा कि सड़क दुर्घटना पीड़ितों को समय पर सहायता उपलब्ध कराने में पुलिस विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि दुर्घटना की सूचना प्राप्त होते ही eDAR पोर्टल में आवश्यक जानकारी तत्काल दर्ज की जाए, जिससे उपचार एवं अन्य सहायता संबंधी प्रक्रियाएं शीघ्र प्रारंभ हो सकें। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की मदद करना केवल कानूनी दायित्व नहीं, बल्कि एक मानवीय कर्तव्य भी है। प्रत्येक नागरिक को दुर्घटना पीड़ितों की सहायता के लिए आगे आना चाहिए। 
    डीआईजी श्री साहू ने कहा कि दुर्घटना में घायल व्यक्ति को देखकर अनदेखा करने के बजाय तत्काल 112 या 108 पर सूचना दें तथा उसे निकटतम अस्पताल पहुंचाने में सहयोग करें। सहायता करने वाले व्यक्ति को किसी भी प्रकार की कानूनी जटिलता का सामना नहीं करना पड़ेगा। 

क्या है प्रधानमंत्री राहत (PM-RAHAT) योजना 
मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 162 के तहत सड़क दुर्घटना पीड़ितों को त्वरित चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के लिए यह योजना लागू की गई है। इसके अंतर्गत किसी भी श्रेणी की सड़क पर मोटर वाहन से हुई दुर्घटना का पीड़ित व्यक्ति नामित अस्पतालों में कैशलेस उपचार प्राप्त कर सकता है। भारत सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार उपचार की लागत मोटर वाहन दुर्घटना कोष के माध्यम से वहन की जाएगी, जिससे पीड़ित एवं उनके परिवार को उपचार संबंधी आर्थिक बोझ से राहत मिलेगी। 

योजना की प्रमुख विशेषताएं - 
# सड़क दुर्घटना में घायल ड्राइवर, सवारी, पैदल यात्री सहित सभी पात्र होंगे। 
# दुर्घटना पीड़ितों को नामित अस्पतालों में कैशलेस उपचार की सुविधा मिलेगी। 
# उपचार के लिए प्रारंभिक समय में आर्थिक व्यवस्था की आवश्यकता नहीं होगी। 
# योजना का समन्वय 112 आपातकालीन प्रतिक्रिया सहायता प्रणाली एवं 108 एम्बुलेंस सेवा से किया गया है। 
# आयुष्मान भारत - प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना से सूचीबद्ध अस्पताल स्वतः नामित अस्पताल माने जाएंगे। 
# अस्पतालों को उपचार व्यय की प्रतिपूर्ति निर्धारित प्रक्रिया के तहत की जाएगी। 

हिट एंड रन मामलों में भी मिलेगा लाभ 
कार्यशाला में बताया गया कि हिट एंड रन दुर्घटनाओं के मामलों में भी पीड़ित परिवारों को सहायता उपलब्ध कराई जाती है। वर्तमान प्रावधानों के अनुसार दुर्घटना में मृत्यु होने पर 2 लाख रुपये तथा गंभीर रूप से घायल होने पर 50 हजार रुपये की अनुग्रह सहायता प्रदान की जाती है। 

जनजागरूकता और समन्वय पर विशेष जोर 
कार्यशाला में अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि योजना के संबंध में व्यापक जनजागरूकता अभियान संचालित किया जाए, ताकि अधिक से अधिक लोगों को इसकी जानकारी मिल सके। साथ ही स्वास्थ्य विभाग, पुलिस विभाग, 108 एम्बुलेंस सेवा, अस्पताल प्रबंधन एवं अन्य संबंधित संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर दुर्घटना पीड़ितों को समय पर राहत और उपचार उपलब्ध कराया जा सके। 
     कार्यक्रम में पुलिस विभाग, स्वास्थ्य विभाग, परिवहन विभाग तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे। 

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