भ्रामक जानकारी फैलाने वालों पर हो कड़ी कार्रवाई और मांगे सार्वजनिक माफी - प्रदेश कांग्रेस अल्पसंख्यक महासचिव अमित जैन

रमजान आदेश विवाद पर सियासत गरम, सच कौन - वक्फ बोर्ड या सरकार 

प्रदेश कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग प्रदेश महासचिव अमित जैन ने उठाए सवाल, कार्यवाही और माफी की मांग 
प्रमोद गुप्ता/बेमेतरा 26 फरवरी 2026 - छत्तीसगढ़ में रमजान को लेकर जारी कथित आदेश के मामले ने अब राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेश महासचिव अमित जैन ने बयान जारी करते हुए छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष सलीम राज पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। 
     श्री जैन ने कहा कि 19 तारीख को जारी एक पत्र में रमजान माह के दौरान मुस्लिम कर्मचारियों को एक घंटे पहले कार्यालय छोड़ने की अनुमति शासन द्वारा दिए जाने की बात कही गई थी। यह पत्र सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हुआ और इसमें सरकार की नीतियों का भी उल्लेख किया गया था। हालांकि बाद में उक्त पत्र को हटा लिया गया। 
     उन्होंने बताया कि इसके अगले ही दिन अल्पसंख्यक विभाग के सचिव अनुपम द्विवेदी ने आधिकारिक रूप से स्पष्ट किया कि राज्य शासन द्वारा ऐसा कोई आदेश जारी नहीं किया गया है तथा इस प्रकार की जानकारी भ्रामक और निराधार है। 
 
महासचिव श्री जैन ने सवाल उठाया कि आखिर प्रदेश की जनता को यह जानने का अधिकार है कि सच कौन बोल रहा है - वक्फ बोर्ड अध्यक्ष या शासन का आधिकारिक विभाग।  
  उन्होंने कहा कि यदि किसी पद पर बैठा व्यक्ति गलत या भ्रामक जानकारी फैलाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। 
 उन्होंने वक्फ बिल को लेकर दिए गए बयानों पर भी स्पष्टीकरण की मांग करते हुए कहा कि यदि नया वक्फ बिल मुसलमानों के हित में बताया जा रहा है, तो यह स्पष्ट किया जाए कि पुराने और नए कानून में क्या अंतर है और समुदाय को इससे वास्तविक लाभ क्या मिलेगा। 
महासचिव अमित जैन ने आरोप लगाया कि जुमे की नमाज में होने वाली तकरीरों के विषय तय करने संबंधी निर्देश देना धार्मिक परंपराओं में अनावश्यक हस्तक्षेप है। उन्होंने कहा कि तकरीरें स्थानीय परिस्थितियों और समाज के मुद्दों के आधार पर होती हैं, किसी व्यक्ति विशेष द्वारा विषय निर्धारित करना उचित नहीं है। 
     उन्होंने कहा कि रमजान और कर्मचारी रोजदार से जुड़े मामले में फैली भ्रामक जानकारी से लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं। इसलिए संबंधित व्यक्ति को सार्वजनिक रूप से स्पष्टीकरण देना चाहिए और यदि गलती हुई है तो माफी भी मांगनी चाहिए।