सिविल सर्जन डॉ लोकेश साहू के नेतृत्व में मातृ एवं शिशु अस्पताल बेमेतरा में प्रीमेच्योर शिशु का सफल उपचार

कलेक्टर के निर्देश व सीएमएचओ के मार्गदर्शन पर नवजात शिशु के लिए जीवनदायिनी साबित हो रहा जिला चिकित्सालय का एसएनसीयू विभाग 

सिविल सर्जन के नेतृत्व में एसएनसीयू में अब तक 159 प्रिमैच्योर व 1500 अन्य बीमार बच्चों का ईलाज
 
जिला चिकित्सालय बेमेतरा के एमसीएच में संचालित एसएनसीयू में गंभीर बिमारीयों का ईलाज व केएमसी का लाभ 
प्रमोद गुप्ता/बेमेतरा 27 फरवरी 2026 - स्वास्थ्य विभाग जिला बेमेतरा के जिला चिकित्सालय बेमेतरा में संचालित एसएनसीयू नवजात शिशु के लिए जीवनदाई साबित हो रहा है। कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाई एवं सीएमएचओ डॉ अमृत लाल रोहलेडर के मार्गदर्शन पर सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक डॉ लोकेश साहू के नेतृत्व में जिला चिकित्सालय के एमसीएच बिल्डिंग में संचालित यह एसएनसीयू विभाग में अभी तक लगभग 1500 से अधिक नवजात शिशुओं का सफल ईलाज किया जा चूका है। 

गंभीर बिमारीयों का ईलाज व केएमसी का महत्व 
जिला चिकित्सालय के एमसीएच बिल्डिंग में संचालित एसएनसीयू में नवजात जन्म के पश्चात कई गंभीर बिमारीयों जिनमें प्रमुख रूप से जन्म के पश्चात तुरन्त न रोना या देर से रोना, मीकोनियम एसपिरेशन, पीलिया श्वास नली में दिक्कत शॉक मस्ष्तिक संबधित गंभीर तकलीफ कन्जेनाईटल मॉलफारमेशन हाईपरथर्मिया, हाईपोग्लाशिमिया बच्चे को झटका आना ब्लीडिंग डाइरिया सॉस लेने में तकलीफ आदि कई बिमारियो के कारण एसएनसीयू में नवजात शिशु को भर्ती कर ईलाज किया जाता है, इनमें से प्रमुख बच्चों के भर्ती होने का कारण होता है प्रिमेच्योर व कम वजन का होना। जिसमें समय से पूर्व प्रसव है इन बच्चो को बचा पाना बहूत ही मुश्किल होता है, ऐसे बच्चों को लंबे समय तक एक अच्छे केयर की जरूरत होती है। इसमें माताओं को भी एसएनसीयू में मदर यूनिट में रखकर निरंतर बच्चों के सही देखभाल के विषय में काउंसिलिग कर यह समझाया जाता है कि ऐसे नवजात को कैसे दूध पिलाना है, दूध पिलाने के बाद डकार दिलाने का महत्व कंगारू मदर केयर (केएमसी) आदि कैसे दिया जाना है बताया जाता है। जिससे नवजात का सही व टारगेटेट वजन कैसे बढ़े निर्भर करता है। 

159 प्रिमैच्योर व 1500 अन्य बीमार बच्चों का ईलाज 
एसएनसीयू में अब तक लगभग 159 प्रिमैच्योर व कम वजन के बच्चे भर्ती हुए, जिनका डॉ. दीपक कुमार निराला शिशु रोग विशेषज्ञ एवं प्रशिक्षित स्टॉफ द्वारा उनका सफल ईलाज देखभाल कर डिस्चार्ज किया गया। अगर एसएनसीयू में अब तक संपूर्ण भर्ती की बात करे तो अब तक एसएनसीयू में लगभग 1500 बच्चे अन्य अलग-अलग बिमारियों के कारण भर्ती कर ईलाज किए जा चुके है। 

0.900 किग्रा बेबी वामिनी डगनिया (बेरला) एक माह में हुई 1.530 किग्रा 
इसी प्रकार एसएनसीयू मे बेबी ऑफ वामिनी बारले पिता बालक दास बारले (ग्राम डगनिया ब्लॉक बेरला जिला बेमेतरा) अपने कम वजन के कारण जिसका वजन मात्र 0.900 किग्रा था भर्ती किया गया था, जो कि एसएनसीयू जनवरी 6 को भर्ती हुआ था और लगभग एक माह तक एसएनसीयू में भर्ती था व अतंतः नवजात छुट्टी के समय 1.530 किग्रा वजन का हो चुका था। 

एसएनसीयू में कई गंभीर बिमारियों का ईलाज 
इसी प्रकार से जिला चिकित्सालय में संचालित एसएनसीयू में ऐसे कई गंभीर बिमारियों का सिविल सर्जन डॉ लोकेश साहू के नेतृत्व पर डॉ. दीपक कुमार निराला के द्वारा सफल ईलाज किया जा रहा है। वर्तमान में एमसीएच में पदस्थ शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ नीतेश चौबे के आने पर बच्चों के ईलाज सुविधा से क्षेत्र में बेमेतरा जिला वासियों को शिशु रोग के इलाज सुविधा में बढ़ोत्तरी हुई है। 

स्वच्छता का रखा जाता है विशेष रूप से ध्यान 
सिविल सर्जन डॉ लोकेश साहू ने बताया कि मातृ एवं शिशु अस्पताल में भर्ती होने वाले गर्भवती महिलाओं, प्रसव कक्ष, बच्चों को लेकर स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाता है, जिससे जच्चा बच्चा को किसी प्रकार के संक्रमण का सामना न करना पड़े। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी स्वच्छता गाइडलाईन तहत कार्य संपादित किया जाता है।