भीषण गर्मी में आग से बचाव को लेकर प्रशासन की अपील
अग्नि सुरक्षा के प्रति सतर्क रहें, छोटी सावधानी से टल सकती है बड़ी दुर्घटना
बेमेतरा 11 जून 2026 - भारत सरकार के गृह मंत्रालय के अधीन महानिदेशालय अग्निशमन सेवा नई दिल्ली तथा मुख्यालय नगर सेना रायपुर द्वारा ग्रीष्म ऋतु के दौरान आगजनी की घटनाओं की रोकथाम एवं जनसुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आवासीय एवं वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों के लिए अग्नि सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे इन सुरक्षा उपायों का पालन कर स्वयं, अपने परिवार तथा संपत्ति को सुरक्षित रखें।
बिजली एवं एलपीजी उपयोग में बरतें विशेष सावधानी
गर्मी के मौसम में एयर कंडीशनर, कूलर, रेफ्रिजरेटर एवं अन्य विद्युत उपकरणों का उपयोग बढ़ जाने से विद्युत भार अधिक हो जाता है, जिससे आग लगने की संभावना बढ़ जाती है। नागरिकों को सलाह दी गई है कि घर की विद्युत वायरिंग एवं उपकरणों का समय-समय पर निरीक्षण कराएं तथा केवल आईएसआई मानक वाले उपकरणों का ही उपयोग करें। उपकरणों का अनावश्यक एवं लगातार उपयोग न करें तथा उपयोग के बाद उन्हें बंद रखना सुनिश्चित करें। एलपीजी सिलेंडर को सदैव सीधी स्थिति में रखें और समय-समय पर साबुन के घोल से गैस रिसाव की जांच करें। खुले लौ वाले स्रोत जैसे दीपक, मोमबत्ती एवं अगरबत्ती को बिजली के सॉकेट तथा ज्वलनशील वस्तुओं से दूर रखें।
आग से बचाव के लिए अपनाएं सुरक्षा उपाय, इन गलतियों से बचें
प्रशासन ने नागरिकों को सलाह दी है कि घरों एवं भवनों की बालकनी, गलियारे और सीढ़ियों को अनावश्यक सामान से मुक्त रखें ताकि आपातकालीन स्थिति में सुरक्षित निकास संभव हो सके। भवनों तक पहुंचने वाले मार्गों को भी अग्निशमन वाहनों के लिए बाधारहित रखा जाए।बिजली के सॉकेट पर अत्यधिक भार न डालें तथा एक ही एक्सटेंशन बोर्ड में कई भारी विद्युत उपकरणों का उपयोग न करें। खराब तारों, ढीले प्लग तथा निम्न गुणवत्ता की इलेक्ट्रिकल फिटिंग से बचें। पेट्रोल, केरोसीन, पटाखे एवं अन्य ज्वलनशील पदार्थों का घर के भीतर भंडारण न करें। साथ ही, रात्रि के समय मोबाइल, लैपटॉप या अन्य उपकरणों को बिना निगरानी के चार्जिंग पर न छोड़ें।
ग्रीष्मकालीन विशेष सलाह : ओवरहीटिंग से बचें, आपातकालीन तैयारी रखें
विशेषज्ञों के अनुसार गर्मी के मौसम में कूलिंग उपकरणों के अत्यधिक उपयोग से ओवरहीटिंग की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। इसलिए विद्युत लोड का संतुलित वितरण एवं उचित वायरिंग सुनिश्चित करना आवश्यक है। अस्थायी अथवा कामचलाऊ विद्युत कनेक्शनों का उपयोग नहीं करना चाहिए। इन्वर्टर एवं बैटरी सिस्टम को भी पर्याप्त वेंटिलेशन वाले स्थान पर स्थापित किया जाए तथा उनकी नियमित जांच की जाए। घरों एवं प्रतिष्ठानों में आपात स्थिति के लिए पानी एवं रेत से भरी बाल्टियां उपलब्ध रखें तथा परिवार के सभी सदस्यों को आग लगने की स्थिति में अपनाए जाने वाले सुरक्षा उपायों एवं अग्निशमन सेवा (101) तथा आपातकालीन सहायता (112) के बारे में जानकारी दें।
जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अग्नि सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए सुरक्षित एवं सतर्क रहें, ताकि किसी भी संभावित अग्नि दुर्घटना को रोका जा सके।