बेमेतरा जिले में निरीक्षण पर संधारण अवधि वाली सड़कों के कार्यों में कमी देख हुए नाराज, दिए सख्त कार्यवाही के निर्देश
संधारण अवधि कार्यों में लापरवाही पर संबंधित ठेकेदारों पर डीएलपी प्रकरण प्रस्तुत करने कार्यपालन अभियंता बेमेतरा को किए निर्देशित
बेमेतरा 09 अप्रैल 2026 - छत्तीसगढ़ ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण सिविल लाईन्स रायपुर के मुख्य अभियंता हरिओम शर्मा द्वारा बेमेतरा जिले का दौरा कर प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) अंतर्गत निर्मित सड़कों का विस्तृत निरीक्षण किया गया। यह निरीक्षण 03 अप्रैल 2026 को किया गया, जिसमें विशेष रूप से 05 वर्ष की संधारण अवधि (मेंटेनेंस पीरियड) वाले सड़कों की स्थिति का जायजा लिया गया। निरीक्षण के दौरान सड़कों की गुणवत्ता, उपयोगिता एवं वर्तमान हालत का सूक्ष्म मूल्यांकन किया गया।
मुख्य अभियंता ने जिले के विभिन्न ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में जाकर सड़कों के रखरखाव कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने पाया कि कुछ स्थानों पर नियमित संधारण कार्यों में कमी देखी जा रही है, जिस पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत निर्मित सड़कों का नियमित रखरखाव एवं मरम्मत कार्य ठेकेदारों की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
निरीक्षण के दौरान मुख्य अभियंता ने सड़कों के संधारण से जुड़े विभिन्न पहलुओं जैसे पैच रिपेयर, पॉट होल्स (गड्ढों) की मरम्मत, सड़क किनारे उगी झाड़ियों की सफाई, पुल-पुलियों की रंगाई-पुताई तथा आवश्यक मरम्मत कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण संधारण से ही सड़कों की दीर्घायु सुनिश्चित की जा सकती है और ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन सुगम बना रह सकता है।
मुख्य अभियंता श्री शर्मा ने यह भी निर्देशित किया कि जिन ठेकेदारों द्वारा 05 वर्ष की नियमित संधारण अवधि के दौरान कार्यों में लापरवाही बरती जा रही है, उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। ऐसे मामलों में संबंधित ठेकेदारों की बैंक गारंटी राशि राजसात (जब्त) करते हुए डीएलपी (डिफेक्ट लाइबिलिटी पीरियड) प्रकरण प्रस्तुत करने के लिए कार्यपालन अभियंता बेमेतरा को निर्देशित किया गया है। इससे कार्य में जवाबदेही एवं गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
निरीक्षण के दौरान कार्यपालन अभियंता मुकेश कुमार साकरकर, सहायक अभियंता अमर सिंह पैकरा एवं उप अभियंता यशवंत कुमार साहू सहित विभागीय अधिकारी एवं तकनीकी अमला उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों को योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, सतत मॉनिटरिंग एवं समयबद्ध संधारण कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, ताकि ग्रामीण संपर्क मार्गों की गुणवत्ता बेहतर बनी रहे और आम नागरिकों को आवागमन में सुविधा मिल सके।