लोगों को स्वस्थ और अधिक संतुलित जीवन-शैली अपनाने में मदद करता है योग - पेंशनर्स संघ जिलाध्यक्ष आरके वर्मा

योग समिति ने प्राथमिक स्कूल बारगांव में किया योगाभ्यास, 17 वर्षों से संचालित है समिति 
बेमेतरा 21 जून 2026 - अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर योग समिति द्वारा रविवार को जिलें के बेरला ब्लाक के शासकीय प्राथमिक स्कूल बारगांव परिसर में योग का आयोजन किया गया। साथ ही संगठन को मजबूत बनाने और योग गतिविधियों के विस्तार पर भी जोर दिया गया। 
     मुख्य अतिथि पेंशनर्स संघ जिलाध्यक्ष आरके वर्मा ने कहा कि योग लोगों को स्वस्थ और अधिक संतुलित जीवन-शैली अपनाने में मदद करता है। योग स्वस्थ जीवन का एक सशक्त माध्यम है, जो लोगों को दवाओं पर निर्भरता कम करने में सहायता कर सकता है। 
     योग समिति के प्रमुख राजेश यादव ने बताया कि योग समिति पिछले 17 वर्षों से संचालित है। उन्होंने बताया कि योग समिति का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को योग से जोड़ना और उन्हें स्वास्थ्य एवं मानसिक लाभ पहुंचाना है।
     इसके अतिरिक्त यशवंत सोनी ने संगठन को और मजबूत बनाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक लोगों को योग समिति से जोड़कर संवाद स्थापित किया जाना चाहिए, जिससे संगठन में एकता और मजबूती बनी रहे। 
     इस दौरान मुकेश साहू, गनेश सिवारे, शंकर साहू, टेकराम साहू, डोमन पाटिल, विनोद वर्मा, विनोद कोसरे, डोमन निषाद सहित अन्य स्कूल के बच्चों द्वारा योग किया गया। 

योग के टिप्स व उनके लाभ बताए - 
1. प्रार्थना और ध्यान : योग सत्र की शुरुआत शांति मंत्र या प्रार्थना के साथ होती है, जिसमें मन को शांत करने के लिए ध्यान लगाया जाता है। इससे एकाग्रता बढ़ता है और मानसिक शांति मिलती है। 
2. ग्रीवा संचालन : गर्दन की जकड़न को दूर करने के लिए गर्दन को आगे-पीछे और दाएं-बाएं घुमाया जाता है। 
3. स्कंध और कटि संचालन : कंधों को घुमाना और कमर को मोड़ने वाले व्यायाम किए जाते हैं ताकि शरीर में लचीलापन आए। 
4. खड़े होकर किए जाने वाले आसन -
ताड़ासन : शरीर को सीधा खींचने और संतुलन बनाने में मददगार। 
वृक्षासन : एकाग्रता और पैरों की मजबूती के लिए। 
पादहस्तासन : कमर और पेट की चर्बी के लिए। 
अर्ध चक्रासन : रीढ़ की हड्डी के स्वास्थ्य के लिए। 
त्रिकोणासन : शरीर के पार्श्व भाग (साइड्स) को स्ट्रेच करने के लिए। 
5. बैठकर किए जाने वाले आसन -
भद्रासन : घुटनों और जांघों के लिए। 
वज्रासन : पाचन क्रिया को मजबूत करने वाला एकमात्र आसन जो खाने के तुरंत बाद भी किया जा सकता है। 
अर्ध उष्ट्रासन और उष्ट्रासन : छाती और फेफड़ों के विस्तार के लिए। 
शशांकासन : तनाव और गुस्से को कम करने के लिए। 
उत्तान मंडुकासन : फेफड़ों और कंधों के लिए। 
वक्रासन : पेट के अंगों की मालिश और डायबिटीज नियंत्रण के लिए। 
6. पेट के बल लेटकर किए जाने वाले आसन -
मक्रासन : विश्राम और कमर दर्द में राहत के लिए।
भुजंगासन : रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाने और फेफड़ों की क्षमता बढ़ाने के लिए। 
शलभासन : पीठ और जांघों को मजबूत करने के लिए। 

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