बारगांव (बेरला) स्कूल के संस्कृत शिक्षक को मिला प्रदेश संघ की कमान
हरियाणा की तर्ज पर छत्तीसगढ़ में संस्कृत विषय को पाठ्यक्रम में अनिवार्य करने तथा नवीन व्यावसायिक पाठ्यक्रम में सातवें विषय के रूप में शामिल करने ज्ञापन
प्रमोद गुप्ता/बेमेतरा 03 फरवरी 2026 - छत्तीसगढ़ संस्कृत शिक्षकों का बैठक 28 जनवरी को नवा रायपुर महानदी सरोवर के पास आयोजित किया गया। जिसमें सर्वसम्मति से शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बारगांव (बेमेतरा) के संस्कृत व्याख्याता दौलत राम साहू को छग संस्कृत शिक्षक संघ का नवनिर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष चुना गया। इस अवसर पर नरेश विश्वकर्मा, हुसैन लाल पुजेरी, दिनेश मंडावी, शंकर लाल साहू, यशोदा चौहान, दिनेश कुमार ध्रुव, कामिनी पिल्लई, ईश्वरी यदु, शिरीष श्रीवास्तव, सुरेखा सेन, शारदा साहू, कन्हैया लाल ठाकुर, तारूण साहू, मनोज कुमार वर्मा, गंगा राम साहू, नोयन बुडेक, डॉ नारायण साहू, डॉ कोमल वैष्णव, हेमंत शर्मा सहित प्रदेश के संस्कृत शिक्षक ने बधाई व शुभकामनाएं दी।
मालूम हो कि छत्तीसगढ़ संस्कृत शिक्षक संघ ने 28 जनवरी को शिक्षा सचिव और मुख्य सचिव को ज्ञापन सौंपा। इसमें छत्तीसगढ़ के सभी स्कूलों में संस्कृत विषय को कक्षा 6 वीं से 10 वीं तक हरियाणा राज्य के तर्ज पर पूर्व की भांति पाठ्यक्रम में अनिवार्य करने तथा नवीन व्यावसायिक पाठ्यक्रम को सातवें विषय के रूप में शामिल करने कि मांग की थी।
संस्कृत विषय को अनिवार्य करने सीएम व विस अध्यक्ष को ज्ञापन
संघ के शिक्षकों ने बताया कि शिक्षा मंत्री की 25 अगस्त को हुई समीक्षा बैठक में बिन्दु क्रमांक 13 में अंकित कक्षा 6 वीं से लेकर कक्षा 10 वीं तक संस्कृत विषय को अनिवार्य करने एससीईआरटी रायपुर को कार्यवाही के लिए निर्देशित किया गया है। जिसका आदेश आज पर्यन्त जारी नही किया गया है। इस बात की जानकारी के लिए 07 सितम्बर को मठपुरैना सरयु पारिण भवन में आयोजित विराट् संस्कृत विद्वत सम्मेलन में उपस्थित मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह को भी ज्ञापन सौंपा गया था, किन्तु आज पर्यन्त धरातल स्तर पर कार्य कोषों दूर दिखाई दे रहा हैं। इससे प्रदेश के संस्कृत शिक्षक काफी निराशा है कि भारतीय ज्ञान परंपरा व संस्कृति सभ्यता और संस्कार परक भारतीय संविधान में सर्वोच्च स्थान प्राप्त आठवीं अनुसूची में शामिल संस्कृत भाषा के साथ अपने ही राष्ट्र में प्रदेश में ऐसा षड्यंत्र चल रहा है।