स्वच्छ, सुंदर और पर्यावरण अनुकूल गांवों के निर्माण में ग्राम पंचायतों की भूमिका महत्वपूर्ण : सीईओ जिला पंचायत श्रीमती प्रेमलता पद्माकर

ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु जिला पंचायत में सरपंच-सचिवों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित 

ग्राम पंचायतों में कचरे का स्रोत स्तर पर पृथक्करण, नियमित संग्रहण एवं वैज्ञानिक प्रबंधन सुनिश्चित करने के निर्देश 
बेमेतरा 25 जून 2026 - ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन तथा ग्राम पंचायतों को स्वच्छ, सुंदर एवं पर्यावरण अनुकूल बनाने के उद्देश्य से आज जिला पंचायत सभाकक्ष में टॉप प्रायरिटी वाले ग्रामों के सरपंचों एवं सचिवों की विशेष बैठक आयोजित की गई। बैठक में ग्राम स्तर पर स्वच्छता गतिविधियों को सुदृढ़ करने, कचरा प्रबंधन व्यवस्था को बेहतर बनाने तथा शासन द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप कार्य सुनिश्चित करने पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं पंचायत कर्मियों को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के विभिन्न प्रावधानों की जानकारी देते हुए बताया गया कि स्वच्छ और स्वस्थ ग्रामों के निर्माण के लिए कचरे का स्रोत स्तर पर पृथक्करण अत्यंत आवश्यक है। इसके माध्यम से न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि पुनर्चक्रण की प्रक्रिया भी अधिक प्रभावी बन सकेगी। 

चार प्रकार के कचरा डिब्बों के उपयोग पर दिया गया विशेष प्रशिक्षण 
बैठक में अधिकारियों द्वारा ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों को घर-घर कचरा संग्रहण प्रणाली को सुदृढ़ करने, कचरे के पृथक्करण एवं उसके वैज्ञानिक निस्तारण की प्रक्रिया के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई। इस दौरान चार प्रकार के कचरा डिब्बों के उपयोग एवं उनके महत्व को समझाया गया। प्रतिभागियों को बताया गया कि गीला कचरा, सूखा कचरा, घरेलू जैव-चिकित्सीय अपशिष्ट तथा घरेलू जोखिमयुक्त अपशिष्ट को अलग-अलग एकत्रित एवं प्रबंधित किया जाना आवश्यक है। इससे कचरे के सुरक्षित निस्तारण के साथ-साथ पुनः उपयोग और पुनर्चक्रण की संभावनाएं बढ़ेंगी तथा प्रदूषण में कमी आएगी। 

जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश 
बैठक में ग्राम पंचायतों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में व्यापक जन जागरूकता अभियान संचालित करें, ताकि प्रत्येक परिवार कचरे के पृथक्करण एवं स्वच्छता संबंधी नियमों का पालन करे। इसके साथ ही ग्राम स्तर पर नियमित निगरानी व्यवस्था विकसित करने तथा सामुदायिक सहभागिता बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि स्वच्छता केवल शासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि जनभागीदारी से ही इसे स्थायी रूप से सफल बनाया जा सकता है। इसलिए ग्राम पंचायतें स्थानीय नागरिकों, महिला स्व-सहायता समूहों, युवाओं एवं सामाजिक संगठनों को भी इस अभियान से जोड़ें। 
ग्राम पंचायतें निभाएं अग्रणी भूमिका : सीईओ जिला पंचायत 
बैठक को संबोधित करते हुए जिला पंचायत बेमेतरा की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती प्रेमलता पद्माकर ने कहा कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के सफल क्रियान्वयन में ग्राम पंचायतों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि गांवों में स्वच्छता को जनआंदोलन का स्वरूप देने की आवश्यकता है, ताकि प्रत्येक नागरिक स्वच्छता के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझे और उसका पालन करे। उन्होंने सभी सरपंचों एवं सचिवों को निर्देशित किया कि गांवों में कचरे के स्रोत स्तर पर पृथक्करण, नियमित संग्रहण, वैज्ञानिक प्रबंधन तथा स्वच्छता गतिविधियों को प्राथमिकता के साथ संचालित किया जाए। साथ ही शासन द्वारा निर्धारित लक्ष्यों की समयबद्ध पूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सतत प्रयास किए जाएं। 

स्वच्छ और स्वस्थ ग्रामों के निर्माण का लिया संकल्प 
बैठक में उपस्थित सरपंचों एवं सचिवों ने अपने-अपने ग्रामों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने तथा स्वच्छ, सुंदर एवं पर्यावरण अनुकूल ग्रामों के निर्माण के लिए सक्रिय सहयोग देने का संकल्प लिया। 
   
     कार्यक्रम में जिला पंचायत के अधिकारी, संबंधित विभागों के प्रतिनिधि, सरपंच एवं सचिव बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।  
      बैठक के माध्यम से ग्राम पंचायत स्तर पर स्वच्छता एवं कचरा प्रबंधन को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्रदान किया गया। 

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