बेरला में एक दिवसीय आंगनवाड़ी शिक्षिका सम्मेलन आयोजित
बेमेतरा 27 मई 2026 - महिला एवं बाल विकास विभाग बेरला एवं अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन बेरला के संयुक्त तत्वावधान में 26 मई 2026 को नगर पंचायत सामुदायिक भवन बेरला में एक दिवसीय आंगनवाड़ी शिक्षिका सम्मेलन का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। सम्मेलन का उद्देश्य आंगनवाड़ी केंद्रों में गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक बाल देखभाल एवं शिक्षा (ECCE) को और अधिक प्रभावी एवं सशक्त बनाना रहा। प्रोजेक्ट स्तर पर आयोजित इस सम्मेलन में कुल 95 आंगनवाड़ी शिक्षिकाओं, 08 सेक्टर पर्यवेक्षकों एवं सीडीपीओ की सक्रिय सहभागिता रही। कार्यक्रम शिक्षिकाओं के लिए सीखने, अनुभव साझा करने और नवाचारों को समझने का एक प्रभावी मंच साबित हुआ।
कार्यक्रम की शुरुआत एक घंटे के आकर्षक गैलरी वॉक से हुई, जिसमें आंगनवाड़ी शिक्षिकाओं द्वारा 16 विभिन्न विषयों पर आधारित लर्निंग कॉर्नर्स प्रस्तुत किए गए। इनमें “आओ सोचे”, “मिलकर खेले”, “खेल में गणित”, “सुरक्षित रहे” जैसे विषयों को रचनात्मक एवं व्यवहारिक तरीके से प्रदर्शित किया गया। शिक्षिकाओं द्वारा बच्चों के समग्र विकास के लिए अपनाई जा रही गतिविधियों और शिक्षण पद्धतियों को देखकर उपस्थित प्रतिभागियों ने सराहना की। सम्मेलन का प्रमुख भाग सेमिनार आधारित चर्चा एवं प्रस्तुतियों के लिए समर्पित रहा। इस दौरान आंगनवाड़ी शिक्षिकाओं एवं सेक्टर पर्यवेक्षकों ने अपने-अपने केंद्रों एवं सेक्टरों में किए जा रहे कार्यों, नवाचारों और बच्चों के सीखने के स्तर में आए सकारात्मक बदलावों को साझा किया।
सम्मेलन में कुल पाँच प्रस्तुतियाँ दी गईं, जिनमें सेक्टर पर्यवेक्षक श्रीमती कल्पना अले एवं श्रीमती सनिता कुर्रे सहित आंगनवाड़ी शिक्षिकाएँ श्रीमती मीरा साहू, श्रीमती गायत्री गायकवाड एवं श्रीमती हेमलता साहू ने अपने अनुभव प्रस्तुत किए। प्रस्तुतकर्ताओं ने बताया कि बच्चों की सहभागिता आधारित गतिविधियों, खेल-आधारित शिक्षण पद्धति तथा नियमित अभ्यासों से बच्चों के सीखने के स्तर में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है।
कार्यक्रम के दौरान साझा किए गए अनुभवों एवं चर्चाओं से यह स्पष्ट हुआ कि इस प्रकार के सम्मेलन शिक्षिकाओं के बीच बेहतर अभ्यासों के आदान-प्रदान, आपसी सीख एवं नवाचारों को बढ़ावा देने में अत्यंत प्रभावी भूमिका निभाते हैं। प्रतिभागियों ने इसे प्रेरणादायक एवं उपयोगी पहल बताते हुए भविष्य में भी ऐसे आयोजनों की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर सीडीपीओ विद्यानंद बोरकर द्वारा सभी प्रस्तुतकर्ताओं को प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया तथा उनके उत्कृष्ट कार्यों एवं समर्पण की सराहना की गई।आयोजन को आंगनवाड़ी शिक्षिकाओं, सेक्टर पर्यवेक्षकों एवं विभागीय अधिकारियों द्वारा अत्यधिक सराहा गया। यह सम्मेलन आंगनवाड़ी केंद्रों में गुणवत्तापूर्ण ECCE सुनिश्चित करने तथा शिक्षिकाओं की क्षमता वृद्धि की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं सकारात्मक पहल साबित हुआ।