समय-सीमा की बैठक में कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाईं ने की योजनाओं की गहन समीक्षा
लक्ष्य प्राप्ति, जन शिकायतों के निराकरण और सुशासन को लेकर अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
बेमेतरा 16 जून 2026 - कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाईं ने आज जिला कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित साप्ताहिक समय-सीमा (टीएल) बैठक में जिले में संचालित केंद्र एवं राज्य शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं तथा विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में उन्होंने विभागवार योजनाओं की प्रगति का आकलन करते हुए अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर सभी लक्ष्यों की शत-प्रतिशत पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने स्पष्ट रूप से कहा कि शासन की योजनाओं का वास्तविक लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए और इसके लिए प्रत्येक अधिकारी को जवाबदेही के साथ कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की शिथिलता अथवा लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी विभाग प्रमुख नियमित फील्ड विजिट कर योजनाओं की जमीनी स्थिति का आकलन करें तथा समस्याओं का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करें।
बैठक में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, जल जीवन मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा), स्वच्छ भारत मिशन, आयुष्मान भारत योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास तथा राजस्व विभाग के कार्यों की समीक्षा की गई।
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के मामलों पर विशेष जोर
कलेक्टर सुश्री ममगाईं ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 में प्राप्त शिकायतों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी लंबित प्रकरणों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन आम नागरिकों और शासन के बीच विश्वास का महत्वपूर्ण माध्यम है, इसलिए इसमें प्राप्त प्रत्येक शिकायत को गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ लिया जाना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि केवल औपचारिक जवाब देकर प्रकरणों को बंद करना स्वीकार्य नहीं होगा। शिकायतकर्ता को वास्तविक राहत मिलना ही निराकरण का मूल उद्देश्य है। विभागीय अधिकारी स्वयं शिकायतकर्ताओं से संपर्क कर उनकी समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करें। जिन विभागों में शिकायतों का निराकरण संतोषजनक नहीं पाया जाएगा, वहां जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि निराकृत किए गए प्रकरणों की गुणवत्ता की नियमित समीक्षा की जाए तथा अनावश्यक रूप से लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए।
सुशासन तिहार के आवेदनों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश
बैठक में सुशासन तिहार के दौरान प्राप्त आवेदनों की भी विभागवार समीक्षा की गई। कलेक्टर ने कहा कि सुशासन तिहार का उद्देश्य प्रशासन को जनता के द्वार तक पहुंचाना तथा उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान करना है। इसलिए इस अभियान के अंतर्गत प्राप्त सभी आवेदनों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने बताया कि अधिकांश आवेदन राशन कार्ड, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, नामांतरण, सीमांकन, भूमि अभिलेख सुधार, पेयजल, विद्युत आपूर्ति, आवास, सड़क तथा अन्य बुनियादी सुविधाओं से संबंधित हैं। इन मामलों में किसी भी प्रकार की देरी आम नागरिकों को प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित करती है।
कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक आवेदन की वस्तुस्थिति का सत्यापन कर वास्तविक समाधान उपलब्ध कराया जाए। यदि किसी आवेदन के निराकरण में अनावश्यक विलंब किया गया अथवा भ्रामक जानकारी प्रस्तुत की गई तो संबंधित अधिकारी की व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय की जाएगी।
जल जीवन मिशन और ग्रामीण विकास कार्यों की समीक्षा
कलेक्टर ने जल जीवन मिशन के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित नल-जल योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किए जाएं। उन्होंने कहा कि गर्मी एवं आगामी वर्षा ऋतु को ध्यान में रखते हुए पेयजल व्यवस्था में किसी प्रकार की बाधा नहीं आनी चाहिए। ग्रामीण विकास विभाग की समीक्षा के दौरान मनरेगा अंतर्गत स्वीकृत कार्यों, श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराने, भुगतान की स्थिति तथा निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी ली गई। उन्होंने निर्देश दिए कि श्रमिकों के भुगतान समय पर किए जाएं तथा स्वीकृत विकास कार्यों को तेजी से पूर्ण कराया जाए।
प्रधानमंत्री आवास योजना की समीक्षा
प्रधानमंत्री आवास योजना की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने अपूर्ण आवासों को शीघ्र पूर्ण कराने तथा हितग्राहियों को समय पर किश्त भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पात्र परिवारों को आवास उपलब्ध कराना शासन की प्राथमिकता है और इस दिशा में किसी भी प्रकार की उदासीनता स्वीकार नहीं की जाएगी।
राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण पर जोर
बैठक में राजस्व विभाग के लंबित प्रकरणों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, नक्शा सुधार एवं अन्य राजस्व मामलों के शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आम जनता की बड़ी संख्या राजस्व संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए प्रशासन पर निर्भर रहती है, इसलिए इन मामलों में संवेदनशीलता और तत्परता आवश्यक है। उन्होंने सभी अनुविभागीय अधिकारियों एवं तहसीलदारों को निर्देशित किया कि राजस्व न्यायालयों में लंबित प्रकरणों की नियमित समीक्षा करें तथा निर्धारित समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करें।
स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता और जनकल्याण योजनाओं की समीक्षा
स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं जिला अस्पताल में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने आवश्यक दवाओं की उपलब्धता, संस्थागत प्रसव, टीकाकरण तथा विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के प्रभावी संचालन के निर्देश दिए। आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों के कार्ड निर्माण एवं उपचार सुविधा की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि कोई भी पात्र व्यक्ति योजना के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए।
महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा
महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा के दौरान आंगनबाड़ी केंद्रों की गतिविधियों, पोषण पुनर्वास, सुपोषण अभियान तथा हितग्राहीमूलक योजनाओं की प्रगति पर चर्चा की गई। उन्होंने बच्चों और महिलाओं को मिलने वाली सुविधाओं की नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश दिए।
नए शिक्षण सत्र की तैयारियों की समीक्षा
कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाईं ने नए शिक्षण सत्र को देखते हुए जिले की सभी शालाओं में आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए विद्यालयों में मूलभूत सुविधाएं सुचारु रूप से उपलब्ध होना आवश्यक है। उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों से विद्यालयों में पेयजल, शौचालय, बिजली, फर्नीचर, साफ-सफाई तथा अन्य आधारभूत सुविधाओं की स्थिति की जानकारी ली। साथ ही शाला गणवेश एवं पाठ्यपुस्तकों के वितरण की प्रगति की समीक्षा करते हुए समय पर वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने कहा कि किसी भी विद्यार्थी को पाठ्यपुस्तक अथवा गणवेश के अभाव में अध्ययन से वंचित नहीं होना चाहिए। सभी विद्यालयों में अध्ययन-अध्यापन का वातावरण बेहतर बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।
सात दिवस में लंबित शिकायतों के निराकरण के निर्देश
बैठक के दौरान कलेक्टर ने विभिन्न विभागों में लंबित शिकायतों एवं आवेदनों की स्थिति की समीक्षा करते हुए सभी संबंधित अधिकारियों को सात दिवस के भीतर लंबित प्रकरणों का निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता आम जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान है और इसमें किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक विभाग अपनी प्रगति की नियमित समीक्षा करे तथा शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं के क्रियान्वयन में बेहतर समन्वय स्थापित करे। सभी अधिकारी जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पारदर्शी एवं जवाबदेह प्रशासन सुनिश्चित करें।
बैठक में जिला पंचायत सीईओ, अपर कलेक्टर, संयुक्त कलेक्टर, समस्त एसडीएम, जिला स्तरीय अधिकारी एवं विभिन्न विभागों के प्रमुख उपस्थित थे।