पशु तस्करों पर कार्यवाही की मांग को लेकर अड़े, दो दिनों में कार्यवाही करने के आश्वासन पर हुए शांत
बजरंग दल व गौ सेवकों ने थाना साजा पर पशु तस्करों को संरक्षण देने व सांठगांठ का लगाया आरोप
थान खम्हरिया मामले में नवंबर माह के चक्काजाम में भी मिला था एक माह में कार्यवाही करने का आश्वासन, जो अब तक हैं ठंडे बस्ते में
बेमेतरा 30 मार्च 2026 - पशु तस्करी मामले में कार्यवाही नहीं कर उन्हें छोड़ने का आरोप लगाते हुए बजरंग दल व गौ सेवकों द्वारा सोमवार 30 मार्च को बेमेतरा जिले के थाना साजा का घेराव कर उग्र आंदोलन, धरना प्रदर्शन कर मामले में कार्यवाही कर दोषियों पर केस दर्ज कर गिरफ्तार किए जाने की मांग की गई। घेराव व धरना प्रदर्शन को देखते हुए एसडीओपी बेमेतरा भूषण एक्का सहित अतिरिक्त पुलिस बल थाना साजा पहुंची। धरना प्रदर्शन की जानकारी उच्च अधिकारियों को दी गई, जिस पर पुलिस विभाग के उच्च अधिकारियों द्वारा दो दिनों में कार्यवाही करने की बात कहने पर प्रदर्शन को शांत कर खत्म किया गया।
साजा थाना के घेराव व धरना प्रदर्शन में विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल जिला सह संयोजक गणेश वैष्णव, हरीश चौहान, धीरज साहू, दुर्गेश पटेल, हीरा वर्मा, विनोद राजपूत, रोमन पांडेय, कौशल साहू, दशरथ, शरद वर्मा, गणपत साहू, सोनू साहू, सिताहू ध्रुव, राजू निर्मलकर सहित सैकड़ो बजरंगी भाई व गौ सेवक उपस्थित रहें।
मामला के संबंध में विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल जिला सह संयोजक गणेश वैष्णव द्वारा बताया गया कि 26 मार्च गुरुवार को पशु तस्करी की सूचना पर ग्राम कोदवा में एक मेटाडोर को बजरंग दल व गौ सेवकों द्वारा पकड़ा गया, पूछताछ में गलत जानकारी व फर्जी पत्र दिखाया गया, जिस पर साजा पुलिस को सूचित कर वाहन को थाना के सुपुर्द कर एफआईआर के लिए लिखित आवेदन दिया गया था, जिस पर थाना साजा द्वारा दूसरे ही दिन शुक्रवार को सुपुर्द वाहन को पशु सहित छोड़ दिया गया। थाना साजा में ना तो वाहन हैं, ना आरोपी और ना ही पशु हैं।
जिसकी जानकारी मिलने पर थाना साजा से संपर्क कर पूछा गया तो उन्होंने उन्हें छोड़ने की बात कही गई। जिस पर बेमेतरा जिले के हम सभी बजरंग दल व गौ सेवकों द्वारा आज सोमवार 30 मार्च को थाना साजा में घेराव, धरना प्रदर्शन कर जांच व कार्यवाही की मांग की गई। जिस पर पुलिस विभाग द्वारा दो दिनों में कार्यवाही करने का आश्वासन दिया गया है। वहीं अगर दो दिनों में कोई कार्यवाही नहीं हुई तो हमारे द्वारा और उग्र आंदोलन, धरना प्रदर्शन किया जाएगा, जिसकी जवाबदारी शासन प्रशासन की होगी।
यह हैं पूरा मामला - पशु तस्करी की सूचना पर 26 मार्च गुरुवार को ग्राम कोदवा में एक मेटाडोर को बजरंग दल व गौ सेवकों द्वारा पकड़ा गया, जिसमें 3 भैंसी, 1 भैंस व 2 बच्चे बिना चारा पानी के भरे हुए थे। पूछताछ में उन्हें पिपरभट्ठा बेमेतरा से लाना और मलाजखंड एमपी ले जाना बताया गया। उनके द्वारा गलत जानकारी व फर्जी पत्र दिखाया गया, जिस पर साजा पुलिस को सूचित कर वाहन को थाना के सुपुर्द कर एफआईआर के लिए आवेदन दिया गया, जिस पर थाना साजा द्वारा दूसरे ही दिन वाहन को पशु सहित छोड़ दिया गया।
बजरंग दल व गौ सेवकों ने सबूतों व प्रमाणों के साथ प्रश्न रखकर की कार्यवाही की मांग
प्रमाण
# एक ही दिन 26.3.26 को तिल्दा से पिपरभट्टा में खरीदी (पशु पालन हेतु)
# उसी दिन पिपरभट्टा से मलाजखंड में बिक्री
# पिपरभट्टा से मलाजखंड परिवहन के लिए कोई कागजात नहीं (परिवहनकर्ता व वाहन संबंधी)
# रायपुर RTO की फर्जी पत्र (एक नहीं थोक के भाव में 12-15), जिसे स्वयं उच्च अधिकारी ने बोगस (फर्जी) बताया
प्रश्न
# जिस पर कार्यवाही ना कर छोड़ा जाना सीधे तौर पर सांठगांठ व संरक्षण को इंगित करता हैं
# इन पर पशु क्रूरता के साथ फर्जी पत्र बनाने का अपराध दर्ज कर कार्यवाही किया जाना बनता है ना कि संरक्षण देकर छोड़ना
# क्या यही सच्चाई हैं पशु क्रूरता अधिनियम की
# क्या पशु क्रूरता पर कार्यवाही की बातें हैं सिर्फ कागजों, भाषणों व मीडिया प्रोपोगंडा का हिस्सा
बजरंग दल व गौ सेवकों ने कहा इन बेजुबान जानवरों, पशुओं (जिन्हें हम भगवान व माता का दर्जा देते हैं) पर अत्याचार बर्दास्त नहीं किया जाएगा। विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल व गौ सेवक सभी भाई इसको लेकर पीछे हटने वाले नहीं, चाहे इसको लेकर कुछ भी कदम उठाना पड़ें। हमें इंसाफ और न्याय चाहिए, जिसको हम लेकर रहेंगे, अब आगे की समस्त जवाबदारी प्रशासन की होगी।
थान खम्हरिया के मामले में भी मिला था आश्वासन, जिस पर आज तक कार्यवाही नहीं हुई
जिलें के थान खम्हरिया में 13 नवंबर 25 को तहसील कार्यालय के खुले सैप्टिक टैंक में गौ माता गिर गई थी, जिसको वहां पदस्थ अधिकारी द्वारा ध्यान नहीं दिया गया, जिससे उस गौ माता की मौत हो गई, जिसकी जानकारी अधिकारी को होने पर उनके द्वारा केमिकल डाल कर डिकंपोस कर खुले टंकी को पैक करा दिया गया। इस मामले की जानकारी 15 नवंबर 25 को बजरंग दल व गौ सेवकों को लगने पर कार्यालय जाकर पूछताछ किया गया, तब गौ माता को बाहर निकालकर हिन्दू रीति रिवाज से मिट्टी दिया गया था।
वहीं इस मामले में कार्यवाही को लेकर ग्राम कोदवा में 21 नवम्बर 25 को धरना प्रदर्शन एवं चक्काजाम किए जाने पर इन्हीं बजरंग दल व गौ सेवकों को एक माह में कार्यवाही करने का आश्वासन दिया गया था, मगर उस पर अब तक कोई कार्यवाही नजर नहीं आई।
कोदवा के पशु परिवहन मामले में जांच कर कार्यवाही किया गया है। बजरंग दल व गौ सेवकों द्वारा जांच व कार्यवाही पर असंतोष व्यक्त कर कमी बताई जा रही हैं, जिस पर उन्हें एसपी के पास पुनः जांच के लिए आवेदन लगाने बोला गया है। - आरएल टोंड्रे, थाना प्रभारी साजा