कृषि कालेज बेमेतरा अधिष्ठाता डॉ संदीप भंडारकर के निर्देशन पर विद्यार्थियों ने किया राइस मिल भ्रमण कर अवलोकन

कृषि महाविद्यालय ढोलिया के चतुर्थ वर्ष के विद्यार्थियों का रावे कार्यक्रम अंतर्गत शैक्षणिक भ्रमण 

श्री सालासर राइस मिल में आधुनिक धान प्रसंस्करण तकनीकों का प्रत्यक्ष अवलोकन कर जाना धान से चावल बनने की प्रक्रिया 
प्रमोद गुप्ता/बेमेतरा 07 जनवरी 2026 - कृषि महाविद्यालय ढोलिया बेमेतरा के अधिष्ठाता डॉ संदीप भंडारकर के निर्देशानुसार महाविद्यालय के चतुर्थ वर्ष के छात्र छात्राओं द्वारा रावे कार्यक्रम के अंतर्गत श्री सालासर राइस मिल का शैक्षणिक भ्रमण आयोजित किया गया। इस भ्रमण का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को धान से चावल बनने की आधुनिक प्रोसेसिंग तकनीकों की व्यावहारिक जानकारी प्रदान करना था। 

आधुनिक मशीनरी की कार्यप्रणाली से कराया गया परिचय 
राइस मिल के संचालक ने विद्यार्थियों को मिल में प्रयुक्त धान क्लीनर मशीन एवं डी-स्टोनर मशीन की कार्यप्रणाली के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पूर्व में धान की सफाई एवं प्रसंस्करण कार्य में अधिक समय एवं श्रम की आवश्यकता होती थी, लेकिन आधुनिक मशीनों के उपयोग से यह कार्य अब कम समय में, कम लागत एवं कम मजदूरों द्वारा किया जा रहा है। वर्तमान में इन मशीनों को मात्र दो से तीन मजदूरों द्वारा आसानी से संचालित किया जा सकता है। 

धान से चावल बनने की संपूर्ण प्रक्रिया का अवलोकन 
शैक्षणिक भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने धान की सफाई, ग्रेडिंग, डी-स्टोनिंग एवं चावल निर्माण की पूरी प्रोसेसिंग श्रृंखला को प्रत्यक्ष रूप से देखा। इससे विद्यार्थियों को कक्षा में पढ़ाए गए सैद्धांतिक ज्ञान को व्यावहारिक स्तर पर समझने का अवसर मिला। 

प्राध्यापकों एवं विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता 
इस शैक्षणिक भ्रमण में सहायक प्राध्यापक, जिन्होंने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। भ्रमण में छात्र-छात्राओं में नीतीश राज, नीतीश, लोकेश, दुर्गेश, धर्मेंद्र, लखन, आदर्श, माया, मोनिका, निशि, महिमा, ख्याति, पूनम सहित चतुर्थ वर्ष के समस्त विद्यार्थी शामिल हुए। विद्यार्थियों ने इस भ्रमण को अत्यंत उपयोगी बताते हुए कहा कि इससे उन्हें कृषि आधारित उद्योगों, मूल्य संवर्धन एवं स्वरोजगार की संभावनाओं को समझने में सहायता मिली है। यह भ्रमण छात्रों के व्यावसायिक कौशल एवं उद्यमिता विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हुआ। 

व्यावहारिक शिक्षा की दिशा में सार्थक पहल 
कृषि महाविद्यालय द्वारा आयोजित यह शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों को आधुनिक कृषि प्रसंस्करण तकनीकों से जोड़ने तथा उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने की दिशा में एक सराहनीय एवं प्रेरणादायक प्रयास रहा।