शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार, बोर्ड परीक्षा परिणामों में वृद्धि और छात्रावासों की बेहतर व्यवस्था पर दिया विशेष जोर
प्रत्येक शनिवार यूनिट टेस्ट, विषय विशेषज्ञों की कोर टीम गठन एवं समय पर जाति-आय प्रमाण पत्र बनाने के निर्देश
बेमेतरा 11 जून 2026 - आगामी शैक्षणिक सत्र 2026-27 के सफल संचालन, शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार तथा छात्रावासों की व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से जिला पंचायत सभाकक्ष में कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाईं ने शिक्षा विभाग एवं आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग की संयुक्त समीक्षा बैठक ली। बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास, विकासखंड शिक्षा अधिकारी, प्राचार्यगण, छात्रावास अधीक्षक तथा संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान कलेक्टर ने जिले के विभिन्न विद्यालयों की एक-एक कर विस्तृत समीक्षा की तथा संबंधित प्राचार्यों से विद्यालयों की वर्तमान स्थिति, शिक्षण व्यवस्था, विद्यार्थियों की संख्या, परीक्षा परिणाम एवं आगामी सत्र की तैयारियों की जानकारी प्राप्त की।
बोर्ड परीक्षा परिणामों में सुधार लाने के लिए ठोस कार्ययोजना बनाने के निर्देश
कलेक्टर सुश्री ममगाई ने स्पष्ट रूप से कहा कि जिले के विद्यालयों के परीक्षा परिणामों में इस वर्ष उल्लेखनीय सुधार दिखाई देना चाहिए। इसके लिए सभी शिक्षक एवं प्राचार्य पूर्ण जिम्मेदारी और समर्पण के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धियों को बढ़ाने के लिए नियमित अध्ययन, सतत मूल्यांकन और प्रभावी मॉनिटरिंग आवश्यक है। उन्होंने निर्देश दिए कि विषयवार अध्ययन की गुणवत्ता बढ़ाने हेतु प्राचार्यों की एक कोर टीम तथा विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की अलग कोर टीम गठित की जाए। ये टीमें शैक्षणिक गतिविधियों की नियमित समीक्षा करते हुए एक व्यवस्थित शैक्षणिक कैलेंडर एवं कार्ययोजना तैयार करेंगी, जिससे पूरे जिले में शिक्षण कार्य समान रूप से संचालित हो सके।
कलेक्टर ने विद्यार्थियों की प्रगति का नियमित आकलन सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक शनिवार यूनिट टेस्ट आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता का मूल्यांकन होगा तथा कमजोर विषयों की पहचान कर समय रहते सुधारात्मक कदम उठाए जा सकेंगे।
10 वीं एवं 12 वीं के विद्यार्थियों के प्रमाण पत्र समय पर तैयार करने पर जोर
बैठक में कलेक्टर ने विशेष रूप से हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी के विद्यार्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए निर्देश दिए कि कक्षा 10 वीं एवं 12 वीं के सभी विद्यार्थियों के आय, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र समय-सीमा में तैयार किए जाएं। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा, छात्रवृत्ति, प्रतियोगी परीक्षाओं एवं विभिन्न शासकीय योजनाओं में इन दस्तावेजों की आवश्यकता होती है, इसलिए किसी भी विद्यार्थी को अनावश्यक परेशानी का सामना नहीं करना चाहिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक समन्वय स्थापित कर सभी लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
छात्रावासों में अनुशासन और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश
इसके पश्चात कलेक्टर ने आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग के अंतर्गत संचालित छात्रावासों एवं आश्रमों की व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने सभी छात्रावास अधीक्षकों को निर्धारित समय पर छात्रावास में उपस्थित रहने तथा छात्र-छात्राओं की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि छात्रावासों में रहने वाले बच्चों की सुरक्षा, स्वास्थ्य, भोजन व्यवस्था तथा अध्ययन का वातावरण सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। विद्यार्थियों के छात्रावास आने-जाने के समय का नियमित रिकॉर्ड रखा जाए तथा अनुशासन एवं सुरक्षा संबंधी सभी व्यवस्थाओं का कड़ाई से पालन किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
शाला प्रवेश उत्सव की तैयारियां समय पर पूर्ण करने के निर्देश
बैठक में कलेक्टर ने आगामी शाला प्रवेश उत्सव की तैयारियों की भी समीक्षा की। उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों से विद्यालयों में प्रवेश प्रक्रिया, पाठ्यपुस्तकों की उपलब्धता, गणवेश वितरण, पेयजल, स्वच्छता, बिजली एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने निर्देश दिए कि शाला प्रवेश उत्सव को उत्साहपूर्ण एवं प्रभावी ढंग से आयोजित किया जाए तथा सभी आवश्यक तैयारियां निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण कर ली जाएं। विशेष रूप से यह सुनिश्चित किया जाए कि नए प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों का विद्यालयों में स्वागत सकारात्मक वातावरण में हो तथा कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे।
बैठक के अंत में कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाईं ने सभी अधिकारियों एवं शिक्षकों से नए शैक्षणिक सत्र को गुणवत्तापूर्ण, अनुशासित एवं परिणामोन्मुख बनाने के लिए टीम भावना के साथ कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जिले में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और इसके लिए सभी संबंधित विभागों को समन्वित प्रयास करने होंगे।