कोसपातर (बेरला) में श्रीराम कथा का हुआ शुभारंभ, समापन 3 अप्रैल को
बेमेतरा 01 अप्रैल 2026 - जय दुर्गा मानस मंडली कोसपातर व ग्रामवासी द्वारा आयोजित त्रि-दिवसीय श्रीराम कथा मानस मेला का शुभारंभ मुख्य अतिथि व समिति के पदाधिकारियों ने दीप प्रज्जवलित कर किया। कथा के पहले दिन श्रीराम चरित मानस पर प्रकाश डालते हुए मुख्य अतिथि सरपंच प्रतिनिधि बारगांव सच्चिदानंद मिश्रा ने कहा कि रामचरितमानस भारतीय धर्म व संस्कृति का प्रतिबिम्ब है। उन्होंने कथा के दौरान कहा कि रामचरित मानस केवल एक ग्रंथ नही बल्कि आर्यावृत्त की धर्म व संस्कृति को प्रकट करने वाला विशिष्ट पुराण है। रामचरित मानस श्रवण करने से विनम्रता आती है और जहां विनम्रता आ जाती है, वहां मनुष्य को ईश्वर द्वारा प्रदत सभी साधनों की प्राप्ति होती है।
समिति के अध्यक्ष विजय पारख ने कहा कि रामचरित मानस की रचना कर महर्षि तुलसीदास ने भारतवासियों पर अनंत उपकार किया है। यह ग्रंथ शिव व हरी विष्णु की महिमा को एकाकार करने की प्रेरणा देता है। रामचरित मानस में शिव व पार्वती की कथा एवं उसके बाद प्रभु श्रीराम की कथा दोनों ग्रंथ में समाहित है। जीवन में जब भी रामकथा सुनने का अवसर मिले उस अवसर को नहीं चुकने दे। प्रभु राम भारत की भूमि पर निवास करने वाले करोड़ों लोगों की आस्था व विश्वास के प्रतीक है। उन्होंने कहा कि गोस्वामी तुलसीदास कहते हैं कि हमारे शरीर में गुण और अवगुण दोनों समान रूप से विराजमान हैं। लेकिन जब सत्संग की शरण में जाते हैं हमारे चित्र और मन से अवगुण समाप्त हो जाते हैं और गुण जागृत हो जाते हैं। जगत में रामकथा साक्षात परमात्मा स्वरुप है। यह जगत में मंगल प्रदान करती है, धन प्रदान करती है।
धर्म शांति है और परमात्मा के पावन धाम तक पहुंचने में मदद करती है। जीव का जीवन मानस का दर्पण है, यदि जीव इसी विश्वास के साथ रामकथा का श्रवण करें तो निश्चित ही यह उसके लिए फलदाई होगा। कथा जीवन के चित्त को निर्मल बना देती है। यह जीव के जीवन को सहज बनाती है। उन्होंने भक्तों से आग्रह करते हुए कहा कि आप अपने बच्चों को कथा सुनने के लिए प्रेरित करें।
उपाध्यक्ष तखत साहू ने बताया कि श्रीराम कथा का महत्व सर्वदा से है और आगे भी रहेगा। यह भगवान के लीला चरित्र, गुणों की गाथा है। तभी तो जनसामान्य में इसके श्रवण और कथन के प्रति हमेशा एक नवीनता का भाव बना रहता है। किसी आम व्यक्ति के जीवन चरित्र को एक, दो या चार बार सुना देने पर उसके प्रति उबन पैदा हो जाता है, लेकिन यह भगवान की कथा है, सत्य की कथा है, इस नाते यह हमेशा नवीन लगती है। इसे बार-बार कहने एवं सुनने की इच्छा बनी रहती है।
श्रीराम कथा मानस मेला कोसपातर के पहले दिन भूमिजा महिला मानस परिवार गुढ़ियारी रायपुर द्वारा शिव भजन से श्रद्धालु झूम उठे।
इस दौरान कोषाध्यक्ष गिरवरदास मानिकपुरी, संयोजक तनेश्वर साहू, भरत वर्मा, देवेंद्र वर्मा, समीर वर्मा, शिव मुनीम, सदस्यगण जयलाल वर्मा, टोपसिंह साहू, धर्मेंद्र पाटिल, राघवेंद्र साहू, तीजराम साहू, ईश्वर साहू, भगत राम साहू, नोहर साहू, बल्ला निषाद, फत्ते साहू, मुंशी साहू, रमेश निषाद, रामस्वरूप साहू, मनोज साहू, पंकज निषाद, कुलेश साहू, गोपाल साहू, राहुल साहू, डोमार साहू, अश्वनी साहू सहित जय दुर्गा मानस मंडली कोसपातर के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
कथा के दूसरे दिन ये मंडली आज देंगे अपनी प्रस्तुति
श्रीराम कथा मानस मेला के दूसरे दिन गुरुवार को श्रीराम किंकर मानस परिवार अहिवारा, ममता बालिका मानस परिवार नवागढ़ बेमेतरा, पंचानन मानस परिवार कुरुद धमतरी, श्रीराम रसिया मानस परिवार चमारी बेमेतरा, सुर-सरिता मानस परिवार खाती बेमेतरा, श्रीराम जानकी मानस परिवार बहेरा बेमेतरा, विमलेश्वरी बालिका मा. परि. कोलेगांव कबीरधाम अपनी कथा श्रद्धालुओं को सुनाएंगे।