प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष बेमेतरा श्रीमती सरोजनंद दास ने बैठक लेकर अधिकारियों को दिए निर्देश

नेशनल लोक अदालत के सफल आयोजन हेतु न्यायिक एवं प्रशासनिक अधिकारियों की संयुक्त बैठक आयोजित 
बेमेतरा 23 अप्रैल 2026 - आगामी 09 मई 2026 को आयोजित होने वाली नेशनल लोक अदालत के सफल संचालन एवं अधिक से अधिक प्रकरणों के निराकरण के उद्देश्य से जिला स्तर पर न्यायिक एवं प्रशासनिक अधिकारियों की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बेमेतरा श्रीमती सरोज नंद दास द्वारा की गई। 
         बैठक में कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाई, पुलिस अधीक्षक रामकृष्ण साहू, प्रथम जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश देवेन्द्र कुमार, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मोहित सिंह, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्रीमती स्वर्णलता ओम यादव, अपर कलेक्टर प्रकाश कुमार भारद्वाज तथा जिला जेल अधीक्षक राहुल पाण्डेय सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। 
     बैठक के दौरान पुलिस विभाग को निर्देशित किया गया कि न्यायालय द्वारा प्री-सीटिंग हेतु जारी किए जा रहे नोटिसों की तामिली समयबद्ध एवं प्रभावी ढंग से सुनिश्चित की जाए, ताकि अधिक से अधिक पक्षकार लोक अदालत में उपस्थित होकर अपने प्रकरणों का निराकरण करा सकें। साथ ही बैंक अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर परक्राम्य लिखित अधिनियम की धारा 138 (चेक बाउंस) से संबंधित प्रकरणों में आपसी सुलह एवं समझौते के माध्यम से अधिक से अधिक मामलों के निराकरण पर जोर दिया गया। 
बैठक में यह भी चर्चा की गई कि बैंक रिकवरी एवं अन्य राजस्व से जुड़े मामलों को प्री-लिटिगेशन स्तर पर ही समय-सीमा में प्रस्तुत कर उनका निराकरण सुनिश्चित किया जाए। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे पक्षकारों से संवाद स्थापित कर सौहार्दपूर्ण तरीके से विवादों के समाधान हेतु प्रेरित करें, जिससे न्यायालयों में लंबित प्रकरणों का बोझ कम हो सके। 
      इसके अतिरिक्त लोक अदालत में लंबित एवं प्री-लिटिगेशन प्रकरणों जैसे समझौता योग्य आपराधिक मामले, चेक बाउंस, मोटर दुर्घटना दावा, वैवाहिक एवं पारिवारिक विवाद, सिविल वाद, बिजली एवं पानी बिल बकाया, आपदा क्षतिपूर्ति से जुड़े मामलों के निराकरण के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार पर भी जोर दिया गया। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि चौक-चौराहों पर होर्डिंग, फ्लैक्स एवं पाम्पलेट्स के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों तक जानकारी पहुंचाई जाए, ताकि लोक अदालत का अधिकतम लाभ आम नागरिकों को मिल सके।