थान खम्हरिया (बेमेतरा) में एसीबी की बड़ी कार्यवाही : 15 हजार रिश्वत लेते प्रधान आरक्षक अजय लहरे गिरफ्तार

आरोपी प्रधान आरक्षक ने केस रफा-दफा करने पीड़ित से मांगी थी रकम 

एएसपी मनीष तंबोली के नेतृत्व में एसीबी टीम ने घूसखोर जवान को रंगे हाथ दबोचा 
बेमेतरा 26 जून 2026 - भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो ने आज बेमेतरा जिलें के थान खम्हरिया में बड़ी कार्यवाही करते हुए 15 हजार रु की रिश्वत लेते पुलिस थाना थान खम्हरिया के प्रधान आरक्षक अजय लहरे को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। आरोपी मारपीट के एक पुराने केस को रफा-दफा करने के बदले फरियादी से 20 हजार रु मांग रहा था, सौदा 15 हजार में तय हुआ था।  
   एसीबी दुर्ग के उप पुलिस अधीक्षक मनीष तंबोली के नेतृत्व में 11 सदस्यी टीम ने थाने मे ही प्रधान आरक्षक को रिश्वत लेते रंगे हाथो पकड़ा और थाने मे ही जाल बिछाकर आरोपी को धर दबोचा। 
    एसीबी की इस कार्यवाही से पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। गत चार दिन से एसीबी टीम ने आरोपी प्रधान आरक्षक को ट्रेक कर रहे थे। शिकायतकर्ता ने 22 जून को एन्टी करप्शन ब्यूरो को रिश्वत मांगने की जानकारी दी थी।शिकायतकर्ता व एक ग्रामीण के बीच शो बबूल पेड़ काटने की शिकायत व विवाद के मामले मे पुलिस ने थाने मे काऊंटर का मामला बीएनएस की धारा 45 व 56 दर्ज किया था, बाद मे एक ग्रामीण व शिकायतकर्ता के खिलाफ 176 दर्ज करने की दबाव व धारा हटाने 20 हजार की मांग की गयी थी। 
  आज एसीबी की कार्यवाही से जिले के पुलिस विभाग मे हङकंप मच गया। एसीबी टीम ने थाने मे लगातार 5 घंटे तक कार्रवाई करने के बाद आरोपी को शाम पांच बजे अपने साथ ले गये। 
      गौरतलब है कि आरोपी प्रधान आरक्षक अजय लहरे थान खम्हरिया थाने मे पदस्थ था। ग्राम खैरझिटीकला निवासी निवासी दुर्गेश पटेल ने बताया कि कुछ दिन पूर्व ही गांव में शो बबूल पेड़ काटने के बाद कमलेश पटेल के साथ विवाद हो गया। दोनो पक्षों में विवाद उत्पन्न होने के बाद मामला थाना पहूंच गया। पूलिस ने दोनो के खिलाफ अपराध पंजीबध्द करते हुए बीएनएस की धारा 45, 56 कार्रवाई किया। आरोप है कि प्रधान आरक्षक अजय लहरे ने शिकायतकर्ता से अतिरिक्त धारा नही जोङने के एवज मे 20 हजार की मांग की थी, जिसमे 15 हजार मे सेटलमेंट किया गया था।शिकायतकर्ता दुर्गेश पटेल ने पुलिस की कार्य प्रणाली से क्षुब्ध होकर एसीबी से शिकायत किया था।
फरियादी के अनुसार 10 दिन पहले प्रधान आरक्षक ने उसे फोन कर थाने बुलाया और कहा "केस कोर्ट तक जाएगा तो दोनों पक्ष फंसेंगे। 20 हजार दे दो, समझौता कराकर फाइल बंद कर देता हूं।" पीड़ित ने बताया कि वह रिश्वत नहीं देना चाहता था, इसलिए उसने एसीबी दुर्ग से संपर्क किया। आज सुबह करीब 11 बजे एसीबी टीम ने जाल बिछाया और पीड़ित को केमीकल लगे 5-5 सौ के 15 हजार के नोट देकर प्रधान आरक्षक अजय लहरे के पास भेजा था, जैसे ही रिश्वत की रकम दुर्गेश पटेल ने दिया वैसे ही एसीबी टीम ने आरोपी को रंगे हाथो धर दबोचा और आरोपी के पास से 15 हजार रु के नोट बरामद हुए। पूछताछ में उसने रिश्वत मांगने की बात कबूल कर ली। 

शिकायतकर्ता ने स्वाभिमान की रक्षा करने उठाया कदम 
शिकायतकर्ता दुर्गेश पटेल ने बताया कि पुलिस ने बेवजह उसके साथ गाली गलौच किया और अनावेदक के साथ गठजोङ कर अतिरिक्त धारा जोङने दबाव बना रहा था और 20 हजार रूपए की रिश्वत मांगी गयी थी, इसी बात से क्षुब्ध होकर एसीबी दुर्ग टीम से संपर्क किया और आरोपी प्रधान आरक्षक के खिलाफ कार्यवाही के लिए रणनीति तैयार किया और सफल भी हुआ। 
   आज की कार्रवाई को लेकर जिले की पुलिस विभाग मे हड़कंप मच गया। जिले मे एसीबी की कार्यवाही का एक माह मे यह तीसरा मामला है, कुछ दिन पूर्व ही साजा मे पटवारी को रिश्वत लेते एसीबी टीम ने रंगे हाथो पकड़ा था। 

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